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Panipat News: विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में प्रतिभा दिखाएंगे विद्यार्थी
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- जिला स्तर पर आज राजकीय स्कूल सिवाह में आयोजित की जाएगी स्पर्धा
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय पर जिला स्तर पर विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग की ओ से इसकी तैयारी कर ली गई है।
जिला स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह में किया जाएगा जिसमें खंड स्तर पर विजेता टीमें भाग लेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
उत्तरी भारत विज्ञान नाटक प्रतियोगिता (एनआईएसडीसी) 2025-26 दिसंबर के पहले सप्ताह में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में आयोजित की जाएगी। इससे पूर्व राज्य स्तरीय विज्ञान नाटक एससीईआरटी गुरुग्राम में सितंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पहले जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है।
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जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमें
खंड टीमें
बापौली- एएमएसएसएस छाजपुर कलां और जीएमएस ताजपुर।
समालखा- डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल और जीएमएसएसएस समालखा।
पानीपत - जीएमएसएसएस जीटी रोड और जिनवाणी विद्या भारती स्कूल।
इसराना - सरस्वती विद्या मंदिर बुआना लाखू और जीएमएसएसएस इसराना।
मतलौडा - जीएसएसएस सिठाना और जीजीएसएसएस मतलौडा।
विज्ञान नाटक प्रतियोगिता के विषय-
मुख्य विषय : मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
उप-विषय- 1. विज्ञान में महिलाएं, 2. स्मार्ट कृषि, 3. डिजिटल इंडिया : जीवन को सशक्त बनाना, 4. सभी के लिए स्वच्छता, 5. हरित प्रौद्योगिकी।
नाटक प्रस्तुति के मुख्य बिंदु-
- नाटक की अवधि 30 मिनट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- टीम में एक निर्देशक, एक पटकथा लेखक होना चाहिए तथा 8 से अधिक कलाकार नहीं होने चाहिए।
- इसमें वैज्ञानिक संदेश होना चाहिए।
- नाटक टीम को नाटक को शीघ्रता से तैयार करने और मंचित करने में सक्षम होना चाहिए।
- भाषा समझने में आसान होनी चाहिए। दृश्यात्मकता को प्राथमिकता दी जाएगी।
- चित्रण के लिए लिखित पोस्टर, बैनर एवं एड्स पृष्ठभूमि का उपयोग किया जा सकता है।
राष्ट्रीय विज्ञान नाटक महोत्सव में भाग लेंगी शीर्ष दो टीमें
राज्य स्तर पर शीर्ष दो विजेता टीमों को उत्तर भारत विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उत्तर भारत विज्ञान नाटक प्रतियोगिता की शीर्ष दो टीमों को दिसंबर-2025 में राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान नाटक महोत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
वर्जन-
मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय पर सोमवार को जिला स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। राज्य के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली है। खंड स्तर पर विजेता टीमों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
- संदीप संभ्रवाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, पानीपत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि तथा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से स्कूलों में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। सोमवार को मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय पर जिला स्तर पर विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग की ओ से इसकी तैयारी कर ली गई है।
जिला स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह में किया जाएगा जिसमें खंड स्तर पर विजेता टीमें भाग लेंगी। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं।
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उत्तरी भारत विज्ञान नाटक प्रतियोगिता (एनआईएसडीसी) 2025-26 दिसंबर के पहले सप्ताह में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र में आयोजित की जाएगी। इससे पूर्व राज्य स्तरीय विज्ञान नाटक एससीईआरटी गुरुग्राम में सितंबर के अंतिम सप्ताह में आयोजित किया जाएगा। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से पहले जिला स्तर पर प्रतियोगिता का आयोजन किया जाना है।
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जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमें
खंड टीमें
बापौली- एएमएसएसएस छाजपुर कलां और जीएमएस ताजपुर।
समालखा- डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल और जीएमएसएसएस समालखा।
पानीपत - जीएमएसएसएस जीटी रोड और जिनवाणी विद्या भारती स्कूल।
इसराना - सरस्वती विद्या मंदिर बुआना लाखू और जीएमएसएसएस इसराना।
मतलौडा - जीएसएसएस सिठाना और जीजीएसएसएस मतलौडा।
विज्ञान नाटक प्रतियोगिता के विषय-
मुख्य विषय : मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी।
उप-विषय- 1. विज्ञान में महिलाएं, 2. स्मार्ट कृषि, 3. डिजिटल इंडिया : जीवन को सशक्त बनाना, 4. सभी के लिए स्वच्छता, 5. हरित प्रौद्योगिकी।
नाटक प्रस्तुति के मुख्य बिंदु-
- नाटक की अवधि 30 मिनट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- टीम में एक निर्देशक, एक पटकथा लेखक होना चाहिए तथा 8 से अधिक कलाकार नहीं होने चाहिए।
- इसमें वैज्ञानिक संदेश होना चाहिए।
- नाटक टीम को नाटक को शीघ्रता से तैयार करने और मंचित करने में सक्षम होना चाहिए।
- भाषा समझने में आसान होनी चाहिए। दृश्यात्मकता को प्राथमिकता दी जाएगी।
- चित्रण के लिए लिखित पोस्टर, बैनर एवं एड्स पृष्ठभूमि का उपयोग किया जा सकता है।
राष्ट्रीय विज्ञान नाटक महोत्सव में भाग लेंगी शीर्ष दो टीमें
राज्य स्तर पर शीर्ष दो विजेता टीमों को उत्तर भारत विज्ञान नाटक प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उत्तर भारत विज्ञान नाटक प्रतियोगिता की शीर्ष दो टीमों को दिसंबर-2025 में राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय स्तर के विज्ञान नाटक महोत्सव में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया जाएगा।
वर्जन-
मानव जाति के लाभ के लिए विज्ञान और प्रौद्योगिकी विषय पर सोमवार को जिला स्तरीय विज्ञान नाटक प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। राज्य के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सिवाह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी पूरी कर ली है। खंड स्तर पर विजेता टीमों को जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है।
- संदीप संभ्रवाल, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, पानीपत