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Panipat News: साढ़े पांच साल के बच्चे को मिल पाएगा पहली कक्षा में दाखिला
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पानीपत। सरकारी स्कूलों की पहली कक्षा में दाखिलों को लेकर छह साल की उम्र होने के नियम में कुछ ढील दी गई है। अब साढ़े पांच साल की आयु के बच्चों के पहली कक्षा में दाखिले कराए जा सकेंगे। शिक्षा निदेशालय ने इसको लेकर सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी ने इस संदर्भ में सभी स्कूलों को निर्देशित कर दिया है। विदित है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुसार पूरे देश में कक्षा पहली में दाखिले के लिए न्यूनतम आयु सीमा छह वर्ष की गई है।
सरकारी स्कूलों में एक अप्रैल को प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। यह आगामी दिनों में लगातार चलेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकारी स्कूलों में दाखिलों को लेकर पिछले दिनों से प्रयासरत है और योजना बना रहे हैं। पहली कक्षा में दाखिला लेने में छह साल की उम्र का नियम अभिभावकों को परेशानी में डाल देता था। यह समस्या उन अभिभावकों के लिए अधिक थी, जिनके बच्चे साढ़े पांच साल या इससे कुछ अधिक के होते हैं। वे एक साल इंतजार करने पर नियम से बाहर निकल जाएंगे। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों की इस समस्या पर गंभीरता के साथ विचार किया।
शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए सरकारी तथा प्राइवेट विद्यालयों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए है। जिसके अनुसार पहली कक्षा में दाखिले की न्यूनतम आयु को 5 वर्ष 6 मास किया गया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की अनुपालना में बनाए गए नियमों में नियम-10 (जो प्रवेश की विस्तारित अवधि का उल्लेख करता है) की अनुपालना में शैक्षणिक वर्ष जो एक अप्रैल को आरंभ होता है, उसमें नियमों के अनुसार छह मास तक की विस्तारित अवधि की छूट प्रदान की गई है।
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वर्जन :
शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में कक्षा पहली में दाखिले की आयु छह वर्ष हो गई है। पहली कक्षा में छह वर्ष की आयु के बच्चे प्रवेश लेने के पात्र होंगे। शैक्षणिक वर्ष के आरंभ के दिन छह वर्ष से कुछ कम होगी। उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के नियमों की अनुपालना में छह मास की छूट मिलेगी। एक अप्रैल से 30 सितंबर के मध्य जन्म लेने वाले बच्चे दाखिला ले सकेंगे।
राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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सरकारी स्कूलों में एक अप्रैल को प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। यह आगामी दिनों में लगातार चलेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारी सरकारी स्कूलों में दाखिलों को लेकर पिछले दिनों से प्रयासरत है और योजना बना रहे हैं। पहली कक्षा में दाखिला लेने में छह साल की उम्र का नियम अभिभावकों को परेशानी में डाल देता था। यह समस्या उन अभिभावकों के लिए अधिक थी, जिनके बच्चे साढ़े पांच साल या इससे कुछ अधिक के होते हैं। वे एक साल इंतजार करने पर नियम से बाहर निकल जाएंगे। शिक्षा विभाग ने अभिभावकों की इस समस्या पर गंभीरता के साथ विचार किया।
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शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक वर्ष 2023-24 के लिए सरकारी तथा प्राइवेट विद्यालयों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए है। जिसके अनुसार पहली कक्षा में दाखिले की न्यूनतम आयु को 5 वर्ष 6 मास किया गया। शिक्षा का अधिकार अधिनियम की अनुपालना में बनाए गए नियमों में नियम-10 (जो प्रवेश की विस्तारित अवधि का उल्लेख करता है) की अनुपालना में शैक्षणिक वर्ष जो एक अप्रैल को आरंभ होता है, उसमें नियमों के अनुसार छह मास तक की विस्तारित अवधि की छूट प्रदान की गई है।
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वर्जन :
शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में कक्षा पहली में दाखिले की आयु छह वर्ष हो गई है। पहली कक्षा में छह वर्ष की आयु के बच्चे प्रवेश लेने के पात्र होंगे। शैक्षणिक वर्ष के आरंभ के दिन छह वर्ष से कुछ कम होगी। उन्हें शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के नियमों की अनुपालना में छह मास की छूट मिलेगी। एक अप्रैल से 30 सितंबर के मध्य जन्म लेने वाले बच्चे दाखिला ले सकेंगे।
राकेश बूरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।