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Panipat News: आवारा कुत्तों ने चार वर्षीय बच्ची का चेहरा नोंचा, हालत गंभीर
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अस्पताल में उपचाराधीन घायल बच्चा। संवाद
- फोटो : samvad
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। शहर में आवारा कुत्तों के हमले का मामला सामने आया है। बुधवार को लाइन पार शिव कॉलोनी, समाज सेवा समिति रोड और मॉडल टाउन में आवारा कुत्तों ने दो बच्चों समेत चार लोगों को काटकर घायल कर दिया। हमले में चार वर्षीय बच्ची निशु के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। घायलों में आठ वर्षीय सुशांत, बुजुर्ग महिला सावित्री और एक युवक भी शामिल हैं।
सभी घायलों को सामान्य अस्पताल समालखा लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों और बुजुर्ग महिला की हालत को देखते हुए उन्हें खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया गया।
घर के बाहर खेल रही बच्ची पर किया हमला
लाइन पार शिव कॉलोनी निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि उनकी करीब चार वर्षीय पोती निशु घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसके चेहरे को बुरी तरह नोंच लिया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अन्य बच्चे किसी तरह बच निकले। पड़ोसियों की मदद से घायल बच्ची को सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया।
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दुकान से लौट रहे बच्चे को भी काटा
समाज सेवा समिति रोड निवासी राकेश सिंह ने बताया कि उनका आठ वर्षीय बेटा सुशांत दुकान से सामान लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान कुत्ते ने उसकी टांग पर काट लिया। इसके अलावा लाइन पार शिव कॉलोनी निवासी बुजुर्ग महिला सावित्री और मॉडल टाउन निवासी एक युवक भी कुत्ते के हमले में घायल हो गए। दोनों को भी उपचार के लिए अस्पताल लाया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों ने मांग की कि आवारा कुत्तों के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
नसबंदी अभियान के बावजूद हमलों पर चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले नगर परिषद ने आवारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान चलाया था। उस दौरान नसबंदी के बाद कुत्तों को वापस उसी क्षेत्र में छोड़ने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद कुत्तों के हमले चिंता का विषय बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलते समय डर बना रहता है।
सामान्य अस्पताल समालखा के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में शहर और आसपास के गांवों के 248 लोग कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंचे थे। अगस्त में ऐसे 210 मामले दर्ज किए गए थे। लगातार बढ़ते मामलों के बीच स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए प्रभावी और स्थायी समाधान करने की मांग की है।
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समालखा। शहर में आवारा कुत्तों के हमले का मामला सामने आया है। बुधवार को लाइन पार शिव कॉलोनी, समाज सेवा समिति रोड और मॉडल टाउन में आवारा कुत्तों ने दो बच्चों समेत चार लोगों को काटकर घायल कर दिया। हमले में चार वर्षीय बच्ची निशु के चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। घायलों में आठ वर्षीय सुशांत, बुजुर्ग महिला सावित्री और एक युवक भी शामिल हैं।
सभी घायलों को सामान्य अस्पताल समालखा लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों बच्चों और बुजुर्ग महिला की हालत को देखते हुए उन्हें खानपुर पीजीआई रेफर कर दिया गया।
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घर के बाहर खेल रही बच्ची पर किया हमला
लाइन पार शिव कॉलोनी निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि उनकी करीब चार वर्षीय पोती निशु घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया और उसके चेहरे को बुरी तरह नोंच लिया। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। अन्य बच्चे किसी तरह बच निकले। पड़ोसियों की मदद से घायल बच्ची को सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया।
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दुकान से लौट रहे बच्चे को भी काटा
समाज सेवा समिति रोड निवासी राकेश सिंह ने बताया कि उनका आठ वर्षीय बेटा सुशांत दुकान से सामान लेकर घर लौट रहा था। इसी दौरान कुत्ते ने उसकी टांग पर काट लिया। इसके अलावा लाइन पार शिव कॉलोनी निवासी बुजुर्ग महिला सावित्री और मॉडल टाउन निवासी एक युवक भी कुत्ते के हमले में घायल हो गए। दोनों को भी उपचार के लिए अस्पताल लाया गया।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। लोगों ने मांग की कि आवारा कुत्तों के हमलों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
नसबंदी अभियान के बावजूद हमलों पर चिंता
स्थानीय लोगों के अनुसार, करीब एक वर्ष पहले नगर परिषद ने आवारा कुत्तों की नसबंदी का अभियान चलाया था। उस दौरान नसबंदी के बाद कुत्तों को वापस उसी क्षेत्र में छोड़ने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद कुत्तों के हमले चिंता का विषय बने हुए हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलते समय डर बना रहता है।
सामान्य अस्पताल समालखा के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर में शहर और आसपास के गांवों के 248 लोग कुत्तों के काटने के बाद उपचार के लिए पहुंचे थे। अगस्त में ऐसे 210 मामले दर्ज किए गए थे। लगातार बढ़ते मामलों के बीच स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए प्रभावी और स्थायी समाधान करने की मांग की है।