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Panipat News: झंडा रस्म समारोह के साथ समारोह संपन्न, रातभर गूंजे भगवान के जयकारे
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समालखा। पट्टीकल्याणा गांव स्थित वाल्मीकि संत बाबा शिवशाह महाराज के जन्मोत्सव पर आयोजित झंडा रस्म समारोह धूमधाम से मनाया गया। सत्संग के प्रचारियों व गायकों ने भगवान वाल्मीकि का गुणगान किया। शनिवार सुबह प्राचीन वाल्मीकि मंदिर पर ध्वजारोहण किया गया। प्रसाद वितरण के साथ इस भव्य समारोह का समापन हुआ।
समिति के महासचिव तिलक राज सरासर व सत्संग के प्रचारी हरिलाल ने बताया कि 294 वर्ष की दीर्घायु के बाद समाधि लेने वाले वाल्मीकि समाज के महान संत बाबा खाक शाह ब्रह्मचारी के परम शिष्य बाबा शिवशाह महाराज जिन्होंने वाल्मीकि समाज को धर्म परिवर्तन करने से भी रोका था। मूलरूप से पट्टीकल्याणा के निवासी बाबा शिवशाह ने गांव के ही नेकी शाह व बाल ब्रह्मचारी कंवल शाह महाराज को अपना शिष्य बनाया ओर धर्म का प्रचार किया। उन्हीं की याद में हर साल आषाढ़ मास के पहले शुक्रवार को झंडा समारोह मनाया जाता है।
इस दो दिवसीय झंडा समारोह में हरियाणा व दिल्ली सहित देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर वाल्मीकि मंदिर के साथ-साथ महावटी रोड स्थित धर्म गुरु बाबा शिवशाह, नेकी शाह व बाबा कंवल शाह ब्रह्मचारी की समाधियों पर मत्था टेक परिवार की खुशहाली की मन्नत मांगी।
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झंडा समारोह के चलते पट्टीकल्याणा में मेले जैसा माहौल रहा। वाल्मीकि मंदिर पर रातभर भजन चलते रहे। इस कारण मंदिर से लेकर महावटी रोड स्थित धर्म-गुरुओं की समाधि तक पूरी रात श्रद्धालुओं का आवागमन चलता रहा। वहीं महावटी रोड पर सड़क के दोनों तरफ खिलौने व आर्टिफिशियल सामान बेचने वालों के अलावा चाय व ठंडा पेय बेचने वालों ने दुकानें सजा कर रखी। इस कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडे जल की छबील लगाई। संवाद
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समिति के महासचिव तिलक राज सरासर व सत्संग के प्रचारी हरिलाल ने बताया कि 294 वर्ष की दीर्घायु के बाद समाधि लेने वाले वाल्मीकि समाज के महान संत बाबा खाक शाह ब्रह्मचारी के परम शिष्य बाबा शिवशाह महाराज जिन्होंने वाल्मीकि समाज को धर्म परिवर्तन करने से भी रोका था। मूलरूप से पट्टीकल्याणा के निवासी बाबा शिवशाह ने गांव के ही नेकी शाह व बाल ब्रह्मचारी कंवल शाह महाराज को अपना शिष्य बनाया ओर धर्म का प्रचार किया। उन्हीं की याद में हर साल आषाढ़ मास के पहले शुक्रवार को झंडा समारोह मनाया जाता है।
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इस दो दिवसीय झंडा समारोह में हरियाणा व दिल्ली सहित देश के कोने-कोने से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने आकर वाल्मीकि मंदिर के साथ-साथ महावटी रोड स्थित धर्म गुरु बाबा शिवशाह, नेकी शाह व बाबा कंवल शाह ब्रह्मचारी की समाधियों पर मत्था टेक परिवार की खुशहाली की मन्नत मांगी।
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झंडा समारोह के चलते पट्टीकल्याणा में मेले जैसा माहौल रहा। वाल्मीकि मंदिर पर रातभर भजन चलते रहे। इस कारण मंदिर से लेकर महावटी रोड स्थित धर्म-गुरुओं की समाधि तक पूरी रात श्रद्धालुओं का आवागमन चलता रहा। वहीं महावटी रोड पर सड़क के दोनों तरफ खिलौने व आर्टिफिशियल सामान बेचने वालों के अलावा चाय व ठंडा पेय बेचने वालों ने दुकानें सजा कर रखी। इस कारण सड़क पर जाम की स्थिति बनी रही। ग्रामीणों ने श्रद्धालुओं के लिए ठंडे जल की छबील लगाई। संवाद