फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   The couple cheated crores of rupees by pretending to sell the factory

Panipat News: फैक्टरी बेचने का झांसा दे दंपती ने ठगे करोड़ाें

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 07 Mar 2025 01:29 AM IST
विज्ञापन
The couple cheated crores of rupees by pretending to sell the factory

विज्ञापन
पानीपत। शातिर ठगों ने सेक्टर 29 पार्ट टू में फैक्टरी बेचने के नाम पर व्यक्ति पर एक व्यक्ति से 1.18 करोड़ रुपये ठग लिए। आरोपियों ने पीड़ित को अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी दे दिया।
जांच में इसका खुलासा हुआ तो पीड़ित ने इसकी शिकायत सेक्टर 13-17 थाना पुलिस में दी। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी दंपती के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अब मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन

पुलिस को दी शिकायत में अंसल सुशांत सिटी निवासी कमल आहुजा ने बताया कि उसकी मुलाकात अजय गुप्ता और उसकी पत्नी रेनू गुप्ता से हुई थी। दोनों ने उसे बताया कि वे अजीजुलापुर गांव स्थित महक स्पिनर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक हैं। उनकी एक फैक्टरी सेक्टर 29 पार्ट टू में है। 547 वर्गमीटर में बनी इस फैक्टरी को वह बेचना चाहते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

22 अप्रैल 2022 को उनकी फैक्टरी खरीदने की डील 2.75 करोड़ में पक्की हो गई। उसने 20 लाख रुपये का चेक अग्रिम राशि के रूप में उन्हें दे दिया। इसके बाद 10 जुलाई 2022 को उसने दंपती को 40 लाख रुपये दिए। 27 अगस्त को 8.17 लाख रुपये दिए। इसके बाद इन्हें 50 लाख रुपये दिए गए। इस तरह उन्होंने अब तक कुल 1.18 करोड़ रुपये आरोपियों को दे दिए।
इकरारनामा की शर्तों अनुसार, उसने इन्हें आगामी कार्रवाई के लिए कहा तो आरोपियों ने एक दरखास्त 18 अगस्त 2023 को एचएसआईआईडीसी को लिखी।
जिसके बाद 22 अगस्त 2022 को विभाग की ओर से उन्हें बताया गया कि इस प्रॉपर्टी का कोई बकाया नहीं है। प्रोविजन ट्रांसफर उस पत्र में लिखी शर्तों के अनुसार जारी किया गया।
25 अगस्त को एचएसआईआईडीसी ने दोबारा से पत्र जारी किया गया। जिसमें आरोपियों द्वारा समय रहते विभाग की शर्तों को पूरा न करने के कारण उक्त प्रोविजनल ट्रांसफर 22 अगस्त 2023 को रद्द कर दिया गया।
उसने फैक्टरी का कंप्लीशन सर्टिफिकेट हरियाणा राज्य विकास प्राधिकरण में चेक कराया तो वह फर्जी मिला। जिस अधिकारी के हस्ताक्षर में उसमें दिखाए गए, वह उस दिन कार्यालय में नहीं था। उसके साथ धोखाधड़ी की गई। उसने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्होंने पैसे देने से इंकार कर दिया।

सेक्टर 13-17 पुलिस थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर दंपती पर केस दर्ज किया गया है। सभी कागजातों की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी होगा निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed