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Panipat News: कभी गरीबी तो कभी इज्जत के नाम पर कर रहे बाल विवाह

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 27 Nov 2025 02:49 AM IST
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Sometimes child marriage is done in the name of poverty and sometimes in the name of respect.
पानीपत। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान का वीरवार को एक साल पूरा हो गया। एक साल में बाल विवाह को रोकने के तमाम दावे किए गए। लेकिन, हकीकत में आज भी माता-पिता अपने बच्चों का बाल विवाह कर रहे हैं। कभी गरीबी तो कभी इज्जत का हवाला देकर किशोरियों का बाल विवाह कराया जा रहा है।
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पिछले 11 माह में बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय तक 26 शिकायत पहुंची। जिनमें से 11 शादी रुकवाई गई और 10 में कानूनी कार्रवाई हुई। वीरवार को बाल विवाह निषेध अधिकारी की ओर से जिला सचिवालय में बाल विवाह के विरुद्ध शपथ ग्रहण कराई जाएगी। एक वर्ष पहले 27 नवंबर से बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की शुरूआत की गई थी।
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पानीपत जिले में प्रवासी श्रमिकों की संख्या अधिक होने के कारण बाल विवाह के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। जिसे देखते हुए प्रशासन द्वारा बाल विवाह को रोकने के लिए 11 माह तक विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही बाल विवाह होने की सूचना पर कार्रवाई की गई। 11 माह में जिले में बाल विवाह की 26 शिकायत प्राप्त हुई। जिनका तुरंत संज्ञान लेकर कार्रवाई की गई। इनमें से ज्यादातर मामलों में वर-वधु पक्षों ने गरीबी का हवाला देकर किशोरियों की शादी करने की बात ही थी। वहीं कुछ मामलों में माता-पिता अपनी इज्जत का हवाला देकर कम उम्र में बच्चों की शादी कर रहे हैं।
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विवाह निषेध अधिकारी रजनी गुप्ता ने बताया कि पिछले वर्ष में बाल विवाह रोकने में आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, पंचायत प्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। कई संवेदनशील मामलों में समय पर हस्तक्षेप, परामर्श और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से नाबालिग बच्चों को कम उम्र के विवाह से सुरक्षित किया गया। एक साल पूर्ण होने पर वीरवार को जिला सचिवालय में विशेष कार्यक्रम का आयोजन कर शपथ ग्रहण कराया जाएगा। जिसमें सभी सरपंच, पार्षद और संगठनों के पदाधिकारियों को बुलाया गया है।

लड़की की उम्र 18 साल और लड़के की उम्र 21 साल तय : बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत शादी के लिए लड़की की उम्र 18 और लड़के की उम्र 21 साल तय की गई है। इससे कम उम्र में विवाह कराना बाल विवाह की श्रेणी में आता है जो दंडनीय अपराध है।
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