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टेंडर वार्ड या जोन वार, सफाई हो हमारे अनुसार
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पानीपत। पार्षदों के साथ बैठक करती हुई मेयर अवनीत कौर।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। शहर की सफाई के मुद्दे पर वीरवार शाम को रेस्ट हाउस में मेयर की अध्यक्षता में पार्षदों की बैठक हुई। इसमें शहर की सफाई के टेंडर को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे। पार्षदों ने कहा कि सफाई का टेंडर भले ही वार्ड वार लगे या जोन वार, सफाई उनके हिसाब से नियमित तौर पर होनी चाहिए। पार्षदों ने प्रति वार्ड सफाई के लिए 50 सफाई कर्मचारी, तीन बड़ी ट्रैक्टर ट्राली और 15 रिक्शाओं की मांग की है।
सभी वार्डों के लिए चार जेसीबी मशीन और दो सुपर सकर मशीन को भी टेंडर में शामिल करवाने की बात रखी गई। इसके साथ सफाई कर्मचारियों को उनके औजार और यूनीफार्म उपलब्ध करवाने की बात कही है। पार्षदों ने कहा कि ये सभी शर्ते अगर टेंडर की नियमों में होंगी तो उसे लगने दिया जाएगा। हालांकि इन शर्तों को लेकर पार्षदों में खींचतान भी दिखी। हालांकि बाद में माहौल वरिष्ठ पार्षदों ने शांत करवाया। सभी शर्तों को अब मेयर के माध्यम से सांसद को सौंपा जाएगा।
इस बैठक में निगम के 26 वार्डों में से 17 पार्षद एवं पार्षद पति मौजूद रहे। इस बैठक से वरिष्ठ उप महापौर ने दूरी बनाकर रखी। पार्षदों ने सांसद के माध्यम से सफाई के टेंडर का प्रस्ताव भेजने की बात कहीं न कहीं शहरी विधायक को नजरअंदाज करना दिखाई दिया। ये बैठक मेयर अवनीत कौर की ओर से बुलाई गई थी। जिसमें सभी पार्षदों को सफाई के टेंडर पर एकजुट कर एकमत से टेंडर लगवाने का प्रयास भी किया गया।
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दो गुटों में बंट चुके थे पार्षद
शहर की सफाई का टेंडर चार बार लटक चुका है। कभी नियम व शर्तों के विरोध के कारण तो कभी शर्तें एक जैसी होने के कारण। कभी शहर के आधे पार्षद जोन वाइज के विरोध में उतरे तो कुछ ने इसे सही बताया। इसी उठापटक के बीच आज तक सफाई का नया टेंडर नहीं हो सका था। इसी बीच मुख्यालय ने भी अपनी हिदायत जारी करते हुए प्रदेश भर में सफाई के टेंडरों में अपनी शर्तों को रखने का प्रस्ताव रख दिया।
इस बैठक में मेयर अवनीत कौर, डिप्टी मेयर रविंद्र फुले, अशोक कटारिया, रविंद्र भाटिया, बलराम मकौल, संजीव दहिया, योगेश डाबर, अंजलि शर्मा, शिव कुमार शर्मा, दिनेश सैनी, अतर सिंह रावल, शकुुंतला गर्ग, सुरेंद्र परूथी, अनलि बजाज, रविंद्र नागपाल, राजपाल समेत मनोनीत पार्षद भी मौजूद रहे।
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सभी वार्डों के लिए चार जेसीबी मशीन और दो सुपर सकर मशीन को भी टेंडर में शामिल करवाने की बात रखी गई। इसके साथ सफाई कर्मचारियों को उनके औजार और यूनीफार्म उपलब्ध करवाने की बात कही है। पार्षदों ने कहा कि ये सभी शर्ते अगर टेंडर की नियमों में होंगी तो उसे लगने दिया जाएगा। हालांकि इन शर्तों को लेकर पार्षदों में खींचतान भी दिखी। हालांकि बाद में माहौल वरिष्ठ पार्षदों ने शांत करवाया। सभी शर्तों को अब मेयर के माध्यम से सांसद को सौंपा जाएगा।
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इस बैठक में निगम के 26 वार्डों में से 17 पार्षद एवं पार्षद पति मौजूद रहे। इस बैठक से वरिष्ठ उप महापौर ने दूरी बनाकर रखी। पार्षदों ने सांसद के माध्यम से सफाई के टेंडर का प्रस्ताव भेजने की बात कहीं न कहीं शहरी विधायक को नजरअंदाज करना दिखाई दिया। ये बैठक मेयर अवनीत कौर की ओर से बुलाई गई थी। जिसमें सभी पार्षदों को सफाई के टेंडर पर एकजुट कर एकमत से टेंडर लगवाने का प्रयास भी किया गया।
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दो गुटों में बंट चुके थे पार्षद
शहर की सफाई का टेंडर चार बार लटक चुका है। कभी नियम व शर्तों के विरोध के कारण तो कभी शर्तें एक जैसी होने के कारण। कभी शहर के आधे पार्षद जोन वाइज के विरोध में उतरे तो कुछ ने इसे सही बताया। इसी उठापटक के बीच आज तक सफाई का नया टेंडर नहीं हो सका था। इसी बीच मुख्यालय ने भी अपनी हिदायत जारी करते हुए प्रदेश भर में सफाई के टेंडरों में अपनी शर्तों को रखने का प्रस्ताव रख दिया।
इस बैठक में मेयर अवनीत कौर, डिप्टी मेयर रविंद्र फुले, अशोक कटारिया, रविंद्र भाटिया, बलराम मकौल, संजीव दहिया, योगेश डाबर, अंजलि शर्मा, शिव कुमार शर्मा, दिनेश सैनी, अतर सिंह रावल, शकुुंतला गर्ग, सुरेंद्र परूथी, अनलि बजाज, रविंद्र नागपाल, राजपाल समेत मनोनीत पार्षद भी मौजूद रहे।