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Panipat News: किसी का फर्श तो किसी के टूटे मिले शीशे
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पानीपत। कनीना व यमुनानगर हादसे के बाद जिला आरटीए टीम ने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत बसों की चेकिंग का अभियान तेज कर दिया है। शनिवार को महराना गांव के यार्ड में स्कूल बसों की पासिंग भी की गई। इसमें फिटनेस सर्टिफिकेट लेने के लिए जिले के कई बड़े स्कूल कॉलजों की 34 बसें पहुंची। इनमें से 12 को अनफिट करार देते हुए फेल कर दिया है। बाकी 22 को पास किया गया है।
सभी स्कूल बसों में आटीए अधिकारियों ने सीसीटीवी, डिस्पले, फिटनेस सर्टिफिकेट, बकाया टैक्स आदि की गहनता से जांच की है। जिसमें कई बड़ी खामियों मिली। हैरानी की बात ये देखने को मिली कि कई बसों में आपातकाल के लिए रखे फायर फाइटिंग सिलिंंडर तक खाली मिले। जिनको जांच के लिए चलाकर देखा तो वे नहीं चल पाए। अन्य कई फेल हुई बसों में काफी अनियमितताएं देखने को मिली। किसी का फर्श टूटा हुआ मिला तो किसी के शीशे तक टूटे थे। अधिकारियों से संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए बसों के नियम पूरा करने की हिदायत दी है। मौके पर आरटीए सचिव डॉ. नीरज जिंदल भी पहुंचे। उन्होंने खुद आटीए अधिकारियों के साथ यार्ड और पास या फेल की गई बसों को मुआयना किया। आरटीए सचिव ने कहा कि स्कूल बसों में अनियमितताएं मिलना गंभीर विषय है। इस पर सख्ती से जांच की जा रही है। अगर इसमें कोई लापरवाही बरतेगा तो विभाग उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
बॉक्स
इस स्कूल की बस में यह कमी मिली
चेकिंग के दौरान संस्कार वैली स्कूल की बस में ज्यादा सीटें लगाई गई मिली। सेंट मैरी स्कूल की बस में अग्निशमन यंत्र ही खाली मिला। डीपीएस की बस में शीशे टूटे मिले। इन बसों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तक नहीं थी। बसों के पीछे पुलिस, स्कूल और हैल्पलाइन नंबर तक मिटे थे। मौके पर बस संचालकों ने पेंटर बुला कुछ बसों पर हैल्पलाइन नंबर पेंट करवाने का प्रयास भी किया।
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पहले भी मिली अनफिट, अब 28 तक का समय
इससे पहले भी बुधवार को छुट्टी के दिन महराना यार्ड की पासिंग में 31 बस और वैन पहुंची थी। जिसमें से निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली 21 बसों को पास कर बाकी नौ को फेल कर दिया गया। इसके अलावा एक बस का चालान भी किया गया था। उन बसों में भी किसी में सीसीटीवी नहीं थे, किसी का फर्श गला हुआ था, किसी में स्पीड गर्वनर, जीपीएस काम नहीं कर रहे थे तो किसी के टायर और व्हीकल की बॉडी खस्ताहाल थी।आरटीए की सख्त कार्रवाई के चलते कुछ संचालकों ने अपनी पुराने और अनफिट बसों को छुपा दिया है। दूसरी ओर परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकाें काे 12 दिन का वक्त दिया है। ताकि छिपा कर बसाें का फिटनेस चेक करवाया जा सके। इस पासिंग के लिए अब शनिवार से डाहर स्थित ग्राउंड में शुरू कर दी गई है जो 28 अप्रैल तक चलेगी। इसके बाद वाहनाें की फिटनेस पासिंग के लिए रोहतक जाना पड़ेगा।
वर्जन-
जिसके नियम पूरे, केवल वही दौड़ सकेगी सड़क पर - आरटीए
जो स्कूल बसें नियमों का पूरा करेंगी केवल उनको ही पास किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। आज मौके पर जाकर पासिंग देखी। बसों की जांच की। कई बसों में अनियमितता मिलने पर उनको फेल कर दिया गया है।
डाॅ. नीरज जिंदल, सचिव, आरटीए पानीपत।
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सभी स्कूल बसों में आटीए अधिकारियों ने सीसीटीवी, डिस्पले, फिटनेस सर्टिफिकेट, बकाया टैक्स आदि की गहनता से जांच की है। जिसमें कई बड़ी खामियों मिली। हैरानी की बात ये देखने को मिली कि कई बसों में आपातकाल के लिए रखे फायर फाइटिंग सिलिंंडर तक खाली मिले। जिनको जांच के लिए चलाकर देखा तो वे नहीं चल पाए। अन्य कई फेल हुई बसों में काफी अनियमितताएं देखने को मिली। किसी का फर्श टूटा हुआ मिला तो किसी के शीशे तक टूटे थे। अधिकारियों से संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए बसों के नियम पूरा करने की हिदायत दी है। मौके पर आरटीए सचिव डॉ. नीरज जिंदल भी पहुंचे। उन्होंने खुद आटीए अधिकारियों के साथ यार्ड और पास या फेल की गई बसों को मुआयना किया। आरटीए सचिव ने कहा कि स्कूल बसों में अनियमितताएं मिलना गंभीर विषय है। इस पर सख्ती से जांच की जा रही है। अगर इसमें कोई लापरवाही बरतेगा तो विभाग उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
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इस स्कूल की बस में यह कमी मिली
चेकिंग के दौरान संस्कार वैली स्कूल की बस में ज्यादा सीटें लगाई गई मिली। सेंट मैरी स्कूल की बस में अग्निशमन यंत्र ही खाली मिला। डीपीएस की बस में शीशे टूटे मिले। इन बसों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट तक नहीं थी। बसों के पीछे पुलिस, स्कूल और हैल्पलाइन नंबर तक मिटे थे। मौके पर बस संचालकों ने पेंटर बुला कुछ बसों पर हैल्पलाइन नंबर पेंट करवाने का प्रयास भी किया।
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पहले भी मिली अनफिट, अब 28 तक का समय
इससे पहले भी बुधवार को छुट्टी के दिन महराना यार्ड की पासिंग में 31 बस और वैन पहुंची थी। जिसमें से निर्धारित मानकों पर खरी उतरने वाली 21 बसों को पास कर बाकी नौ को फेल कर दिया गया। इसके अलावा एक बस का चालान भी किया गया था। उन बसों में भी किसी में सीसीटीवी नहीं थे, किसी का फर्श गला हुआ था, किसी में स्पीड गर्वनर, जीपीएस काम नहीं कर रहे थे तो किसी के टायर और व्हीकल की बॉडी खस्ताहाल थी।आरटीए की सख्त कार्रवाई के चलते कुछ संचालकों ने अपनी पुराने और अनफिट बसों को छुपा दिया है। दूसरी ओर परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकाें काे 12 दिन का वक्त दिया है। ताकि छिपा कर बसाें का फिटनेस चेक करवाया जा सके। इस पासिंग के लिए अब शनिवार से डाहर स्थित ग्राउंड में शुरू कर दी गई है जो 28 अप्रैल तक चलेगी। इसके बाद वाहनाें की फिटनेस पासिंग के लिए रोहतक जाना पड़ेगा।
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जिसके नियम पूरे, केवल वही दौड़ सकेगी सड़क पर - आरटीए
जो स्कूल बसें नियमों का पूरा करेंगी केवल उनको ही पास किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई होगी। आज मौके पर जाकर पासिंग देखी। बसों की जांच की। कई बसों में अनियमितता मिलने पर उनको फेल कर दिया गया है।
डाॅ. नीरज जिंदल, सचिव, आरटीए पानीपत।