{"_id":"65d909a5a3fe3e278d08fa56","slug":"textile-citys-bag-is-empty-panipat-news-c-244-1-pnp1003-114180-2024-02-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: टेक्सटाइल नगरी की झोली खाली, एक खेल केंद्र में सारी कसर निकाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: टेक्सटाइल नगरी की झोली खाली, एक खेल केंद्र में सारी कसर निकाली
विज्ञापन
पानीपत। प्रदेश के बजट में 12 हजार करोड़ रुपये वार्षिक कर देने वाली औद्योगिक नगरी की झोली खाली रही। पानीपत को महज एक कुश्ती व मुक्केबाजी के उच्च प्रदर्शन केंद्र की सौगात से ही संतोष करना पड़ा। उद्यमियों ने बजट को निराशाजनक करार दिया है। उद्यमी सरकार से कॉमन बॉयलर व जीरो लिक्वेड डिस्चार्ज की सौगात की आस लगाए बैठे थे। सरकार ने ड्रोन के उद्योग के स्टार्टअप पर 10 करोड़ रुपये की मदद देने की घोषणा की है। इसमें उद्यमियों की अभी तक कोई खास रूचि नहीं है।
उद्यमियों का कहना है कि वो चीन से प्रतिस्पर्धा सरकार के सहयोग के बिना नहीं कर सकते। उनको सरकार की उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर चिरायु आयुष्मान भारत योजना में प्रदेश के लगभग हर व्यक्ति को कवर कर लिया गया है। अब तीन से छह लाख रुपये वार्षिक आय वाले पात्र को चार हजार रुपये व छह लाख से अधिक वार्षिक आय वाला पात्र पांच हजार रुपये वार्षिक अंशदान देकर पांच लाख रुपये तक का इलाज ले सकता है। इससे जिले के लगभग दो लाख लोगों को सीधा लाभ होगा। सरकार ने हाल में वैद्य हुई कॉलोनियों के विकास कार्यों की घोषणा की है। पानीपत की हाल में 11 कॉलोनी वैद्य हुई है। यहां के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ होगा।
बॉक्स
नीरज चोपड़ा के नाम से स्टेडियम की तस्वीर नहीं साफ
मुक्केबाजी और कुश्ती का एक उच्च प्रदर्शन केंद्र देने की घोषणा की। इसके लिए भी गांव या स्थान तय नहीं किया। जबकि भाला फेंक में देश का गौरव बढ़ाने वाले नीरज चोपड़ा के पैतृक गांव में कई साल बाद आज तक स्टेडियम नहीं बन पाया है। यहां स्टेडियम के लिए जमीन आज तक नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
बॉक्स
पांच साल से संघर्ष कर रहे, अब भी निराशा मिली- राणा
पांच साल से कॉमन बॉयलर व जेएलडी प्रोजेक्ट के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार के अंतिम बजट से काफी उम्मीदें थी लेकिन इसमें भी निराशा हाथ लगी है। औद्योगिक नगरी के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। ये उद्यमियों को बड़ा झटका है।
भीम राणा, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा एनवायरमेंट मैनेजमेंट सोसायटी।
बिना सरकार के सहयोग के चीन की टक्कर कैसे लें- नीतिन
चीन की सरकार वहां के उद्यमियों का सहयोग करती है। उद्योगों को बढ़ावा देती है लेकिन हमारी सरकार से उस प्रकार का सहयोग नहीं मिल पाता। बजट में भी सरकार की उपेक्षा का सामना करना पड़ा। सरकार को एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए था। बजट से औद्योगिक नगरी को कुछ नहीं मिला।
नीतिन अरोड़ा, अध्यक्ष डायर्स एसोसिएशन
बजट निराशाजनक है- विनोद
बजट से उद्यमी नई सौगातों की आस लगाकर बैठे थे। उद्यमियों की कई मांगों को पूरा करने के लिए सांसद व विधायक भी संघर्ष कर रहे थे लेकिन कोई उम्मीद पूरी नहीं हुई। औद्योगिक नगरी के लिए बजट में कुछ भी नहीं है।
विनोद धमीजा, चेयरमैन चैंबर ऑफ कॉमर्स
सभी लोगों को चिरायु भारत योजना के अंतर्गत लाना सराहनीय कदम- डॉ. पंकज
सरकार ने चिरायु भारत योजना का विस्तार किया है। पहले तीन लाख रुपये वार्षिक आय वाले पात्रों को इसमें कवर किया गया थ। अब तीन से छह लाख रुपये वार्षिक आय वाले पात्र चार हजार रुपये व छह लाख से अधिक वार्षिक आय वाले पात्र पांच हजार रुपये वार्षिक अंशदान देकर इस योजना के पात्र बन सकते हैं। वो पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज पैनल के अस्पतालों में करवा सकते हैं। ये सरकार का सराहनीय कदम है। सरकार ने बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया है।
डॉ. पंकज मुटनेजा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
विज्ञापन
उद्यमियों का कहना है कि वो चीन से प्रतिस्पर्धा सरकार के सहयोग के बिना नहीं कर सकते। उनको सरकार की उपेक्षा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर चिरायु आयुष्मान भारत योजना में प्रदेश के लगभग हर व्यक्ति को कवर कर लिया गया है। अब तीन से छह लाख रुपये वार्षिक आय वाले पात्र को चार हजार रुपये व छह लाख से अधिक वार्षिक आय वाला पात्र पांच हजार रुपये वार्षिक अंशदान देकर पांच लाख रुपये तक का इलाज ले सकता है। इससे जिले के लगभग दो लाख लोगों को सीधा लाभ होगा। सरकार ने हाल में वैद्य हुई कॉलोनियों के विकास कार्यों की घोषणा की है। पानीपत की हाल में 11 कॉलोनी वैद्य हुई है। यहां के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ होगा।
विज्ञापन
बॉक्स
नीरज चोपड़ा के नाम से स्टेडियम की तस्वीर नहीं साफ
मुक्केबाजी और कुश्ती का एक उच्च प्रदर्शन केंद्र देने की घोषणा की। इसके लिए भी गांव या स्थान तय नहीं किया। जबकि भाला फेंक में देश का गौरव बढ़ाने वाले नीरज चोपड़ा के पैतृक गांव में कई साल बाद आज तक स्टेडियम नहीं बन पाया है। यहां स्टेडियम के लिए जमीन आज तक नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन
बॉक्स
पांच साल से संघर्ष कर रहे, अब भी निराशा मिली- राणा
पांच साल से कॉमन बॉयलर व जेएलडी प्रोजेक्ट के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सरकार के अंतिम बजट से काफी उम्मीदें थी लेकिन इसमें भी निराशा हाथ लगी है। औद्योगिक नगरी के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। ये उद्यमियों को बड़ा झटका है।
भीम राणा, प्रदेशाध्यक्ष हरियाणा एनवायरमेंट मैनेजमेंट सोसायटी।
बिना सरकार के सहयोग के चीन की टक्कर कैसे लें- नीतिन
चीन की सरकार वहां के उद्यमियों का सहयोग करती है। उद्योगों को बढ़ावा देती है लेकिन हमारी सरकार से उस प्रकार का सहयोग नहीं मिल पाता। बजट में भी सरकार की उपेक्षा का सामना करना पड़ा। सरकार को एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए काम करना चाहिए था। बजट से औद्योगिक नगरी को कुछ नहीं मिला।
नीतिन अरोड़ा, अध्यक्ष डायर्स एसोसिएशन
बजट निराशाजनक है- विनोद
बजट से उद्यमी नई सौगातों की आस लगाकर बैठे थे। उद्यमियों की कई मांगों को पूरा करने के लिए सांसद व विधायक भी संघर्ष कर रहे थे लेकिन कोई उम्मीद पूरी नहीं हुई। औद्योगिक नगरी के लिए बजट में कुछ भी नहीं है।
विनोद धमीजा, चेयरमैन चैंबर ऑफ कॉमर्स
सभी लोगों को चिरायु भारत योजना के अंतर्गत लाना सराहनीय कदम- डॉ. पंकज
सरकार ने चिरायु भारत योजना का विस्तार किया है। पहले तीन लाख रुपये वार्षिक आय वाले पात्रों को इसमें कवर किया गया थ। अब तीन से छह लाख रुपये वार्षिक आय वाले पात्र चार हजार रुपये व छह लाख से अधिक वार्षिक आय वाले पात्र पांच हजार रुपये वार्षिक अंशदान देकर इस योजना के पात्र बन सकते हैं। वो पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज पैनल के अस्पतालों में करवा सकते हैं। ये सरकार का सराहनीय कदम है। सरकार ने बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर पर ध्यान दिया है।
डॉ. पंकज मुटनेजा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन