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Panipat News: विजिलेंस जांच के बीच ही प्लॉट आवंटित कर सरकार को लगाई करोड़ों की चपत

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 09 Aug 2024 06:51 AM IST
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The government lost crores of rupees by allotting the plot even during the investigation.
पानीपत। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण में फर्जी तरीके से अलाॅट किए गए प्लॉट की चल रही विजिलेंस जांच के बीच ही बिना कन्वेंस डीड (किसी संपत्ति के स्वामित्व को एक व्यक्ति से दूसरे को हस्तांतरित करने के लिए आवश्यक दस्तावेज) के कंप्लीशन देने का मामला सामने आया है। यही नहीं इसमें गलत पत्र को आधार बनाकर कई अन्य प्लॉट तक अलॉट किए गए हैं। इससे एचएसवीपी को करीब 35 करोड़ के राजस्व का नुकसान हुआ है। इस संबंध में संपदा अधिकारी को शिकायत दी गई है।
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शिकायकर्ता जोगिंद्र स्वामी ने बताया कि सेक्टर-25 पार्ट- 2 के एक प्लॉट की फर्जी तरीके से अलॉटमेंट की विजिलेंस जांच चल रही है। इसके बावजूद एचएसवीपी अधिकारियों ने फर्जीवाड़ा कर बिना कन्वेंस डीड के ही इसकी कंप्लीशन कर दी, जबकि करीब डेढ़ माह पहले मुख्य प्रशासक ने इसी प्लॉट के अलॉटमेंट को रद्द करने की सिफारिश की थी। इसके बावजूद एचएसवीपी के अधिकारियों ने बिना सही तथ्यों के प्लॉट तक की अलॉटमेंट कर दी। इसका फायदा जूनियर अधिकारियों ने प्रॉपर्टी डीलरों के साथ मिलकर उठाया। एक डीलर ने तो इन्हीं तथ्यों पर अपने आठ प्लॉट तक अलॉट करवा लिए। उन्होंने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री, अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा, मुख्य प्रशासक पंचकूला, प्रशासक एचएसवीपी रोहतक, डीजीपी एंटी करप्शन ब्यूरो, चीफ विजिलेंस ऑफिसर एचएसवीपी को भी दी है।
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पाॅलिसी बनने से पहले ही प्लॉट किया अलॉट
स्वामी ने बताया कि सेक्टर-25 पार्ट- 2 कमला रानी ने मुख्य प्रशासक को ऑस्टिज कोटे से प्लाट देने की मांग की। इस पर सीए एचएसवीपी ने सरकार को सलाह के लिए भेजा कि इनको किस नियम शर्ताें के तहत प्लाट दिया जाए। इस पर अतिरिक्त मुख्य सचिव ने लिखा कि इन अलाॅटियों को अगर पुरानी शर्तों पर प्लाट देना है तो विभाग पॉलिसी बनाए, तब कोई आगामी कार्रवाई करे। इसे मुख्यमंत्री ने पॉलिसी बनाने के लिए स्वीकृति दी लेकिन मुख्यालय में कार्यरत सुपरिटेंडेंट भारत भूषण ने इस पत्र को ही वैध लिखकर अलॉटमेंट पत्र जारी कर दिया।
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डीलर ने अपने आठ प्लाट जुड़वाए-
स्वामी ने आरोप लगाए कि उक्त आधार पर एचएसवीपी अधिकारियों ने नवीन नाम के एक डीलर और अस्थायी सुपरिंटेंडेंट नितिन के साथ मिलीभगत कर ऑस्टिज कोटे की फाइलों के प्लाॅट 735पी, 232ए, 1061, 1413, 1412, 975, 568 ए, 568बी के साथ जोड़ कर फर्जी तरीके से बिना अनुमति के पत्र जारी करवा लिए। जबकि इनमें से कुछ आवेदकों को 2008 में ही रिजेक्ट कर रखा था। इसकी शिकायत उन्होंने 28 अगस्त 2020 को मुख्यमंत्री, मुख्य प्रशासक, प्रशासक रोहतक, संपदा अधिकारी एचएसवीपी को दी है, जिसकी जांच मुख्य सतर्कता अधिकारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण पंचकूला द्वारा की जा रही है।

मुख्य प्रशासक ने भी लिया संज्ञान-
स्वामी ने कहा कि प्रशासक हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण रोहतक ने 28 जून 2024 को अपनी जांच रिपोर्ट में माना कि प्लाॅट नंबर 726 की अधिकृत भूमि 75 प्रतिशत से कम है। इसलिए यह प्लाट देना नहीं बनता और इसको कैंसल किया जाना चाहिए। बावजूद जूनियर अधिकारी ने दलालों और अलाॅटियो को फायदा पहुंचाने की नीयत से बिना कन्वेंस डीड ही इसकी कंप्लीशन जारी कर दी।
वर्जन:
अभी शिकायत मिली है, जिसकी जांच की जाएगी। इसके बाद ही नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
योगेश रंगा, संपदा अधिकारी, एचएसवीपी।
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