{"_id":"673fc0898c8a92d21c0f7337","slug":"the-master-servant-relationship-between-god-and-man-the-slave-panipat-news-c-246-1-ymn1002-128729-2024-11-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"परमेश्वर और मनुष्य के बीच स्वामी-सेवक का संबंध : दासी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परमेश्वर और मनुष्य के बीच स्वामी-सेवक का संबंध : दासी
विज्ञापन
छछरौली। गीता-भागवत प्रचार सेवा ट्रस्ट वृंदावन के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथामृत का आयोजन सामुदायिक सभागार में किया जा रहा है। इस कथा के पांचवें दिन कथा वाचक जीवानुगा शैलवासिनी दासी ने मनुष्य को भक्ति का ज्ञान कराया।
उन्होंने कहा कि मनुष्य का परमेश्वर के साथ नित्य स्वामी-सेवक का संबंध है। भक्ति के मार्ग पर चल कर ही परमेश्वर को प्राप्त किया जा सकता है। जो परमेश्वर को प्राप्त कर लेगा वह जन्म-मरण के चक्र मुक्त हो जाएगा और भगवान के धाम को प्राप्त करेगा।
उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की लीला का भी बहुत सुंदर वर्णन किया। इस भव्य श्री मद्भागवत कथामृत में विकास बंसल, सपन शर्मा, रजत सिंगला, राकेश गुप्ता, संजय गोयल, विनय अग्रवाल, संजीव गुप्ता, कश्मीरी भारती और भक्त वृंद छछरौली के अन्य सदस्य सम्मिलित हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि मनुष्य का परमेश्वर के साथ नित्य स्वामी-सेवक का संबंध है। भक्ति के मार्ग पर चल कर ही परमेश्वर को प्राप्त किया जा सकता है। जो परमेश्वर को प्राप्त कर लेगा वह जन्म-मरण के चक्र मुक्त हो जाएगा और भगवान के धाम को प्राप्त करेगा।
विज्ञापन
उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की लीला का भी बहुत सुंदर वर्णन किया। इस भव्य श्री मद्भागवत कथामृत में विकास बंसल, सपन शर्मा, रजत सिंगला, राकेश गुप्ता, संजय गोयल, विनय अग्रवाल, संजीव गुप्ता, कश्मीरी भारती और भक्त वृंद छछरौली के अन्य सदस्य सम्मिलित हुए।
विज्ञापन