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Panipat News: बोर्ड तीन साल बाद भी नहीं बना पाया सुधार की योजना
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पानीपत। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने पर रिफाइनरी पर लगे 42.5 करोड़ रुपये हर्जाने के इस्तेमाल के आज तक प्रशासन योजना तक तैयार नहीं कर सका है। तीन साल पहले रिफाइनरी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यह राशि दी थी।
एनजीटी ने इस राशि का इस्तेमाल छह गांवों के लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने, भूजल जल बेहतर करने , पौधरोपण करने व नए बोर वेल करने पर खर्च करने के निर्देश दिए थे।
सिंघपुरा-सिठना ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सतपाल सिंह ने 2018 में एनजीटी में शिकायत देकर रिफाइनरी पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। आरोप था कि पानीपत रिफाइनरी ने जिले के बोहली, ददलाना, सिंघपुरा और सिठाना गांवों के आसपास वायु और भूजल को खराब किया था।
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रिफाइनरी के कारण यहां बीमारियां फैल रही हैं। लोग बीमार हो रहे हैं। इस शिकायत पर एनजीटी ने एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एनजीटी को दी थी।
रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली प्रधान पीठ ने रिफाइनरी पर 42.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। एनजीटी ने उपायुक्त , केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस राशि को बेहतर पर्यावरण के लिए इस्तेमाल करने के निर्देश दिए थे।
22 मार्च 2021 को रिफाइनरी पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की बहाली के लिए योजना के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में 42.5 करोड़ रुपये जमा कराए थे।
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एनजीटी ने इस राशि का इस्तेमाल छह गांवों के लोगों के स्वास्थ्य की जांच करने, भूजल जल बेहतर करने , पौधरोपण करने व नए बोर वेल करने पर खर्च करने के निर्देश दिए थे।
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सिंघपुरा-सिठना ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच सतपाल सिंह ने 2018 में एनजीटी में शिकायत देकर रिफाइनरी पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। आरोप था कि पानीपत रिफाइनरी ने जिले के बोहली, ददलाना, सिंघपुरा और सिठाना गांवों के आसपास वायु और भूजल को खराब किया था।
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रिफाइनरी के कारण यहां बीमारियां फैल रही हैं। लोग बीमार हो रहे हैं। इस शिकायत पर एनजीटी ने एक कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एनजीटी को दी थी।
रिपोर्ट के आधार पर एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली प्रधान पीठ ने रिफाइनरी पर 42.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। एनजीटी ने उपायुक्त , केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस राशि को बेहतर पर्यावरण के लिए इस्तेमाल करने के निर्देश दिए थे।
22 मार्च 2021 को रिफाइनरी पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य की बहाली के लिए योजना के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में 42.5 करोड़ रुपये जमा कराए थे।