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Panipat News: निकाय विभाग तैयार करेगा शहर का मास्टर प्लान
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पानीपत। शहरी स्थानीय निकाय विभाग पानीपत नगर निगम के दायरे में शहर का मास्टर प्लान बनाएगा। शहर में आने वाले दस साल के विकास कार्यों को तय करने के साथ संभावित सीमा काे विस्तार में शामिल करेगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग निदेशालय स्तर पर मास्टर प्लान बना रहा है। इसके जल्द ही तैयार होने का अनुमान है।
इसके बाद शहर में मास्टर प्लान के अनुसार ही योजनाओं पर काम किया जाएगा। मास्टर प्लान में असंल व एल्डिको समेत करीब छह कॉलोनियों को शामिल किया जाएगा। पानीपत शहर को 1994 में नगर परिषद का दर्जा दिया था। 1997 में सीमा का क्षेत्रफल फिर से बढ़ाकर लगभग 22 वर्ग किलोमीटर कर दिया। मार्च 2010 में आसपास के गांव व क्षेत्र को शामिल करके नगर परिषद बढ़ाकर नगर निगम दर्जा दिया था। नगर निगम अधिकारी पिछले 15 साल से अपने-अपने प्लान पर काम कर रहे हैं। ऐसे में विकास नजर नहीं आ रहा। इसके साथ बाहरी क्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी शहर की योजना में बाधा बनकर उभर रही हैं।
इन सबको देखते हुए शहर का मास्टर प्लान बनाने की जरूरत महसूस की। आर्किटेक्ट पीपी कपूर ने बताया कि जिला नगर योजनाकार विभाग हर 10 साल में जिले का मास्टर प्लान बनाता है। इसमें जिले में आने वाले नए सेक्टर और दूसरे विकास कार्यों को तय किया जाता है। किसी भी शहर के अंदर निकाय का अपना मास्टर प्लान होना चाहिए। इससे विकास कार्यों को तेजी मिलेगी।
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इसके बाद शहर में मास्टर प्लान के अनुसार ही योजनाओं पर काम किया जाएगा। मास्टर प्लान में असंल व एल्डिको समेत करीब छह कॉलोनियों को शामिल किया जाएगा। पानीपत शहर को 1994 में नगर परिषद का दर्जा दिया था। 1997 में सीमा का क्षेत्रफल फिर से बढ़ाकर लगभग 22 वर्ग किलोमीटर कर दिया। मार्च 2010 में आसपास के गांव व क्षेत्र को शामिल करके नगर परिषद बढ़ाकर नगर निगम दर्जा दिया था। नगर निगम अधिकारी पिछले 15 साल से अपने-अपने प्लान पर काम कर रहे हैं। ऐसे में विकास नजर नहीं आ रहा। इसके साथ बाहरी क्षेत्र में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी शहर की योजना में बाधा बनकर उभर रही हैं।
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इन सबको देखते हुए शहर का मास्टर प्लान बनाने की जरूरत महसूस की। आर्किटेक्ट पीपी कपूर ने बताया कि जिला नगर योजनाकार विभाग हर 10 साल में जिले का मास्टर प्लान बनाता है। इसमें जिले में आने वाले नए सेक्टर और दूसरे विकास कार्यों को तय किया जाता है। किसी भी शहर के अंदर निकाय का अपना मास्टर प्लान होना चाहिए। इससे विकास कार्यों को तेजी मिलेगी।
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