{"_id":"60f083ab8ebc3e029e2c41cd","slug":"the-shopkeepers-of-fatehpuri-chowk-market-are-facing-severe-recession-since-last-one-month-panipat-news-knl766137179","type":"story","status":"publish","title_hn":"खर्चे जस के तस,व्यापार बचा केवल 50 प्रतिशत,दुकानदारी चलानी हुई मुश्किल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खर्चे जस के तस,व्यापार बचा केवल 50 प्रतिशत,दुकानदारी चलानी हुई मुश्किल
विज्ञापन
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बाद जनजीवन के साथ ही व्यवसाय भी अस्त व्यस्त हो गया है। महामारी की दूसरी लहर में लगे दूसरे लॉकडाउन के बाद से दुकानदारों का व्यापार उभर नहीं पा रहा है। जिला वासियों में कोरोना महामारी का डर बरकरार है, शायद इसीलिए दुकानदारों को मंदी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं कुछ दुकानदारों का कहना है कि दूसरी लहर ने लोगों की जेब भी खाली कर दी है, जिसकी वजह से वह पहले की तरह खरीदारी नहीं कर रहे हैं। त्योहारों से लेकर निजी समारोहों तक को लोग हर्षोल्लास के साथ बड़े स्तर पर नहीं मना पा रहे हैं। इसका असर कारोबार पर भी पड़ा है। महामारी के दौर में लोगों की आमदनी में भी कमी आई है। व्यापारी वर्ग की परेशानी कारोबार में कमी को लेकर तो है ही, साथ ही सरकार से किसी तरह की रियायत न मिलने से भी व्यवसायी परेशान हैं।
आमदनी नहीं, खर्चे निकालना हुआ मुश्किल
लॉकडाउन तो हट गया, लेकिन आने वाले दिनों में न तो कोई त्योहार है और न विवाह का सीजन। ऐसे में सोने-चांदी के गहनों की खरीद के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। बाजार में मांग न होने के कारण कारोबार ठप पड़ा हुआ है, लेकिन खर्च उसी तरह बने हुए हैं।
- प्रीतम लाल मल्होत्रा, ममता ज्वैलर्स
राहत के साथ चिंता भी
कारोबार शुरू हो जाने पर राहत तो महसूस कर रहे हैं, लेकिन बाजार में ग्राहकों की कमी से चिंतित हैं। महामारी के चलते लोगों की आमदनी में कमी आई है, लोग सिर्फ जरूरत की खरीदारी ही कर रहे हैं। ऐसे में पुराने माल का स्टाक ही बेच पाना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
- अमन बतरा, दुकानदार
बाजार मंदी का शिकार
खर्चा जस का तस बना हुआ है, आमदनी केवल 50 प्रतिशत बची है। लॉकडाउन के चलते फतेहपुरी मार्केट मंदी का शिकार हो गई है। सरकार ने उद्योगों को तो कुछ राहत दी है, लेकिन व्यापारियों को नहीं। छोटे व मध्यम स्तर के व्यापारियों के लिए कारोबार कर पाना मुश्किल है।
- शेर सिंह, दुकानदार
आमदनी न के बराबर
लॉकडान से कारोबार में गिरावट आने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के दौरान स्टाफ का वेतन व अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। आमदनी न के बराबर है। आने वाले दिनों में भी बाजार में तेजी आने की उम्मीद नहीं है। सरकार को कुछ कदम उठाने चाहिए।
- सुुुुभाष कक्कड़, दुकानदार
मांग ही नहीं तो कारोबार कैसे बढ़ेगा
बाजार में मांग ही नहीं है। इस हाल में कारोबार कैसे बढ़ेगा। बाजार में कुछ समय और मांग बढ़े तो शायद स्थिति में कुछ सुधार हो। हम सभी दुकानदार इंतजार कर रहे हैं कि बाजार में मांग बढ़ेगी।
- विजेंद्र पांचाल, दुकानदार
शादियों, मांगलिक कार्यक्रमों का नहीं मिला लाभ
शादियों और मांगलिक आयोजनों के दौरान सामानों की बिक्री ज्यादा होती है। ऐसे आयोजन स्थगित और सीमित होने का असर पड़ा है। जैसे ही शादियों का सीजन आ जाएगा शायद तब दुकानदारी पटरी पर आ सकती है।
- राजपाल, दुकानदार
नया स्टॉक नहीं मंगवाया
सामान न बिकने के बाद हम नया स्टॉक नहीं मंगवा रहे हैं। यदि हमने नया स्टॉक मंगवा लिया और नहीं बिका तो हमे ज्यादा नुकसान हो जाएगा। नया स्टॉक नहीं मंगवाया गया है और कीमत बढ़ गईं हैं अब आगे नया माल महंगा मिलने वाला है।
- मोहन कक्कड़, दुकानदार
अब तो दीपावली तक करना होगा इंतजार
अब शायद दीपावली तक ही इंतजार करना होगा। फिलहाल तो बाजार में ग्राहक ही नहीं हैं। दीपावली के समय यदि कोरोना महामारी की तीसरी लहर ने दस्तक नहीं दी तो सभी बेफिक्र होकर खरीदारी कर सकेंगे। दीपावली पर हर कोई घरों से खरीदारी करने के लिए निकलेगा।
-दिनेश कक्कड़, दुकानदार
विज्ञापन
आमदनी नहीं, खर्चे निकालना हुआ मुश्किल
लॉकडाउन तो हट गया, लेकिन आने वाले दिनों में न तो कोई त्योहार है और न विवाह का सीजन। ऐसे में सोने-चांदी के गहनों की खरीद के लिए लोग नहीं आ रहे हैं। बाजार में मांग न होने के कारण कारोबार ठप पड़ा हुआ है, लेकिन खर्च उसी तरह बने हुए हैं।
विज्ञापन
- प्रीतम लाल मल्होत्रा, ममता ज्वैलर्स
राहत के साथ चिंता भी
कारोबार शुरू हो जाने पर राहत तो महसूस कर रहे हैं, लेकिन बाजार में ग्राहकों की कमी से चिंतित हैं। महामारी के चलते लोगों की आमदनी में कमी आई है, लोग सिर्फ जरूरत की खरीदारी ही कर रहे हैं। ऐसे में पुराने माल का स्टाक ही बेच पाना मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
- अमन बतरा, दुकानदार
बाजार मंदी का शिकार
खर्चा जस का तस बना हुआ है, आमदनी केवल 50 प्रतिशत बची है। लॉकडाउन के चलते फतेहपुरी मार्केट मंदी का शिकार हो गई है। सरकार ने उद्योगों को तो कुछ राहत दी है, लेकिन व्यापारियों को नहीं। छोटे व मध्यम स्तर के व्यापारियों के लिए कारोबार कर पाना मुश्किल है।
- शेर सिंह, दुकानदार
आमदनी न के बराबर
लॉकडान से कारोबार में गिरावट आने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लॉकडाउन के दौरान स्टाफ का वेतन व अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। आमदनी न के बराबर है। आने वाले दिनों में भी बाजार में तेजी आने की उम्मीद नहीं है। सरकार को कुछ कदम उठाने चाहिए।
- सुुुुभाष कक्कड़, दुकानदार
मांग ही नहीं तो कारोबार कैसे बढ़ेगा
बाजार में मांग ही नहीं है। इस हाल में कारोबार कैसे बढ़ेगा। बाजार में कुछ समय और मांग बढ़े तो शायद स्थिति में कुछ सुधार हो। हम सभी दुकानदार इंतजार कर रहे हैं कि बाजार में मांग बढ़ेगी।
- विजेंद्र पांचाल, दुकानदार
शादियों, मांगलिक कार्यक्रमों का नहीं मिला लाभ
शादियों और मांगलिक आयोजनों के दौरान सामानों की बिक्री ज्यादा होती है। ऐसे आयोजन स्थगित और सीमित होने का असर पड़ा है। जैसे ही शादियों का सीजन आ जाएगा शायद तब दुकानदारी पटरी पर आ सकती है।
- राजपाल, दुकानदार
नया स्टॉक नहीं मंगवाया
सामान न बिकने के बाद हम नया स्टॉक नहीं मंगवा रहे हैं। यदि हमने नया स्टॉक मंगवा लिया और नहीं बिका तो हमे ज्यादा नुकसान हो जाएगा। नया स्टॉक नहीं मंगवाया गया है और कीमत बढ़ गईं हैं अब आगे नया माल महंगा मिलने वाला है।
- मोहन कक्कड़, दुकानदार
अब तो दीपावली तक करना होगा इंतजार
अब शायद दीपावली तक ही इंतजार करना होगा। फिलहाल तो बाजार में ग्राहक ही नहीं हैं। दीपावली के समय यदि कोरोना महामारी की तीसरी लहर ने दस्तक नहीं दी तो सभी बेफिक्र होकर खरीदारी कर सकेंगे। दीपावली पर हर कोई घरों से खरीदारी करने के लिए निकलेगा।
-दिनेश कक्कड़, दुकानदार