{"_id":"03497a018ed6d9d12f20c4455ff57eb9","slug":"summer-persecute-power-cut","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी में सताएंगे बिजली कट! ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी में सताएंगे बिजली कट!
अमर उजाला,पानीपत
Updated Fri, 11 Apr 2014 11:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। अप्रैल के बाद एकतरफ होगा गर्मी का मौसम और दूसरी तरफ होंगे बिजली के कट। ऐसे में क्षेत्रवासियों के दिन तो जैस-तैसे कट जाएंगे, लेकिन रातें काटना मुश्किल हो सकता है। अप्रैल माह के बाद और भी ज्यादा गर्मी बढ़ने के साथ बिजली की खपत भी बढ़ जाएगी। इस समय पानीपत सर्कल में प्रतिदिन बिजली की खपत करीब 55 लाख यूनिट तक है। गर्मियां बढ़ने के साथ खपत 90 लाख यूनिट तक होने की संभावना रहती है।
कनेक्शन बढ़े पर क्षमता नहीं
बीते एक साल में क्षेत्र में घरेलू व औद्योगिक कनेक्शन तो बढ़े हैं, लेकिन क्षमता नहीं बढ़ी है। पिछले साल सर्कल में करीब एक लाख 40 हजार कनेक्शन थे। इस साल में कनेक्शन बढ़कर करीब एक लाख 60 हजार तक हो गए हैं। आने वाले दिनों मेें कनेक्शन बढ़ने की ओर भी ज्यादा उम्मीद है।
90 लाख यूनिट तक होगी खपत
इस समय क्षेत्र में बिजली की खपत करीब 55 लाख यूनिट तक है। मई माह में यह खपत बढ़कर करीब 90 लाख यूनिट तक हो जाएगी। पानीपत सर्कल को मिलने वाली सप्लाई करीब 75 लाख यूनिट तक ही है। ऐसे में सप्लाई में करीब 15 लाख यूनिट कम रहने के कारण परेशान बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
लगेंगे अनचाहे कट
इस तरह से सप्लाई में गैप बढ़ जाने के कारण अनचाहे कट लगेंगे। सप्लाई का कुछ हिस्सा लाइन लॉस मेें चला जाता है। सर्दियों के दिनों में बिजली कर्मियों के पास लाइनों की मरम्मत करने का बढ़िया समय होता है। इस बार के सीजन में लाइनों की मरम्मत भी कम हो पाई है। मरम्मत पूरी न होने का कारण चुनाव को माना जा रहा है। एक तो अधिकारी चुनाव में व्यस्त रहे दूसरे आचार संहिता लागू होने के कारण नए टेंडर नहीं हो सके।
जर्जर तार भी बनेंगे कटों का कारण
लाइनों पर लोड बढ़ने के साथ कटों का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। जर्जर तारों के कारण लाइन ट्रिप होने का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। जर्जर तारें गर्म होने के कारण कई जगहों से टूटना भी शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा ज्यादातर जगहों पर लोड के हिसाब से कम क्षमता के ट्रांसफार्मर भी रखे हैं। जैसे ही लोड बढ़ना शुरू हो जाएगा, कम लोड वाले ट्रांसफार्मर भी फुंकने की आशंका बनी रहेगी।
वर्जन
आने वाले दिनों में गर्मियाें में बिजली से संबंधित कोई परेशानी नहीं होगी। इस समय बिजली की खपत करीब 55 लाख यूनिट तक है। मई के बाद खपत करीब 85 लाख यूनिट तक हो जाएगी। सप्लाई से संबंधित कोई परेशानी नहीं होगी। जहां पर जरूरत थी, वहां पर फीडरों व ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई है।
एमएस दहिया, एसई, बिजली निगम, पानीपत सर्कल
विज्ञापन
कनेक्शन बढ़े पर क्षमता नहीं
बीते एक साल में क्षेत्र में घरेलू व औद्योगिक कनेक्शन तो बढ़े हैं, लेकिन क्षमता नहीं बढ़ी है। पिछले साल सर्कल में करीब एक लाख 40 हजार कनेक्शन थे। इस साल में कनेक्शन बढ़कर करीब एक लाख 60 हजार तक हो गए हैं। आने वाले दिनों मेें कनेक्शन बढ़ने की ओर भी ज्यादा उम्मीद है।
विज्ञापन
90 लाख यूनिट तक होगी खपत
इस समय क्षेत्र में बिजली की खपत करीब 55 लाख यूनिट तक है। मई माह में यह खपत बढ़कर करीब 90 लाख यूनिट तक हो जाएगी। पानीपत सर्कल को मिलने वाली सप्लाई करीब 75 लाख यूनिट तक ही है। ऐसे में सप्लाई में करीब 15 लाख यूनिट कम रहने के कारण परेशान बढ़ जाएगी।
विज्ञापन
लगेंगे अनचाहे कट
इस तरह से सप्लाई में गैप बढ़ जाने के कारण अनचाहे कट लगेंगे। सप्लाई का कुछ हिस्सा लाइन लॉस मेें चला जाता है। सर्दियों के दिनों में बिजली कर्मियों के पास लाइनों की मरम्मत करने का बढ़िया समय होता है। इस बार के सीजन में लाइनों की मरम्मत भी कम हो पाई है। मरम्मत पूरी न होने का कारण चुनाव को माना जा रहा है। एक तो अधिकारी चुनाव में व्यस्त रहे दूसरे आचार संहिता लागू होने के कारण नए टेंडर नहीं हो सके।
जर्जर तार भी बनेंगे कटों का कारण
लाइनों पर लोड बढ़ने के साथ कटों का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। जर्जर तारों के कारण लाइन ट्रिप होने का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा। जर्जर तारें गर्म होने के कारण कई जगहों से टूटना भी शुरू हो जाएंगी। इसके अलावा ज्यादातर जगहों पर लोड के हिसाब से कम क्षमता के ट्रांसफार्मर भी रखे हैं। जैसे ही लोड बढ़ना शुरू हो जाएगा, कम लोड वाले ट्रांसफार्मर भी फुंकने की आशंका बनी रहेगी।
वर्जन
आने वाले दिनों में गर्मियाें में बिजली से संबंधित कोई परेशानी नहीं होगी। इस समय बिजली की खपत करीब 55 लाख यूनिट तक है। मई के बाद खपत करीब 85 लाख यूनिट तक हो जाएगी। सप्लाई से संबंधित कोई परेशानी नहीं होगी। जहां पर जरूरत थी, वहां पर फीडरों व ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई है।
एमएस दहिया, एसई, बिजली निगम, पानीपत सर्कल