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Panipat News: चीनी मिल ने इस बार 65 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का रखा लक्ष्य
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पानीपत। चीनी मिल प्रबंधन ने चौथे पेराई सत्र को लेकर तैयारी पूरी कर ली हैं। इस बार करीब 65 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा है। यह गन्ना जिले के करीब 2600 किसानाें का रहेगा। यहां किसानों के लिए कैंटीन, विश्राम गृह, पेयजल, शौचालय, सफाई समेत बांड इत्यादि की पूरी तैयारी की गई है। अबकी बार गन्ने से दस प्रतिशत चीनी रिकवरी का प्रयास रहेगा। साथ ही बिजली निगम को करीब 32 करोड़ रुपये की बिजली भी बेचने की तैयारी है।
चीनी मिल 20 नवंबर को चलाया जा सकता है। इस बार इसको देखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। रात को किसानों को परेशान न हो इसके लिए हाई मास्ट लाइट लगाई जाएगी। मिल की मशीनों के रखरखाव का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। किसानों को भी सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
बॉक्स
पिछले साल 147 दिन चला था मिल
पिछले साल मिल करीब 147 दिन तक चला था। जिसमें करीब 63 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी और 9.29 प्रतिशत की चीनी रिकवरी की गई थी। मिल ने अपनी टरबाइन से करीब सवा चार करोड़ बिजली की यूनिट का का उत्पादन भी किया जिसे बिजली निगम को सवा चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा गया। मिल में चीनी उत्पादन की बात करें तो इस बार मिल ने 5.73 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि शुगर मिल का पेराई सत्र नवंबर 2023 को शुरू हुआ था। जो अप्रैल 2024 तक चालू रहा। मशीनों को बंद करने से 24 घंटे पहले एक बार बंद कर रिस्टार्ट किया जाता है।
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आंकड़ों की बात करें तो 15 अप्रैल तक मिल में करीब 5.73 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया। इस हिसाब से मिल में चीनी की रिकवरी का रेट 9.31 प्रतिशत रहा। जबकि उससे पिछले साल चीनी का उत्पादन करीब 6.03 लाख क्विंटल रहा था। जिसका रिकवरी प्रतिशत 9.56 रहा। इस बार करीब 63 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई जबकि साल 2022 में 64.31 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की थी। वहीं, मिल की टरबाइन से बिजली उत्पादन की बात की जाए तो मिल ने 147 दिनों में अब तक करीब 4.19 करोड़ यूनिट का उत्पादन किया है। इसे बिजली निगम को 4.24 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा गया।
वर्जन :
चीनी मिल एमडी मनदीप कुमार ने बताया कि मिल के पेराई सत्र की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। विशेष तौर पर किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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चीनी मिल 20 नवंबर को चलाया जा सकता है। इस बार इसको देखते हुए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। रात को किसानों को परेशान न हो इसके लिए हाई मास्ट लाइट लगाई जाएगी। मिल की मशीनों के रखरखाव का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। किसानों को भी सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
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पिछले साल 147 दिन चला था मिल
पिछले साल मिल करीब 147 दिन तक चला था। जिसमें करीब 63 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की गई थी और 9.29 प्रतिशत की चीनी रिकवरी की गई थी। मिल ने अपनी टरबाइन से करीब सवा चार करोड़ बिजली की यूनिट का का उत्पादन भी किया जिसे बिजली निगम को सवा चार रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा गया। मिल में चीनी उत्पादन की बात करें तो इस बार मिल ने 5.73 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि शुगर मिल का पेराई सत्र नवंबर 2023 को शुरू हुआ था। जो अप्रैल 2024 तक चालू रहा। मशीनों को बंद करने से 24 घंटे पहले एक बार बंद कर रिस्टार्ट किया जाता है।
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आंकड़ों की बात करें तो 15 अप्रैल तक मिल में करीब 5.73 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन किया गया। इस हिसाब से मिल में चीनी की रिकवरी का रेट 9.31 प्रतिशत रहा। जबकि उससे पिछले साल चीनी का उत्पादन करीब 6.03 लाख क्विंटल रहा था। जिसका रिकवरी प्रतिशत 9.56 रहा। इस बार करीब 63 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई जबकि साल 2022 में 64.31 लाख क्विंटल गन्ना पेराई की थी। वहीं, मिल की टरबाइन से बिजली उत्पादन की बात की जाए तो मिल ने 147 दिनों में अब तक करीब 4.19 करोड़ यूनिट का उत्पादन किया है। इसे बिजली निगम को 4.24 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बेचा गया।
वर्जन :
चीनी मिल एमडी मनदीप कुमार ने बताया कि मिल के पेराई सत्र की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। विशेष तौर पर किसानों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी।