{"_id":"634dc8ad60df3230ee74a09e","slug":"the-accused-manager-and-the-accused-who-bought-the-bike-arrested-in-the-case-of-fraud-from-the-bike-loan-company-panipat-news-knl124804053","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाइक लोन कंपनी से धोखाधड़ी के मामले में आरोपी मैनेजर व बाइक खरीदने वाला आरोपी गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाइक लोन कंपनी से धोखाधड़ी के मामले में आरोपी मैनेजर व बाइक खरीदने वाला आरोपी गिरफ्तार
विज्ञापन
पानीपत। जीटी रोड पर हाइव होटल के पास स्थित अप मनी फाइनेंस लिमिटेड कंपनी से धोखाधड़ी करने के मामले में कंपनी के मैनेजर आरोपी नितिन नागपाल को एंटी व्हीकल थेप्ट पुलिस की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है, आरोपी की निशानदेही पर उससे बाइक खरीदने वाले आरोपी को भी काबू कर लिया है। बाइक खरीदने वाले आरोपी की पहचान राजेश पुत्र रामफल निवासी डिकाडला समालखा के रूप में हुई। आरोपियों के कब्जे से धोखाधड़ी से बेची गई पांच बाइक, कंपनी की एक फर्जी मुहर, एक लेपटॉप, एक प्रिंटर और 55 हजार रुपये बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया है।
एंटी व्हीकल थेप्ट इंचार्ज एसआई संदीप सिंह ने बताया कि थाना शहर में 11 अक्तूबर को कर्णदीप सिंह निवासी मानसा, पंजाब ने शिकायत देकर बताया था कि वह अप मनी फाइनेंस लिमिटेड कंपनी में उपाध्यक्ष के पद पर तैनात है। पानीपत में कंपनी की हाइव होटल के पास एक ब्रांच है। मेन ब्रांच पंजाब के लुधियाना में है। कंपनी वाहनों का लोन करती है। पानीपत ब्रांच में नितिन नागपाल निवासी एनएचबीसी बतौर मैनेजर के पद पर कार्य करता था। नितिन ने ग्राहकों की मोटर साइकिल का लोन कर ग्राहक के किस्त न भरने पर बाइक वापस मंगवाकर कंपनी से धोखाधड़ी करते हुए कई बाइकों को अन्य साथियों के साथ मिलकर आगे बेच दिया। आरोपी ने कई ग्राहकों को फर्जी एनओसी भी बनाकर दी है।
गिरफ्तार कर तीन दिन का रिमांड लिया तो हुआ खुलासा
14 अक्तूबर को आरोपी नितिन नागपाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया, पूछताछ में आरोपी ने कंपनी से धोखाधड़ी कर बाइक बेचने की वारदात को अंजाम देने का खुलासा किया। तीन दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से खुलासा हुआ कि वह लोन पर दी गई बाइक को ग्राहक द्वारा किश्त न भरने पर बाइक को उठवा लेता था। उक्त बाइक को कंपनी में जमा न करवा समालखा में डिकाडला निवासी राजेश से मिलीभगत कर उसको 35 से 40 हजार रुपये में बेच देता था। उसने अब तक ऐसी पांच बाइक राजेश को बेची है, साथ ही उक्त बाइकों की फर्जी एनओसी भी बनाकर दी है।
विज्ञापन
बाइक खरीदने वाले को समालखा से पकड़ा
आरोपी नितिन की निशादनेही पर राजेश को समालखा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी राजेश समालखा में ऑफिस खोलकर बाइक सेल प्रचेज का काम करता है। कंपनी से धोखाधड़ी कर बेची गई पांच बाइक, फर्जी एनओसी तैयार करने में प्रयोग की किया एक लेपटाप, एक प्रिंटर, कंपनी की एक फर्जी मुहर और 55 हजार रुपये दोनों आरोपियों के कब्जे से बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया।
विज्ञापन
एंटी व्हीकल थेप्ट इंचार्ज एसआई संदीप सिंह ने बताया कि थाना शहर में 11 अक्तूबर को कर्णदीप सिंह निवासी मानसा, पंजाब ने शिकायत देकर बताया था कि वह अप मनी फाइनेंस लिमिटेड कंपनी में उपाध्यक्ष के पद पर तैनात है। पानीपत में कंपनी की हाइव होटल के पास एक ब्रांच है। मेन ब्रांच पंजाब के लुधियाना में है। कंपनी वाहनों का लोन करती है। पानीपत ब्रांच में नितिन नागपाल निवासी एनएचबीसी बतौर मैनेजर के पद पर कार्य करता था। नितिन ने ग्राहकों की मोटर साइकिल का लोन कर ग्राहक के किस्त न भरने पर बाइक वापस मंगवाकर कंपनी से धोखाधड़ी करते हुए कई बाइकों को अन्य साथियों के साथ मिलकर आगे बेच दिया। आरोपी ने कई ग्राहकों को फर्जी एनओसी भी बनाकर दी है।
विज्ञापन
गिरफ्तार कर तीन दिन का रिमांड लिया तो हुआ खुलासा
14 अक्तूबर को आरोपी नितिन नागपाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया, पूछताछ में आरोपी ने कंपनी से धोखाधड़ी कर बाइक बेचने की वारदात को अंजाम देने का खुलासा किया। तीन दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से खुलासा हुआ कि वह लोन पर दी गई बाइक को ग्राहक द्वारा किश्त न भरने पर बाइक को उठवा लेता था। उक्त बाइक को कंपनी में जमा न करवा समालखा में डिकाडला निवासी राजेश से मिलीभगत कर उसको 35 से 40 हजार रुपये में बेच देता था। उसने अब तक ऐसी पांच बाइक राजेश को बेची है, साथ ही उक्त बाइकों की फर्जी एनओसी भी बनाकर दी है।
विज्ञापन
बाइक खरीदने वाले को समालखा से पकड़ा
आरोपी नितिन की निशादनेही पर राजेश को समालखा से गिरफ्तार किया गया। आरोपी राजेश समालखा में ऑफिस खोलकर बाइक सेल प्रचेज का काम करता है। कंपनी से धोखाधड़ी कर बेची गई पांच बाइक, फर्जी एनओसी तैयार करने में प्रयोग की किया एक लेपटाप, एक प्रिंटर, कंपनी की एक फर्जी मुहर और 55 हजार रुपये दोनों आरोपियों के कब्जे से बरामद कर उन्हें जेल भेज दिया।