{"_id":"672e81c44e331b1f9901ffe4","slug":"teams-formed-for-spraying-roads-in-industrial-area-panipat-news-c-244-1-pnp1003-127095-2024-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों पर छिड़काव के लिए टीमें गठित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: औद्योगिक क्षेत्र में सड़कों पर छिड़काव के लिए टीमें गठित
विज्ञापन
पानीपत। शहर का एक्यूआई 498 पहुंचने के बाद आखिरकार प्रशासन ने ग्रैप टू के तहत शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव शुरू कर दिया है। अमर उजाला शहर की सड़कों पर छिड़काव न होने व शहर की जहरीली हो रही हवा का मुद्दा लगातार प्रकाशित कर रहा था। वीरवार के अंक में भी अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। शहर की सड़कों पर पानी के छिड़काव के लिए टीमों का गठन किया गया है। पांच टैंकर इसमें लगाए गए हैं। सबसे अधिक छिड़काव पुराना औद्योगिक क्षेत्र, सेक्टर 29 व सेक्टर 25 में होगा। यहां से भारी वाहनों का आवागमन सबसे अधिक होता है। यहां उद्यमी भी अपने स्तर पर पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव करेंगे ताकि हवा में धूल की मात्रा कम से कम हो। फिलहाल शहर की हवा में धूल की मात्रा 342 पर्टिक्यूलेट मीटर है। जबकि धूएं की मात्रा भी 352 पर्टिक्यूलेट मीटर दर्ज की गई है।
औद्योगिक नगरी की हवा जहरीली हो चुकी है। सुबह शाम स्मॉग से जन जीवन प्रभावित है। आंखों में जलन महसूस हो रही है। दमा रोगियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। डॉक्टर उन्हें सुबह शाम घर में ही रहने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सब सही चल रहा है। सीपीसीबी के अनुसार वीरवार को बुधवार की अपेक्षा पानीपत का एक्यूआई 183 दर्ज किया गया है। एमएसएन के अनुसार शुक्रवार को पानीपत का एक्यूआई 498 दर्ज किया गया है। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। यह ह्दय रोगी, सांस के रोगी व गर्भवतियों के लिए बेहद खतरनाक है। दिसंबर के अंत तक शहर का पर्यावरण रेड या ऑरेंज जोन में ही रहने के आसार हैं। दिल्ली में अगर एक्यूआई और बढ़ता है तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्रैप का तीसरा चरण लागू करेगा।
बॉक्स
अब प्रशासन हरकत में आया है - गुलाटी
पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ वरुण गुलाटी ने बताया कि पानीपत का एक्यूआई सही प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है। अमर उजाला के बार बार बार बार पानी छिड़काव का मुद्दा उठाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शहर की हवा बेहद खराब है। सुबह शाम स्मॉग बन रही है। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। प्रशासन ने अपना काम सही से नहीं किया जा रहा है। उद्योगों का भी निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हवा का दबाव अधिक बढ़ेगा। धूल के कण हवा में नहीं उठ पाएंगे। स्मॉग का खतरा गहराएगा। हवा में कार्बन व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
वर्जन-
नगर निगम आयुक्त डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी ने बताया कि शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए टीमें लगाई गई हैं। प्रदूषित हो रहे पर्यावरण को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रतिदिन के कार्य की रिपोर्ट भी ली जा रही है।
विज्ञापन
औद्योगिक नगरी की हवा जहरीली हो चुकी है। सुबह शाम स्मॉग से जन जीवन प्रभावित है। आंखों में जलन महसूस हो रही है। दमा रोगियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। डॉक्टर उन्हें सुबह शाम घर में ही रहने की सलाह दे रहे हैं। हालांकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार सब सही चल रहा है। सीपीसीबी के अनुसार वीरवार को बुधवार की अपेक्षा पानीपत का एक्यूआई 183 दर्ज किया गया है। एमएसएन के अनुसार शुक्रवार को पानीपत का एक्यूआई 498 दर्ज किया गया है। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। यह ह्दय रोगी, सांस के रोगी व गर्भवतियों के लिए बेहद खतरनाक है। दिसंबर के अंत तक शहर का पर्यावरण रेड या ऑरेंज जोन में ही रहने के आसार हैं। दिल्ली में अगर एक्यूआई और बढ़ता है तो केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्रैप का तीसरा चरण लागू करेगा।
विज्ञापन
बॉक्स
अब प्रशासन हरकत में आया है - गुलाटी
पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ वरुण गुलाटी ने बताया कि पानीपत का एक्यूआई सही प्रदर्शित नहीं किया जा रहा है। अमर उजाला के बार बार बार बार पानी छिड़काव का मुद्दा उठाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है। शहर की हवा बेहद खराब है। सुबह शाम स्मॉग बन रही है। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। प्रशासन ने अपना काम सही से नहीं किया जा रहा है। उद्योगों का भी निरीक्षण नहीं किया जा रहा है। आने वाले दिनों में हवा का दबाव अधिक बढ़ेगा। धूल के कण हवा में नहीं उठ पाएंगे। स्मॉग का खतरा गहराएगा। हवा में कार्बन व नाइट्रोजन ऑक्साइड की मात्रा भी बढ़ेगी।
विज्ञापन
वर्जन-
नगर निगम आयुक्त डॉ. ब्रह्मजीत सिंह रांगी ने बताया कि शहर की सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है। इसके लिए टीमें लगाई गई हैं। प्रदूषित हो रहे पर्यावरण को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रतिदिन के कार्य की रिपोर्ट भी ली जा रही है।