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सुबह से ही सूर्य हुए लाल, चिलचिलाती धूप से लोग परेशान
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पानीपत। आसमान से बरसती आग और शरीर को झुलसा देने वाली गर्म हवाओं की लपट...। बाहर निकलते ही जला देने वाली धूप...। रविवार को यह नजारा सुबह 10 बजे ही आम हो गया। प्रचंड धूप और लू के थपेड़ों के बीच सामान्य जनजीवन बेपटरी हो गया। दिन चढ़ते ही सूर्यदेव के तेवर लाल हो गए। गर्मी और उमस के कारण दोपहर में लोग पसीने से तर-ब-तर रहे। दिन के करीब दो बजे चढ़ता पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को छू गया।
करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तर से चलीं गर्म हवाओं ने जनसामान्य के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी बेहाल कर दिया। धूप और लू से बचने के लिए लोगों को सिर और मुंह पर कपड़ा बांधकर निकलना पड़ा। लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि गर्मी पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है। आंधी और हल्की बारिश के कारण तीन दिन मामूली राहत के बाद गर्मी फिर से तल्खी दिखाने लगी है। रविवार को हालात विषम नजर आए। सुबह करीब 10 बजे से ही गर्म हवाएं चलने लगीं। दोपहर में सड़कों पर मानो सन्नाटा छा गया हो।
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस सप्ताह भी लोगों को लू का सामना करना पड़ेगा। गर्मी की विभिषिका और चिलचिलाती धूप से फिलहाल राहत के कोई आसार नहीं हैं। न्यूनतम तापमान भी 32 से 35 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह तक लोगों को भीषण गर्म हवाओं का सामना करना पड़ेगा। सात और आठ जून इस सीजन का सबसे ज्यादा गर्म दिन रह सकता है। लोगों को गर्मी और लू से बचने की सलाह दी जा रही है।
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गर्मी में वायरस और बैक्टीरिया दोनों सक्रिय हो गए हैं। इसके चलते बुखार, जुकाम, डायरिया, हीट-स्ट्रोक, नेत्र और चर्म रोग के मरीजों की तादात अचानक बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी से बचाव के लिए घर और बाहर बच्चों की सेहत की विशेष देखभाल की जरूरत है। उन्हें धूप में ज्यादा न निकलने दें। खेलकर आने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए। फ्रिज का ठंडा पानी देने से भी परहेज करें। बाहर निकलने पर सिर को टोपी या रूमाल से जरूर ढंक लें। घर में ग्लूकोज, ओआरएस और नींबू आदि जरूर रखें। बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह पर ही दवा देनी चाहिए। गुनगुने पानी से गरारा करना चाहिए।
वर्जन
- लू लगातार चल रही है। इस सप्ताह गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। सात और आठ जून सबसे ज्यादा गर्म दिन रहने वाला है। तापमान ज्यादा रहने से स्थानीय विक्षोभ उत्पन्न होने से आंधी चल सकती है।
- डॉ. डीएस बूंदेला, मौसम वैज्ञानिक।
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करीब 21 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तर से चलीं गर्म हवाओं ने जनसामान्य के साथ-साथ पशु-पक्षियों को भी बेहाल कर दिया। धूप और लू से बचने के लिए लोगों को सिर और मुंह पर कपड़ा बांधकर निकलना पड़ा। लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है कि गर्मी पिछले कई वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ने पर आमादा है। आंधी और हल्की बारिश के कारण तीन दिन मामूली राहत के बाद गर्मी फिर से तल्खी दिखाने लगी है। रविवार को हालात विषम नजर आए। सुबह करीब 10 बजे से ही गर्म हवाएं चलने लगीं। दोपहर में सड़कों पर मानो सन्नाटा छा गया हो।
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मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार इस सप्ताह भी लोगों को लू का सामना करना पड़ेगा। गर्मी की विभिषिका और चिलचिलाती धूप से फिलहाल राहत के कोई आसार नहीं हैं। न्यूनतम तापमान भी 32 से 35 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार अगले सप्ताह तक लोगों को भीषण गर्म हवाओं का सामना करना पड़ेगा। सात और आठ जून इस सीजन का सबसे ज्यादा गर्म दिन रह सकता है। लोगों को गर्मी और लू से बचने की सलाह दी जा रही है।
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गर्मी में वायरस और बैक्टीरिया दोनों सक्रिय हो गए हैं। इसके चलते बुखार, जुकाम, डायरिया, हीट-स्ट्रोक, नेत्र और चर्म रोग के मरीजों की तादात अचानक बढ़ गई है। चिकित्सकों के अनुसार गर्मी से बचाव के लिए घर और बाहर बच्चों की सेहत की विशेष देखभाल की जरूरत है। उन्हें धूप में ज्यादा न निकलने दें। खेलकर आने के बाद तुरंत पानी नहीं पीना चाहिए। फ्रिज का ठंडा पानी देने से भी परहेज करें। बाहर निकलने पर सिर को टोपी या रूमाल से जरूर ढंक लें। घर में ग्लूकोज, ओआरएस और नींबू आदि जरूर रखें। बीमार होने पर चिकित्सक की सलाह पर ही दवा देनी चाहिए। गुनगुने पानी से गरारा करना चाहिए।
वर्जन
- लू लगातार चल रही है। इस सप्ताह गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। सात और आठ जून सबसे ज्यादा गर्म दिन रहने वाला है। तापमान ज्यादा रहने से स्थानीय विक्षोभ उत्पन्न होने से आंधी चल सकती है।
- डॉ. डीएस बूंदेला, मौसम वैज्ञानिक।