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Panipat News: फर्जी प्रमाणपत्रों से नौकरी हासिल करने वाले शिक्षक को तीन साल की सजा
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पानीपत। आठ साल पुराने फर्जीवाडे़ के मामले में बर्खास्त जेबीटी टीचर तेजबीर राठी को जेएमआईसी की अदालत ने तीन साल की सजा सुनाई है। साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है, हालांकि इस मामले में जीबीटी टीचर को जमानत मिल गई है और अपील के लिए उन्हें 30 दिन का समय दिया गया है।
शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में 15 जून 2014 को समाजसेवी एवं रिटायर्ड बैंककर्मी टेकराम दहिया ने शिकायत दी थी कि अध्यापक तेजबीर राठी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पत्थरगढ़ में तैनात है। आरोप लगाया था कि अध्यापक ने गलत दिव्यांग प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। यह भी आरोप था कि उनकी पत्नी ने भी इसी तरह नौकरी हासिल की है। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने 15 सितंबर 2022 को तेजबीर की पत्नी और एक फरवरी 2023 को तेजबीर को बर्खास्त कर दिया था। इससे पहले तेजबीर ने 1995 में नौकरी हासिल की थी। इस संबंध में तेजबीर राठी के वकील परीक्षित अहलावत ने बताया कि मंगलवार को जेएमआईसी सुषमा की अदालत ने आईपीसी की धारा 420 के तहत तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में तेजबीर राठी को अदालत ने जमानत दे दी है और अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है। अब वह सेशन कोर्ट में याचिका लगाएंगे।
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शहर थाना पुलिस को दी शिकायत में 15 जून 2014 को समाजसेवी एवं रिटायर्ड बैंककर्मी टेकराम दहिया ने शिकायत दी थी कि अध्यापक तेजबीर राठी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पत्थरगढ़ में तैनात है। आरोप लगाया था कि अध्यापक ने गलत दिव्यांग प्रमाण पत्र और जाति प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल की है। यह भी आरोप था कि उनकी पत्नी ने भी इसी तरह नौकरी हासिल की है। प्रथमदृष्टया आरोप सही पाए जाने पर मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने 15 सितंबर 2022 को तेजबीर की पत्नी और एक फरवरी 2023 को तेजबीर को बर्खास्त कर दिया था। इससे पहले तेजबीर ने 1995 में नौकरी हासिल की थी। इस संबंध में तेजबीर राठी के वकील परीक्षित अहलावत ने बताया कि मंगलवार को जेएमआईसी सुषमा की अदालत ने आईपीसी की धारा 420 के तहत तीन साल की सजा और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले में तेजबीर राठी को अदालत ने जमानत दे दी है और अपील के लिए 30 दिन का समय दिया है। अब वह सेशन कोर्ट में याचिका लगाएंगे।
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