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Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   There are no doctors at Ayushman Arogya Mandir, let alone treatment, even consultation is not available.

Panipat News: आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नहीं हैं चिकित्सक, इलाज तो दूर परामर्श तक नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 24 Dec 2025 02:16 AM IST
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There are no doctors at Ayushman Arogya Mandir, let alone treatment, even consultation is not available.
कुटानी ​स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर। स्रोत : सोशल मीडिया
पानीपत। स्वास्थ्य विभाग के आयुष्मान आरोग्य मंदिर (उप-स्वास्थ्य केंद्र ) पर चिकित्सक नहीं हैं। हालात ऐसे में हैं कि जिले के 69 आयुष्मान आरोग्य मंदिर में से मात्र 26 पर ही चिकित्सक हैं। बाकी 43 खाली पड़े हैं। ऐसे में मरीजों व ग्रामीणों को परामर्श तक नहीं मिल पा रहा है। इनको कई-कई किलोमीटर दूर सीएचसी, पीएचसी या फिर जिला नागरिक अस्पताल में जाना पड़ता है।
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स्वास्थ्य विभाग द्वारा सीएचसी-पीएचसी से लगभग पांच से सात किलोमीटर के क्षेत्र में आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए गए हैं। ताकि लोगों को इलाज व दवा के लिए सीएचसी-पीएचसी, जिला नागरिक अस्पताल तक की दौड़ न लगानी पड़े लेकिन जिले के 69 में से 26 केंद्र बिना सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) के ही चल रहे हैं जिनका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। यही नहीं केंद्रों पर 120 में से 75 प्रतिशत दवा ही मिल पा रही हैं। जिले में अब तक केवल 30 केंद्रों को ही नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स ( एनक्यूएएस ) सर्टिफिकेट और 13 केंद्रों को राज्य स्तर पर सर्टिफिकेट मिला है बाकी के 26 केंद्र बिना सीएचओ के ही चल रहे हैं।
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30 केंद्रों को ही एनक्यूएएस सर्टिफिकेट
जिले में 69 आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं जिन्हें 12 पैकेज की सुविधाएं मरीजों को देने के लिए ही एनक्यूएएस सर्टिफिकेट दिया जाता है लेकिन जिले के 26 केंद्र तो बिना सीएचओ के ही चल रहे हैं जिनका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उन्हें इलाज व दवा के लिए सीएचसी-पीएचसी या जिला नागरिक अस्पताल तक की दौड़ लगानी पड़ रही है। अब तक केवल 30 केंद्रों को ही एनक्यूएएस सर्टिफिकेट मिल पाया है बाकी 13 को राज्य स्तर पर सर्टिफिकेट मिला है।
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25 प्रतिशत दवा तक नहीं
केंद्रों पर विभाग की ओर से 120 प्रकार की दवा भेजी जाती है जिनमें फोलिक एसिड, आयरन, कैल्शियम, बीपी, शुगर, टीबी, बुखार, बच्चों की, गर्भवतियों की अनेक प्रकार की दवा केंद्रों पर मिलती है लेकिन केंद्रों पर 25 प्रतिशत दवा नहीं मिलती है जिससे लोगों को उन्हें बाहर से खरीदना पड़ता है जो उन्हें महंगी पड़ती है।


केंद्रों पर लगभग 120 प्रकार की दवा दी जाती है। जिले में कुछ केंद्रों पर सीएचओ की सीट खाली है जल्द ही इनकी भर्ती की जाएगी ताकि लोगों को सीएचसी-पीएचसी या जिला नागरिक अस्पताल तक की दौड़ न लगानी पड़े और पास में ही इलाज व दवा मिल पाए।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
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