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.....ताकी पराली में आग न लगाएं किसान, फील्ड में उतरे कृषि विभाग के अधिकारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Oct 2022 02:30 AM IST
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So that farmers do not set fire in the stubble, the officers of the Agriculture Department landed in the field
पानीपत। धान कटाई का सीजन जोर पकड़ चुका है। ऐसे में कृषि विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने किसानों को पराली में आग लगाने से रोकने और फील्ड में उतरकर मौका मुआयना करने के लिए कमर कस ली है। शनिवार को कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वजीर सिंह के नेतृत्व में विभाग के अधिकारियों ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर खेतों में पराली प्रबंधन का जायजा लिया। उन्होंने खंड समालखा के गांव चुलकाना और इसराना के गांव ग्वालड़ा, मांडी, उरलाना, जोशी आदि का दौरा किया। इसके अलावा किसानों ने काटी गई धान के बाद बेलर के माध्यम से पराली की गांठों का भी निरीक्षण किया।
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उन्होंने बताया कि जिले में अनुदान पर उपलब्ध करवाए गए 33 बेलरों के माध्यम से पराली की गांठें बनाई जा रही हैं। सीएचसी के माध्यम से यह पराली खरीद की जा रही है जिसे विभिन्न औद्योगिक संस्थानों और ईंट भट्ठों की ओर से खरीदा जा रहा है।
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उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे पराली में बिल्कुल भी आग न लगाएं। बल्कि पराली को मुनाफा कमाएं या उसे मशीनों के द्वारा खेत में ही नष्ट कर दें जिससे किसान को एक हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से सरकार से अनुदान मिलेगा। ऐसा करके किसान न केवल जुर्माने से बच सकता है, बल्कि अपनी आय भी बढ़ा सकता है। इस मौके पर उनके साथ सहायक कृषि अभियंता सुधीर कुमार, गुण नियंत्रण निरीक्षक शमशेर सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। वहीं मतलौडा खंड में एसएमएस (पीपी) डॉ. देवेंद्र कुहाड़, खंड कृषि अधिकारी इसराना विजेंद्र सिंह ने भी विभिन्न गांवों में पराली में आगजनी रोकने को लेकर दौरा किया।
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जिले में अब तक 12 घटनाएं, 25 हजार रुपये जुर्माना
डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि चालू सीजन में जिले में एएफएल की रिपोर्ट के आधार पर आगजनी की 12 घटनाएं ट्रेस की गई हैं, जिनमें नियमानुसार आरोपी किसानों पर विभाग की ओर से 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। सेटेलाइट के माध्यम से जो भी लोकेशन प्राप्त होती है, संबंधित अधिकारी द्वारा मौके का निरीक्षण करके रिपोर्ट की जाती है और जो किसान इसमें दोषी पाया जाता है तो उस पर 2500 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से जुर्माना लगाया जाता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई किसान आदेशों का पालन नहीं करेगा तो उस पर एफआईआर भी दर्ज करवाई जाएगी।

ग्राम स्तर पर पटवारी नियुक्त, छुट्टियां रद्द
डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि पराली में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से ग्राम स्तर पर पटवारी की नियुक्ति की गई है जो कि इन घटनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ संबंधित किसान की जानकारी देने में कृषि विभाग के अधिकारियों का सहयोग करेगा। पराली में आगजनी को रोकने के लिए विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों का अवकाश भी रद्द कर दिया गया है। सरकार और जिला प्रशासन के आदेश का पालन किया जा रहा है। प्रत्येक कर्मचारी और अधिकारी को अपने-अपने क्षेत्र में पराली में आगजनी को रोकने के लिए कड़ी निगरानी रखने की हिदायत दी गई है। त्योहारों के समय में भी यह अभियान जारी रहेगा।
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