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बारिश ने धोए दावे, लगा जाम
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पानीपत। बारिश के दौरान जीटी रोड से गुजरते हुए वाहन।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। एक बार फिर से बुधवार अलसुबह से हो रही बारिश ने शहर में जलभराव करते हुए निगम के दावों को धो दिया है। शहर की सभी मुख्य सड़कों पर कई घंटों तक जाम लगा रहा। सुबह 4 बजे से लेकर शाम 8 बजे तक अच्छी बारिश हुई, इसके बाद सुबह करीब 9 बजे से दोपहर तीन बजे तक मध्यम बारिश रही। इसके बाद भी पानी की फुव्वारें शहरवासियों को भिगोती रही। शहर के जीटी रोड से लगते तकरीबन सभी मेन बाजार, संजय चौक, लाल बत्ती एरिया, अनाज मंडी में जलभराव से राहगीर परेशान हुए।
जनप्रतिनिधियों ने भी बारिश के पानी की निकासी न होने को शहर की एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने ये भी दावे किए कि बरसाती पानी की निकासी को लेकर जल्द ही कोई मास्टर प्लान तक बनाया जाएगा। चूंकि ये समस्या आज से नहीं बल्कि करीब तीस साल से बरकार है। हर मानूसन के सीजन में शहर का यही हाल होता है। दूसरी ओर निगम ने निकासी व्यवस्था का ठीकरा शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर फोड़ा। निगम का कहना था कि इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से सीवर व नाले चोक हो जाते हैं। इसकी वहज से सफाई नहीं हो पाती। दूसरी खास बात ये है कि नगर निगम ने बरसाती सीजन को देखते हुए भी नाला गैंग के टेंडर को बढ़ाया था, इसके बाद भी शहर के नालों व सीवरों की सफाई नहीं हो पाई। जिसका खामियाजा अब शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
शहर में नगर निगम के अधीन करीब 157 किलोमीटर लंबी नाले व नालियों हैं। इनकी सफाई के लिए निगम ने 150 कर्मचारियों की नाला गैंग व एक जेसीबी मशीन को लगाया है। निगम का दावा है कि उन्होंने मानूसन की तैयारियां पहले ही कर ली थी। काम को पूरा करने के दावे भी किए गए थे। शहर की इस बारिश ने फिर से निगम के इन दावों को फेल साबित कर दिया।
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निकासी की करवाई जा रही व्यवस्था- सफाई शाखा
शहर में निकासी व्यवस्था की देखरेख जारी है। जलभराव की समस्या का तुंरत प्रभाव से निगम निवारण भी कर रहा है। जहां से भी शिकायत मिलती है शिकायत को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की जाती है।
जितेंद्र कुमार, सीएसआई, नगर निगम, पानीपत।
शहर में 48 घंटे में बरसे 71 एमएम मेघा
पानीपत। शहर में पिछले दो दिनों में करीब 71 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद इसराना में 70 एमएम बारिश, मतलौडा में 55 एमएम, समालखा में 15 एमएम और बापौली में सबसे कम सिर्फ 4 एमएम ही बारिश दर्ज की गई। पानीपत, इसराना और मतलौडा में बारिश ने चारों तरफ जलभराव कर दिया। मंगलवार दोपहर को बारिश केवल 45 मिनट के करीब हुई लेकिन मूसलाधार रही। वहीं, बुधवार को बारिश सुबह 4 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक रही। पूरा दिन बारिश की बौछारें बरसती रही।
मंगलवार से बुधवार तक पानीपत में 65 एमएम, समालखा में 04 एमएम, इसराना में 40 एमएम, बापौली में 0 एमएम, मतलौडा में 37 एमएम बारिश हुई। वहीं, बुधवार को पानीपत में 06 एमएम, समालखा में 11 एमएम, इसराना में 30 एमएम, बापौली 04 एमएम, मतलौडा में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई।
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जनप्रतिनिधियों ने भी बारिश के पानी की निकासी न होने को शहर की एक गंभीर समस्या बताया। उन्होंने ये भी दावे किए कि बरसाती पानी की निकासी को लेकर जल्द ही कोई मास्टर प्लान तक बनाया जाएगा। चूंकि ये समस्या आज से नहीं बल्कि करीब तीस साल से बरकार है। हर मानूसन के सीजन में शहर का यही हाल होता है। दूसरी ओर निगम ने निकासी व्यवस्था का ठीकरा शहर में चल रही अवैध डेयरियों पर फोड़ा। निगम का कहना था कि इन डेयरियों से निकलने वाले वेस्ट की वजह से सीवर व नाले चोक हो जाते हैं। इसकी वहज से सफाई नहीं हो पाती। दूसरी खास बात ये है कि नगर निगम ने बरसाती सीजन को देखते हुए भी नाला गैंग के टेंडर को बढ़ाया था, इसके बाद भी शहर के नालों व सीवरों की सफाई नहीं हो पाई। जिसका खामियाजा अब शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
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शहर में नगर निगम के अधीन करीब 157 किलोमीटर लंबी नाले व नालियों हैं। इनकी सफाई के लिए निगम ने 150 कर्मचारियों की नाला गैंग व एक जेसीबी मशीन को लगाया है। निगम का दावा है कि उन्होंने मानूसन की तैयारियां पहले ही कर ली थी। काम को पूरा करने के दावे भी किए गए थे। शहर की इस बारिश ने फिर से निगम के इन दावों को फेल साबित कर दिया।
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निकासी की करवाई जा रही व्यवस्था- सफाई शाखा
शहर में निकासी व्यवस्था की देखरेख जारी है। जलभराव की समस्या का तुंरत प्रभाव से निगम निवारण भी कर रहा है। जहां से भी शिकायत मिलती है शिकायत को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की जाती है।
जितेंद्र कुमार, सीएसआई, नगर निगम, पानीपत।
शहर में 48 घंटे में बरसे 71 एमएम मेघा
पानीपत। शहर में पिछले दो दिनों में करीब 71 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसके बाद इसराना में 70 एमएम बारिश, मतलौडा में 55 एमएम, समालखा में 15 एमएम और बापौली में सबसे कम सिर्फ 4 एमएम ही बारिश दर्ज की गई। पानीपत, इसराना और मतलौडा में बारिश ने चारों तरफ जलभराव कर दिया। मंगलवार दोपहर को बारिश केवल 45 मिनट के करीब हुई लेकिन मूसलाधार रही। वहीं, बुधवार को बारिश सुबह 4 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक रही। पूरा दिन बारिश की बौछारें बरसती रही।
मंगलवार से बुधवार तक पानीपत में 65 एमएम, समालखा में 04 एमएम, इसराना में 40 एमएम, बापौली में 0 एमएम, मतलौडा में 37 एमएम बारिश हुई। वहीं, बुधवार को पानीपत में 06 एमएम, समालखा में 11 एमएम, इसराना में 30 एमएम, बापौली 04 एमएम, मतलौडा में 18 एमएम बारिश दर्ज की गई।