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पीटकर युवक को मौत के घाट उतारने वाले दोषी को पांच साल की सजा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 Mar 2022 02:09 AM IST
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The convict who beat up the youth to death was sentenced to five years
पानीपत। समालखा में मनाना फाटक के पास जयकुंवार को पीट-पीटकर मौत के घाट उतारने वाले राहुल उर्फ गोलू को सेशन जज मनीषा बतरा की अदालत ने दोषी करार देते हुए पांच साल की सजा सुनाई है। दोषी पर 26 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है, जिसे अदा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सटा काटनी होगी। दोषी ने सजा कम करने की अपील की और दलील रखी कि उसकी मां बीमार है, उसका पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड भी नहीं रहा है। न्यायाधीश ने उपरोक्त सभी दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया।
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जिला न्यायवादी राजेश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि समालखा के मनाना रोड निवासी राजेश पुत्र मांगेराम ने बताया कि उसका छोटा भाई जयकुंवार (24) था, जो असंध में एक मेडिकल स्टोर पर काम करता था। गत 25 सितंबर 2019 को शाम आठ बजे मनाना फाटक पर उसे जयकुंवार मिला। वह ठेके से निकलकर सड़क पर पहुंचे तो समालखा निवासी गोलू, सोनू और अंकुश से उनकी बहस हो गई और झगड़ा हो गया। तीनों में से एक ने उसकी आंख पर वार किया। जिसके बाद भाई जयकुंवार पर लात- घूंसों से हमला किया। काफी देर तक मारपीट करते रहे। उन्होंने शोर मचाया तो अधमरी हालत में छोड़कर फरार हो गए। लोढा कॉलोनी निवासी कृष्ण और रामफल ने भाई को अस्पताल पहुंचाया। जहां पर इलाज के दौरान 26 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी।
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तीन में दो आरोपी अब भी फरार, एसपी कार्यालय भेजी ऑर्डर कॉपी
उपरोक्त मामले में राहुल उर्फ गोलू के साथ उसका साथी सोनू और अंकुश भी वारदात में शामिल थे। फिलहाल दोनों पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। सेशन जज ने एसपी को लिखा कि पुलिस ने फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास नहीं किए।
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302 में हुई थी रिपोर्ट दर्ज, सेशन जज ने माना गैर इरादतन हत्या हुई
समालखा थाना पुलिस ने उपरोक्त मामले को आईपीसी की धारा 302, 323 और 34 के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। सेशन जज मनीषा बतरा ने हत्या न मानकर गैर-इरादतन हत्या मानते हुए अपना फैसला सुनाया। उन्होंने आईपीसी 304-बी और 34 के तहत पांच साल की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जबकि मारपीट की धारा 323 के तहत दोषी को छह माह की सजा और एक हजार रुपये जुर्माना लगाया, न देने पर एक माह की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
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