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Panipat News: सरकार को 100 करोड़ का राजस्व देने वाले टेक्सटाइल नगरी को नहीं कोई सहारा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Jan 2026 03:00 AM IST
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The textile city, which generates Rs 100 crore in revenue for the government, has no support.
पानीपत। सरकार को करीब 100 करोड़ का राजस्व देने वाली पानीपत की इंडस्ट्री में मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही हैं। सरकार के स्तर पर घोषित बड़े प्रोजेक्ट आज तक योजनाओं में ही दबे पड़े हैं। अमेरिका के टैरिफ की मार से जूझ रहे निर्यातक और उद्यमियों को सुविधाओं की कमी में अपने उद्योग चलाने मुश्किल हो गए हैं। उद्यमी समस्याओं के समाधान और नए प्रोजेक्ट की मांग के लिए अधिकारियों व स्थानीय नेताओं से लेकर बड़े स्तर पर अपनी बात रख चुके हैं, इसमें अब तक कोई रास्ता नहीं मिल पाया है।
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उद्यमियों को मुख्यमंत्री नायब सैनी के साथ प्री-बजट बैठक से कुछ उम्मीद हैं। उद्यमियों ने सेक्टर-25 जिमखाना क्लब में होने वाल बैठक के लिए 21 प्रमुख मुद्दों को शामिल किया है। प्री-बजट बैठक में पानीपत के अलावा सोनीपत व करनाल के भी औद्योगिक संगठनों के प्रधान और सचिव शामिल होंगे। प्रशासन ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है। बैठक दोपहर बाद दो बजे शुरू हो सकती है।
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औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारी पिछले दो दिन से बैठक समस्याओं व उनके समाधान पर चर्चा कर रहे हैं। एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों ने पानीपत के औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों के साथ मंगलवार को जिमखाना क्लब में बैठक की। एचएसआईआईडी के मुख्यालय से चीफ को-ऑर्डिनेटर सुनील शर्मा और ईओ सतेन कुंडू शामिल हुए। हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स, हैंडलूम एक्सपोर्ट एसोसिएशन, डायर्स एसोसिएशन, इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन सेक्टर-29-1 समेत विभिन्न औद्योगिक सेक्टर की एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह बैठक करीब तीन घंटे तक चली, इसमें मुख्यमंत्री नायब सिंह के साथ प्री-बजट की बैठक के विषयों पर चर्चा की।
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उद्योगों की एक ही कैटेगरी हो, टैरिफ में भी राहत
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि पानीपत में करीब 37 हजार छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। करीब 20 हजार करोड़ का निर्यात और करीब 80 हजार करोड़ रुपये का घरेलू बाजार है। सीएम के साथ बुधवार को होने वाली प्री-बजट बैठक के लिए 21 प्रमुख प्रस्ताव बनाए गए हैं। चैंबर द्वारा सभी संगठनों के प्रतिनिधियों से बात कर इनको तय किया है। पानीपत में औद्योगिक इकाइयों को चार कैटेगरी में बांटा है। एक कैटेगरी में करीब 70 प्रतिशत इकाइयां हैं, इनमें अपेक्षाकृत सुविधा नहीं मिल पा रही हैं, इससे उद्यमियों को परेशानी होती है। अमेरिका टैरिफ के बाद पानीपत का करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात लगभग खत्म हो गया है। सरकार के स्तर पर उद्यमियों को सहायता राशि, सब्सिडी या ब्याज में छूट दी जानी चाहिए।


एग्जीबिशन सेंटर और लैब की मांग प्रमुख
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि पानीपत के हैंडलूम उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग है। चीन समेत कई देशों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में टक्कर दी जा रही है। उत्पादों की जांच और प्रदर्शनी के लिए पानीपत में कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं हैं। वे एग्जीबिशन सेंटर और अंतरराष्ट्रीय स्तर की लैब की मांग करते आ रहे हैं। आज तक कुछ नहीं मिला, ऐसे में उद्यमियों को दिल्ली या नोएडा के एग्जीबिशन सेंटर में जाना पड़ता है। यहीं पर लैब में उत्पादों की जांच करानी पड़ती है, इससे रुपया और समय दोनों बर्बाद होते हैं। पानीपत में टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट तक नहीं बनाया जा सका है। यह करीब 10 एकड़ में बनाया जाना चाहिए।




कॉमन बॉयलर और जेडएलडी की मांग
डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नीतिन अरोड़ा ने बताया कि कॉमन बॉयलर और जेडएलडी बड़ी मांग है। वे लंबे समय से इनकी मांग उठा रहे हैं। एक प्राइवेट कंपनी को पीपीपी मोड़ पर कॉमन बॉयलर लगाना है। कंपनी इससे आगे डाइंग उद्यमियों से चार्ज लेनी। यह सिरे नहीं चढ़ पा रहा है। उद्यमियों को ग्रैप के लागू होने पर उद्योगों को बंद रखना पड़ता है, इसके अलावा सीपीसीबी के छापे का डर बना रहता है। डाइंग उद्यमी जीरो लिक्विड डिस्चार्ज (जेडएलडी) की मांग कर रहे हैं। सीईटीपी चालू होने पर 60 प्रतिशत काम हो चुका है। अब अधिकारी पानी को शोधित कर फिर बहा रहे हैं। करीब 50 एमएलडी खराब हो रहा है। जेडएलडी पर 200 से 300 करोड़ का खर्च आएगा, इसके अलावा उद्यमियों को गैस पर सब्सिडी दी जाएं।





-पानीपत में करीब 37 हजार छोटी बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं

-इनमें से करीब 26 हजार औद्योगिक इकाइयां अवैध क्षेत्रों में हैं

-ऐसे में उद्यमियों को मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पाती

-उद्यमियों को विभागों की जांच और छापे का बना रहता है डर

-उद्यमी उद्योगों को लगातार नियमित करने की उठा रहे हैं मांग

-सीएम के साथ बुधवार को प्री-बजट बैठक में उद्यमी करेंगे चर्चा

हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के 21 मांगों को रखा जाएगा।
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