{"_id":"69dab89a910a01eac20f4fdb","slug":"the-doctor-is-in-court-today-notice-affixed-to-the-chamber-aggravates-patients-distress-panipat-news-c-244-1-pnp1007-155312-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: डॉक्टर आज कोर्ट में हैं, कक्ष पर चस्पा नोटिस ने बढ़ाया मरीजों मर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: डॉक्टर आज कोर्ट में हैं, कक्ष पर चस्पा नोटिस ने बढ़ाया मरीजों मर्ज
विज्ञापन
दोपहर दो बजे रेडियोलॉजिस्ट का बंद पड़ा कक्ष। संवाद
पानीपत। डॉक्टर आज कोर्ट में हैं। जिला नागरिक अस्पताल में रेडियोलोजिस्ट के कक्ष पर चस्पा नोटिस पूरा दिन मरीजों की मर्ज बढ़ाता रहा। रेडियोलॉजिस्ट कोर्ट से आने के बाद अस्पताल में अपने बकाया काम निपटाने में लगे रहे। ऐसे में अल्ट्रासाउंड कराने आए मरीज खासकर महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। रेडियोलॉजिस्ट के पूरा दिन अस्पताल ओपीडी में न आने पर करीब 25 मरीजों को बिना अल्ट्रासाउंड के लौटना पड़ा। वहीं सामान्य सर्जन ओपीडी से करीब सवा घंटे पर उठकर चले गए। उनके जाने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। साथ ही फार्मेसी पर सभी दवा न मिलने पर मरीजाें को महंगी दवा बाहर से खरीदनी पड़ी।
जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे ही मरीज पहुंचना शुरू हो गए। ओपीडी नौ बजे शुरू होते ही लोगों ने पंजीकरण कराना शुरू कर दिया। मौसम के बदलाव के चलते ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारियों के रहे। फिजिशियन के पास सबसे अधिक मरीज रहे। वहीं चर्म रोग विशेष ज्ञ डॉ. राघवेंद्र के पास मरीजों की लंबी लाइन लगी। अस्पताल में शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराने आए मरीजों को चिकित्सक कक्ष के बाहर नोटिस चस्पा मिला। मरीज बाहर ही बैठकर चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। रेडियोलॉजिस्ट कई बार अपने केबिन में आए, लेकिन मरीजों की जांच नहीं की। वे अपना रिकॉर्ड लेकर पिछला बाकी काम और रिपोर्ट बनाने में लगे रहे। मरीजों ने दोपहर बाद दो बजे वापस जाना शुरू कर दिया। वहीं तीन में से कोई सर्जन पूरा समय ओपीडी में नहीं रहे। वे सवा घंटे पहले ओपीडी छोड़कर चले गए।
ओपीडी में चिकित्सक नहीं, फार्मेसी पर दवा नहीं मिलती
मरीजों को चिकित्सक से मिलने व दवा लेने में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एक मरीज को पंजीकरण, चिकित्सक से इलाज व दवा लेने में करीब तीन घंटे का समय लग रहा है। कृष्णा कॉलोनी प्रियंका ने बताया कि वह सुबह नौ बजे अस्पताल आई थी। पंजीकरण कराने में उसे एक घंटा लगा। फिजिशियन कक्ष के बाहर लंबी लाइन होने से 40 मिनट खड़े होना पड़ा। फिर दवा लेने के लिए एक घंटे से ज्यादा समय खड़े रहने के कारण उसे चक्कर आ गए और वह वहीं लाइन में ही बेहोश हो गई। लोगों ने उनकी पर्ची पर दवा लेकर दी। वे कुछ देर आराम करने के बाद घर लौटी। शिव चौक के किशन ने बताया कि उनको पेट में दर्द है। वह दोपहर एक बजे अस्पताल आए। पंजीकरण कराने में 20 मिनट का समय लगा। जरनल सर्जन से मिलने में 15 मिनट का समय लगा। सर्जन ने उसे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। वहां की पर्ची बनवाकर दो बजे रेडियोलॉजिस्ट के पास अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचा तो उनका कक्ष बंद मिला। उन्हें बिना अल्ट्रासाउंड लौटना पड़ा।
विज्ञापन
अस्पताल में फार्मेसी पर चार काउंटर हैं, इसके साथ ही जन औषधि विभाग है। यहां से मरीज दवा ले सकते हैं। रेडियोलोजिस्ट कक्ष के बाहर काउंटर बनाया गया है। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में शनिवार को सुबह साढ़े आठ बजे ही मरीज पहुंचना शुरू हो गए। ओपीडी नौ बजे शुरू होते ही लोगों ने पंजीकरण कराना शुरू कर दिया। मौसम के बदलाव के चलते ज्यादातर मरीज मौसमी बीमारियों के रहे। फिजिशियन के पास सबसे अधिक मरीज रहे। वहीं चर्म रोग विशेष ज्ञ डॉ. राघवेंद्र के पास मरीजों की लंबी लाइन लगी। अस्पताल में शनिवार को अल्ट्रासाउंड कराने आए मरीजों को चिकित्सक कक्ष के बाहर नोटिस चस्पा मिला। मरीज बाहर ही बैठकर चिकित्सक के आने का इंतजार करते रहे। रेडियोलॉजिस्ट कई बार अपने केबिन में आए, लेकिन मरीजों की जांच नहीं की। वे अपना रिकॉर्ड लेकर पिछला बाकी काम और रिपोर्ट बनाने में लगे रहे। मरीजों ने दोपहर बाद दो बजे वापस जाना शुरू कर दिया। वहीं तीन में से कोई सर्जन पूरा समय ओपीडी में नहीं रहे। वे सवा घंटे पहले ओपीडी छोड़कर चले गए।
विज्ञापन
ओपीडी में चिकित्सक नहीं, फार्मेसी पर दवा नहीं मिलती
मरीजों को चिकित्सक से मिलने व दवा लेने में घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। एक मरीज को पंजीकरण, चिकित्सक से इलाज व दवा लेने में करीब तीन घंटे का समय लग रहा है। कृष्णा कॉलोनी प्रियंका ने बताया कि वह सुबह नौ बजे अस्पताल आई थी। पंजीकरण कराने में उसे एक घंटा लगा। फिजिशियन कक्ष के बाहर लंबी लाइन होने से 40 मिनट खड़े होना पड़ा। फिर दवा लेने के लिए एक घंटे से ज्यादा समय खड़े रहने के कारण उसे चक्कर आ गए और वह वहीं लाइन में ही बेहोश हो गई। लोगों ने उनकी पर्ची पर दवा लेकर दी। वे कुछ देर आराम करने के बाद घर लौटी। शिव चौक के किशन ने बताया कि उनको पेट में दर्द है। वह दोपहर एक बजे अस्पताल आए। पंजीकरण कराने में 20 मिनट का समय लगा। जरनल सर्जन से मिलने में 15 मिनट का समय लगा। सर्जन ने उसे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। वहां की पर्ची बनवाकर दो बजे रेडियोलॉजिस्ट के पास अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचा तो उनका कक्ष बंद मिला। उन्हें बिना अल्ट्रासाउंड लौटना पड़ा।
विज्ञापन
अस्पताल में फार्मेसी पर चार काउंटर हैं, इसके साथ ही जन औषधि विभाग है। यहां से मरीज दवा ले सकते हैं। रेडियोलोजिस्ट कक्ष के बाहर काउंटर बनाया गया है। मरीजों को परेशानी नहीं होने दी जा रही है।
- डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।

दोपहर दो बजे रेडियोलॉजिस्ट का बंद पड़ा कक्ष। संवाद