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सफाई का ठेका रद्द होने से खुश तो कोई दुखी
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पानीपत। विधायक प्रमोद विज के कार्यालय के बाहर धरना देते हुए एजेंसी के सफाई कर्मचरी।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। शहर की छह सड़कों की सफाई के लिए लगाई गई स्वीपिंग मशीन के टेंडर को निगम ने रद्द कर दिया है। इससे शहरवासी और जनप्रतिनिधियों में तो खुशी है लेकिन एजेंसी के कर्मचारियों में रोष है। इन कर्मचारियों ने बुधवार को शहरी विधायक प्रमोद विज के कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। मांग की कि टेंडर को फिर से लगाया जाए ताकि उन्हें रोजागार मिल सके।
शहरी विधायक के न मिलने से कुछ देर बाद उन्हें धरना-प्रदर्शन स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे वीरवार को फिर शहरी विधायक से मिलेंगे। वहीं, निगम अधिकारियों कहना है कि ये कर्मचारी निगम के हैं ही नहीं। ये कर्मचारी आईएनडी एजेंसी के हैं। अब निगम के साथ एजेंसी का करार समाप्त हो चुका है। इनकी जिम्मेदारी पहले की तरह अभी भी एजेंसी की है। इस पर जनप्रतिनिधियों का कहना है कि टेंडर को न तो दोबारा लगाया जाएगा और न बढ़ाया जाएगा। हालांकि इन कर्मचारियों को दूसरे सफाई के काम में समायोजित किया जा सकता है।
ये है पूरा मामला
नगर निगम ने आईएनडी एजेंसी को जीटी रोड, गोहाना रोड, असंध रोड, बरसत रोड, कृपाल आश्रम रोड, मॉडल टाउन रोड तक की सड़कों को स्वीपिंग मशीन से सफाई करने के लिए 14 अगस्त 2018 को तीन साल का टेंडर दिया था। इसके लिए निगम हर माह करीब 94 लाख रुपये का भुगतान करता था। ये टेंडर 13 अगस्त 2021 को पूरा हो गया था। इसके बाद भी निगम ने इस टेंडर को कई बार बढ़ाया।
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करीब चार माह पहले नगर निगम सदन की बैठक में सांसद, विधायक और पार्षदों ने जबरदस्त विरोध करते हुए इस टेंडर को तुरंत प्रभाव से रद्द करवाने की बात कही। इसके बाद भी निगम ने टेंडर की समयावधि को बढ़ा दिया। अब एक बार फिर से पार्षदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद निगम ने इस टेंडर को 31 जनवरी 2021 को रद्द कर दिया। इस टेंडर के रद्द होने के आठ दिन बाद एजेंसी के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया है।
टेंडर बढ़वाने के लिए ठेकेदार ने रचा षड्यंत्र
इस टेंडर के विरोध में उतर चुके सभी पार्षदों ने कहा कि ये आईएनडी एजेंसी के ठेकेदार का षड्यंत्र है ताकि किसी भी प्रकार से इस टेंडर को दोबारा लगाया जाए और ये काम जारी रहे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर शहर को लुटने नहीं देंगे। इस टेंडर को फिर से चालू करवाने के लिए ठेकेदार शहरी स्थानीय निकाय अधिकारियों तक से मिलीभगत कर रहा है। जिससे शहर को हर माह एक करोड़ रुपये का चूना लगा रहा है।
कर्मचारियों को करवाएंगे समायोजित
इस टेंडर को किसी भी कीमत पर दोबारा नहीं लगने दिया जाएगा और न ही बढ़ाया जाएगा। अगर शहर में मशीन की जगह मैनुअल तरीके से सफाई करवाने की जरूरत पड़ती है तो इन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ताकि ये बेरोजगार न हो और शहर की सफाई भी हो। इस बारे में निगम आयुक्त व जनप्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। - प्रमोद विज, शहरी विधायक, पानीपत।
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शहरी विधायक के न मिलने से कुछ देर बाद उन्हें धरना-प्रदर्शन स्थगित करना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे वीरवार को फिर शहरी विधायक से मिलेंगे। वहीं, निगम अधिकारियों कहना है कि ये कर्मचारी निगम के हैं ही नहीं। ये कर्मचारी आईएनडी एजेंसी के हैं। अब निगम के साथ एजेंसी का करार समाप्त हो चुका है। इनकी जिम्मेदारी पहले की तरह अभी भी एजेंसी की है। इस पर जनप्रतिनिधियों का कहना है कि टेंडर को न तो दोबारा लगाया जाएगा और न बढ़ाया जाएगा। हालांकि इन कर्मचारियों को दूसरे सफाई के काम में समायोजित किया जा सकता है।
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ये है पूरा मामला
नगर निगम ने आईएनडी एजेंसी को जीटी रोड, गोहाना रोड, असंध रोड, बरसत रोड, कृपाल आश्रम रोड, मॉडल टाउन रोड तक की सड़कों को स्वीपिंग मशीन से सफाई करने के लिए 14 अगस्त 2018 को तीन साल का टेंडर दिया था। इसके लिए निगम हर माह करीब 94 लाख रुपये का भुगतान करता था। ये टेंडर 13 अगस्त 2021 को पूरा हो गया था। इसके बाद भी निगम ने इस टेंडर को कई बार बढ़ाया।
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करीब चार माह पहले नगर निगम सदन की बैठक में सांसद, विधायक और पार्षदों ने जबरदस्त विरोध करते हुए इस टेंडर को तुरंत प्रभाव से रद्द करवाने की बात कही। इसके बाद भी निगम ने टेंडर की समयावधि को बढ़ा दिया। अब एक बार फिर से पार्षदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद निगम ने इस टेंडर को 31 जनवरी 2021 को रद्द कर दिया। इस टेंडर के रद्द होने के आठ दिन बाद एजेंसी के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया है।
टेंडर बढ़वाने के लिए ठेकेदार ने रचा षड्यंत्र
इस टेंडर के विरोध में उतर चुके सभी पार्षदों ने कहा कि ये आईएनडी एजेंसी के ठेकेदार का षड्यंत्र है ताकि किसी भी प्रकार से इस टेंडर को दोबारा लगाया जाए और ये काम जारी रहे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि वे किसी भी कीमत पर शहर को लुटने नहीं देंगे। इस टेंडर को फिर से चालू करवाने के लिए ठेकेदार शहरी स्थानीय निकाय अधिकारियों तक से मिलीभगत कर रहा है। जिससे शहर को हर माह एक करोड़ रुपये का चूना लगा रहा है।
कर्मचारियों को करवाएंगे समायोजित
इस टेंडर को किसी भी कीमत पर दोबारा नहीं लगने दिया जाएगा और न ही बढ़ाया जाएगा। अगर शहर में मशीन की जगह मैनुअल तरीके से सफाई करवाने की जरूरत पड़ती है तो इन कर्मचारियों को प्राथमिकता दी जाएगी। ताकि ये बेरोजगार न हो और शहर की सफाई भी हो। इस बारे में निगम आयुक्त व जनप्रतिनिधियों से बातचीत की जाएगी। - प्रमोद विज, शहरी विधायक, पानीपत।