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Panipat News: तेज रफ्तार और लापरवाही... एनएच-44 पर 34 किलोमीटर में पांच दुर्घटना संभावित क्षेत्र

Tue, 02 Dec 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत Updated Tue, 02 Dec 2025 01:21 AM IST
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Speeding and negligence... Five accident-prone areas in 34 km on NH-44
नेशनल हाईवे-44 पर बाबरपुर टोल प्लाजा के पास उल्टी दिशा में दौड़ते वाहन। संवाद
पानीपत। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 जिले के बीच से गुजरता है। हाईवे की जिले में लंबाई करीब 34 किमी है। इस बीच पांच दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं जिनमें बाबर पुर टोल प्लाजा, एलिवेटेड हाईवे, मलिक पेट्रोल पंप, नांगलखेड़ी पानीपत शहर के पास हैं। वहीं समालखा क्षेत्र में पट्टीकल्याणा के पास भी लगातार हादसे हो रहे हैं। यहां पर हादसों का सबसे बड़ा कारण लापरवाही, वाहनों की रफ्तार और उल्टी दिशा में वाहन दौड़ाना है।
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कई बार पुलिस इनकी रिपोर्ट तैयार कर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को भेज चुकी है। लेकिन इस दिशा में कोई काम नहीं हो रहा है। साथ ही हाईवे पर सफेद पट्टी भी धुंधली पड़ चुकी है। स्टेट हाईवे की स्थिति और भी अधिक चिंताजनक है। कई स्थानों पर अवैध कट भी बन गए हैं। इससे सर्दी के मौसम में सड़क हादसों का खतरा बढ़ेगा।
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जिले में सड़क हादसों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्ष 2024 में जिले में 308 लोगों की हादसों में मौत हुई थी। वहीं वर्ष 2025 में 11 माह में ही यह संख्या 317 से अधिक पहुंच गई है। लगातार बढ़ रहे हादसों पर अमर उजाला ने नेशनल हाईवे और स्टेट की पड़ताल की। जिले में तीन नेशनल हाईवे गुजर रहे हैं। इनमें जीटी रोड नेशनल हाईवे-44, रोहतक-पानीपत नेशनल हाईवे और पानीपत-खटीमा नेशनल हाईवे हैं।
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जीटी रोड हाईवे की जिले में लंबाई 34 किमी है और यह जिले के बीच से गुजरता है। सबसे अधिक हादसे भी इसी हाईवे पर होते हैं। हाईवे किनारे बैरिकेडिंग की गई है। पुलिस के रिकॉर्ड में नेशनल हाईवे पर पांच स्थानों पर सबसे अधिक हादसे दर्ज हुए। नेशनल हाईवे पर कोहरे के समय हादसों से बचाव के कारण सफेद पट्टी लगाई लगाई जाती हैं। लेकिन हाईवे पर जगह-जगह से सफेद पट्टी फीकी हो चुकी हैं। जिस कारण रात को दिखाई नहीं देती। वहीं स्टेट हाईवे पानीपत शहर से निकलते ही खस्ता हालत में है। जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। पूरे रोड पर सफेद पट्टी भी कहीं भी नजर नहीं आती। सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में पुलिस ने यह सफेद पट्टी दुरुस्त करने का प्रस्ताव रखा था लेकिन अब तक इस पर काम नहीं हो सका है।
दुर्घटना संभावित स्थल और हादसों का कारण
टोल प्लाजा बाबरपुर : पुलिस के मुताबिक बाबरपुर टोल प्लाजा पर सेक्टर-18 की ओर से भी वाहन हाईवे पर आते हैं। करनाल की ओर जाने वाले वाहन उल्टी दिशा से हाईवे पर आते हैं जिससे कई बार वाहनों की आमने-सामने की टक्कर हो जाती है। साथ ही पैदल यात्री भी बड़ी संख्या में हाईवे पार करते हैं और वाहनों की गति अधिक होने के कारण हादसों का शिकार होते हैं।
मलिक पेट्रोल पंप : मलिक पेट्रोल पंप के पास एलिवेटेड हाईवे शुरू होता है। इस कारण यहां पर वाहनों की गति अधिक रहती है। पानीपत की ओर जाने वाले वाहन यहां से सर्विस लेन पर पहुंचते हैं और अचानक से कट मारते हैं जो हादसे का कारण बनता है।
नांगलखेड़ी गांव के पास : नेशनल हाईवे-44 पर नांगलखेड़ी गांव के पास सबसे अधिक हादसे होते हैं। सेक्टर-29 औद्योगिक क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक काम करने जाते हैं। शॉर्टकट के चक्कर में लोग हाईवे पार करने लगते हैं। जो हादसों का सबसे बड़ा कारण है। साथ ही बीएमबी फ्लाईओवर से उतरकर गांव की ओर कटने वाले वाहन भी हादसे का कारण बनते हैं।

पट्टीकल्याणा के पास : नेशनल हाईवे-44 पर पट्टीकल्याणा के पास भी फ्लाईओवर से उतरते हुए वाहनों की गति अधिक रहती है। रात के समय वाहनों की गति अधिक होने और अचानक कट लगने के कारण हादसे होते हैं।
डाहर चौक रोहतक हाईवे : पानीपत में रोहतक हाईवे पर डाहर चौक के पास भी बड़ी संख्या में हादसे होते हैं। यहां पर भी सबसे अधिक हादसे वाहनों की रफ्तार के कारण होते हैं।
नंबर गेम

282 लोगों की वर्ष 2023 में हादसों में मौत हुई थी।
317 लोगों ने इस वर्ष अब तक हादसों में गंवाई जान
कोहरे के मौसम से पहले नेशनल हाईवे समेत सभी सड़कों पर सफेद पट्टी बनवाने के लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा गया है। पानीपत-जींद हाईवे पर सड़क किनारे खड़े पेड़ों पर भी रिफ्लेक्टर टेप लगाई जा रही है। जिससे रात को वाहन चालकों को दिक्कत न हो।

-सुरेश कुमार सैनी, डीएसपी यातायात।
नेशनल हाइवे पर पुलिस द्वारा चिन्हित दुर्घटना संभावित क्षेत्रों पर समय समय पर काम कराए जाते हैं। बैरिकेटिंग की ऊंचाई बढ़ाई गई हैं और कहां पर टूटी थी वहां दुरूस्त कराई गई है।
-प्रशांत कुमार, पीडी, एनएचएआई अंबाला।

नेशनल हाईवे-44 पर बाबरपुर टोल प्लाजा के पास उल्टी दिशा में दौड़ते वाहन। संवाद

नेशनल हाईवे-44 पर बाबरपुर टोल प्लाजा के पास उल्टी दिशा में दौड़ते वाहन। संवाद

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