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सुपर-100 : मनोज और कशिश ने बढ़ाया मान
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छात्रा कशिश किवाना
- फोटो : Archive
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। शिक्षा विभाग द्वारा वीरवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में सुपर-100 कार्यक्रम के तहत जेईई एडवांस्ड-2026 में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसमें जिले से गांव नौल्था के मनोज कुमार और गांव किवाना (समालखा) की कशिश को सम्मानित किया गया।
दोनों विद्यार्थियों ने सुपर-100 योजना के माध्यम से अध्ययन कर जेईई एडवांस्ड में सफलता प्राप्त की। जिला विज्ञान विशेषज्ञ संदीप कुमार ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था और सुपर-100 योजना की बड़ी उपलब्धि बताया। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि ऐसे मेधावी विद्यार्थी प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
बेहतर तकनीक विकसित करना उद्देश्य
मेरे पिता सुनील कुमार ड्राइवर हैं और माता अन्नू रानी मजदूरी करती हैं। परिवार ने सीमित संसाधनों के बावजूद हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। सुपर-100 योजना ने मुझे अपने सपनों को साकार करने का मंच दिया। मेरा लक्ष्य एक सफल इंजीनियर बनकर ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे देश के विकास में योगदान दे सकूं। यह सम्मान मुझे और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। - मनोज कुमार, गांव नौल्था।
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बेटियां भी पूरे कर सकती हैं सपने
मैं किसान परिवार से हूं। मेरे पिता किसान हैं और मां गृहिणी हैं। मेरी सफलता का श्रेय मेरी मां, मामा जी और सभी शिक्षकों को जाता है। मामा ने यही सिखाया है कि परिस्थितियों से भागना नहीं बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए। मेरा सपना एआई रिसर्च इंजीनियर बनकर ऐसी तकनीक विकसित करना है। मैं चाहती हूं कि गांवों की बेटियां भी विश्वास करें कि मेहनत हर सपना पूरा किया जा सकता है।-कशिश, गांव किवाना, समालखा।
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पानीपत। शिक्षा विभाग द्वारा वीरवार को चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में सुपर-100 कार्यक्रम के तहत जेईई एडवांस्ड-2026 में सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इसमें जिले से गांव नौल्था के मनोज कुमार और गांव किवाना (समालखा) की कशिश को सम्मानित किया गया।
दोनों विद्यार्थियों ने सुपर-100 योजना के माध्यम से अध्ययन कर जेईई एडवांस्ड में सफलता प्राप्त की। जिला विज्ञान विशेषज्ञ संदीप कुमार ने इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था और सुपर-100 योजना की बड़ी उपलब्धि बताया। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बूरा ने कहा कि ऐसे मेधावी विद्यार्थी प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं और उनकी सफलता यह साबित करती है कि मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
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बेहतर तकनीक विकसित करना उद्देश्य
मेरे पिता सुनील कुमार ड्राइवर हैं और माता अन्नू रानी मजदूरी करती हैं। परिवार ने सीमित संसाधनों के बावजूद हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। सुपर-100 योजना ने मुझे अपने सपनों को साकार करने का मंच दिया। मेरा लक्ष्य एक सफल इंजीनियर बनकर ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे देश के विकास में योगदान दे सकूं। यह सम्मान मुझे और अधिक मेहनत करने की प्रेरणा देता है। - मनोज कुमार, गांव नौल्था।
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मैं किसान परिवार से हूं। मेरे पिता किसान हैं और मां गृहिणी हैं। मेरी सफलता का श्रेय मेरी मां, मामा जी और सभी शिक्षकों को जाता है। मामा ने यही सिखाया है कि परिस्थितियों से भागना नहीं बल्कि उनका डटकर सामना करना चाहिए। मेरा सपना एआई रिसर्च इंजीनियर बनकर ऐसी तकनीक विकसित करना है। मैं चाहती हूं कि गांवों की बेटियां भी विश्वास करें कि मेहनत हर सपना पूरा किया जा सकता है।-कशिश, गांव किवाना, समालखा।

छात्रा कशिश किवाना- फोटो : Archive