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सेक्टर समेत 27 साल पहले वैध हुई कॉलोनी भी बनी अवैध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 21 Oct 2022 02:21 AM IST
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The colony, which became legal 27 years ago, including the sector, also became illegal
पानीपत। खामियों से भरे याशी के सर्वे के भी प्रतिकूल प्रभाव आने शुरू हो गए हैं। इनमें सेक्टर 24 को भी अनअप्रूव्ड दिखा दिया गया है। मतलब सेक्टर का ये एरिया अब अवैध हो चुका है। दूसरी ओर सनौली रोड से लगती राज कॉलोनी को भी अवैध दिखाया गया है। जबकि यह कॉलोनी 27 साल पहले 1995 में अप्रूव यानी वैध हो चुकी थी। जिन घरों या प्रॉपर्टियों के रजिस्टरियों में खसरे नंबर तक तहसील में नियमित एरिया में आते थे वे भी अनियमित हो चुके हैं। सनौली रोड समेत जाटल रोड और असंध रोड से लगती कई कॉलोनियां भी पूरी तरह से अवैध दिखाई दे रही हैं। इससे निगम पार्षदों से लेकर जनता में भी रोष है।
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इसका ठीकरा निगम पार्षदों ने निगम की टैक्स ब्रांच पर फोड़ा है। पार्षदों का कहना है कि जब टैक्स ब्रांच के अधिकारियों को पहले से ही पता था कि सर्वे में 70 हजार संपत्तियों का डाटा सही नहीं है। ये पुराने डाटा से मिलान तक नहीं खाता, बावजूद इसके इसे अपलोड करा दिया गया। जिससे शहर के हजारों लोगों पर मुसीबत आन पड़ी है। लोग निगम कार्यालयों से लेकर पार्षदों के घरों के चक्कर काट रहे हैं। जिनकी रजिस्टरी होनी थी, टोकन बुक थे, वे लोग पूरा दिन तहसील में इंतजार कर वापस लौट रहे हैं।
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निगम अफसरों की यह कार्यप्रणाली संवदेनहीनता को दर्शाती है। इसलिए सदन में टैक्स ब्रांच के हर कर्मचारी और अधिकारी को बदलवाने का प्रस्ताव पास करवाया जाएगा। जिसके बाद इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेजा जाएगा। ये गलती छोटी नहीं, बहुत बड़ी है। जिसे माफ नहीं किया जा सकता। इस सर्वे की चेकिंग किए बिना ही पास करवाने की हरी झंडी किस आधार पर दी गई, ये विचार करने का विषय है।
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वर्जन-
याशी का सर्वे बहुत ज्यादा गलत है। वैध एरिया को भी अवैध दिखाया जा रहा है। इसे ठीक करना नामुमकिन है, जिससे शहर के लोग परेशान हैं। इस विषय पर कई पार्षदों से बात हुई है। जल्द ही इसे लेकर बैठक की जाएगी। सभी ने सर्वे को लागू करवाने में निगम अफसरों की कोताही बरतना बताया है। इसे लेकर सदन की बैठक में इनके खिलाफ प्रस्ताव पास कराया जाएगा। जिसमें पूरी टैक्स ब्रांच को बदलवाने की सिफारिश की जाएगी।
- रविंद्र भाटिया, पार्षद, वार्ड 10।
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