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Panipat News: यमुना नदी में पिलर लगाने का काम इसी सप्ताह होगा शुरू
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सनौली। यमुना नदी के अंदर हरियाणा व यूपी सीमा रेखा पर पिलर लगाने का काम इसी सप्ताह शुरू कर दिया जाएगा। पीडब्ल्यूडी द्वारा यमुना नदी में दोनों प्रदेशों की सीमा रेखा पर पिलर लगाने का 5.12 करोड रुपये का टेंडर पंचकूला की एटी कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया है। ठेकेदार ने पिलर बनाने का सारा सामान रेत, कोरसेंट, बजरी, सिमेंट व सरिया लाकर यमुना पुल के पास लाकर करीब 25 दिन पहले ही डाल दिया था। ठेकेदार की लेबर द्वारा अब पिछले 10-15 दिनों से पिलर बनाने के लिए सरियों के जाल यानि ढांचा तैयार किये जा रहे है। ठेकेदार की पिलर बनाने के लिए जमीन में बोर करने वाली मशीन भी यमुना के पास ही खडी हुई है। अधिकारियों के अनुसार सर्वे ऑफ इंडिया की टीम द्वारा दोनों प्रदेशों की सीमा रेखा पर लगने वाले पिलरों के प्वाईंट बतलाने थे और उसके चलते ही पिलर लगाने के काम में कुछ देरी हुई है। लेकिन सर्वे ऑफ इंडिया की टीम ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को अब ऑनलाइन निशान दे दिए गए है और पीडब्ल्यूडी ने सर्वेयर के माध्यम से उन प्वाईंटों को चिह्नित कर लिया गया है।
राणा माजरा गांव से लेकर हथवाला गांव तक करीब 35 किमी में लगेंगे पिलर :
सनौली।
राणा माजरा गांव से लेकर हथवाला गांव तक करीब 35 किमी के एरिया में यमुना नदी में सीमा रेखा पर पिलर लगाए जाएंगे। सीमा रेखा पर यमुना में 212 बडे पिलर, 90 रेफरेंस पिलर व पांच सब रेफरेंस पिलर लगाए जाने है। हरियाणा के पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ओड नंबर के पिलर और इतने ही पिलर यूपी सरकार द्वारा ईवन नंबर के लगवाए जाएंगे। हालांकि यमुना में पिलर लगाने का करीब एक माह का ही समय है और बारिश का मौसम शुरू होने पर यमुना में पानी आने पर पिलर लगना संभव नहीं होगा।
बाक्स दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच करीब चार दशक से चल रहा जमीनी विवाद होगा समाप्त :
सनौली। यूपी के जिला शामली व बागपत से करीब 35 किमी की सीमा लगती है। यमुना नदी के दोनों तरफ बिलकुल किनारे पर पानीपत व यूपी के दो दर्जन से ज्यादा गांव स्थित है। दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच करीब चार दशक से विभिन्न गांवों में सीमा रेखा को लेकर जमीनी विवाद होता रहता है। जिसके चलते दोनों प्रदेशों के किसानों पर दोनों ही प्रदेश के पुलिस थानों में मामले दर्ज हो चुके है। यमुना में पिलर लगने से दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच चार दशकों से चल रहा जमीनी विवाद समाप्त हो जाएगा। बता दे कि दीक्षित अवार्ड के बाद 1974-75 में सर्वे ऑफ इंडिया ने यमुना नदी में पिलर लगवाए थे लेकिन चार-पांच साल में ही कुछ पिलर तो यमुना के तेज बहाव में बह गए, कुछ रेत खनन के चलते उखड गए और कुछ किसानों ने भी उखाड दिए। उसके बाद से ही दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच काफी गांवों में यमुना नदी में सीमा रेखा को लेकर विवाद चल रहा है।
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वर्जन :
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सविता पान्नु ने बताया कि विभाग व ठेकेदार ने पिलर लगाने की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा पिलर वाले ऑन लाइन प्वाइंट हरियाणा-यूपी सीमा रेखा पर यमुना नदी में पिलर लगाने का काम इसी सप्ताह शुरू होगा। विभाग ने सर्वेयर द्वारा प्वाइंट तय कर दिए हैं।
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राणा माजरा गांव से लेकर हथवाला गांव तक करीब 35 किमी में लगेंगे पिलर :
सनौली।
राणा माजरा गांव से लेकर हथवाला गांव तक करीब 35 किमी के एरिया में यमुना नदी में सीमा रेखा पर पिलर लगाए जाएंगे। सीमा रेखा पर यमुना में 212 बडे पिलर, 90 रेफरेंस पिलर व पांच सब रेफरेंस पिलर लगाए जाने है। हरियाणा के पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा ओड नंबर के पिलर और इतने ही पिलर यूपी सरकार द्वारा ईवन नंबर के लगवाए जाएंगे। हालांकि यमुना में पिलर लगाने का करीब एक माह का ही समय है और बारिश का मौसम शुरू होने पर यमुना में पानी आने पर पिलर लगना संभव नहीं होगा।
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बाक्स दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच करीब चार दशक से चल रहा जमीनी विवाद होगा समाप्त :
सनौली। यूपी के जिला शामली व बागपत से करीब 35 किमी की सीमा लगती है। यमुना नदी के दोनों तरफ बिलकुल किनारे पर पानीपत व यूपी के दो दर्जन से ज्यादा गांव स्थित है। दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच करीब चार दशक से विभिन्न गांवों में सीमा रेखा को लेकर जमीनी विवाद होता रहता है। जिसके चलते दोनों प्रदेशों के किसानों पर दोनों ही प्रदेश के पुलिस थानों में मामले दर्ज हो चुके है। यमुना में पिलर लगने से दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच चार दशकों से चल रहा जमीनी विवाद समाप्त हो जाएगा। बता दे कि दीक्षित अवार्ड के बाद 1974-75 में सर्वे ऑफ इंडिया ने यमुना नदी में पिलर लगवाए थे लेकिन चार-पांच साल में ही कुछ पिलर तो यमुना के तेज बहाव में बह गए, कुछ रेत खनन के चलते उखड गए और कुछ किसानों ने भी उखाड दिए। उसके बाद से ही दोनों प्रदेशों के किसानों के बीच काफी गांवों में यमुना नदी में सीमा रेखा को लेकर विवाद चल रहा है।
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वर्जन :
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन सविता पान्नु ने बताया कि विभाग व ठेकेदार ने पिलर लगाने की सारी तैयारी पूरी कर ली गई है। सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा पिलर वाले ऑन लाइन प्वाइंट हरियाणा-यूपी सीमा रेखा पर यमुना नदी में पिलर लगाने का काम इसी सप्ताह शुरू होगा। विभाग ने सर्वेयर द्वारा प्वाइंट तय कर दिए हैं।