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नजरें छिपाता रहा सूर्य तो हावी हुई शीतलहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 14 Jan 2022 01:57 AM IST
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The sun kept hiding the eyes, then the cold wave dominated
पानीपत। वीरवार को बादलों में सूर्य नजरें छिपाता रहा तो शीतलहर हावी हो गई। ठंड बढ़ने से लोगों की कंपकंपी छूट गई। आसमान में बादल से पशु-पक्षी भी बेहाल दिखे। मौसम विशेषज्ञों ने अभी ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है। उनका कहना है कि आने वाले दिनों में हवा की दिशा में बदलाव होने से कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा पड़ेगा।
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गत 4 जनवरी से आए मौसम में बदलाव के बाद 9 जनवरी तक बारिश व बूंदाबांदी का दौर जारी रहा। इसके बाद शीतलहर की दस्तक से ठंडक ने तेजी पकड़ ली। नश्तर की तरह चुभती बर्फीली हवाओं ने लोगों को कंपकंपा दिया। वीरवार को भी आसमान में बादल छाए रहे, दिनभर सूर्य देव के दर्शन नहीं हुए। वीरवार को तापमान 16.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रात का न्यूनतम तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
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ज्यादातर लोगों ने घर में रहकर अलाव जलाकर ठंड दूर करने का प्रयास किया। ठंडी हवाओं के कारण राहगीरों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। कड़ाके की ठंड से जहां पशु पक्षियों का जीवन भी अस्त व्यस्त रहा। वातावरण में नमी की मात्रा 69 प्रतिशत और हवा की गति करीब 8 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।
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किसानों के लिए वरदान से कम नहीं बूंदाबांदी व शीतलहर
बूंदाबांदी और शीतलहर से एक तरफ आम आदमी की परेशानी बढ़ी है, दूसरी तरफ किसानों के लिए ये किसी वरदान से कम नहीं। हालांकि निचले क्षेत्र में खेतों में बारिश का पानी भरने से कुछ फसलों विशेषकर सब्जी की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। कृषि वैज्ञानिकों के मुताबिक गेहूं की फसल इसी मौसम और तापमान में सही तरीके से पकती है। शीतलहर और कोहरा गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद होगा।

मौसमी सिस्टमों के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आया है। आगामी लगभग एक सप्ताह तक भीषण ठंड व ठंडी हवाओं का प्रकोप जारी रह सकता है। बूंदाबांदी के लिहाज से मौसम साफ रहेगा। लेकिन कड़ाके की ठंड के साथ कोहरे के पड़ने की संभावना है। -डॉ. डीएस बुंदेला़, मौसम वैज्ञानिक।
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