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आस्था के आगे छोटी पड़ी व्यवस्था
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पानीपत। गुरु तेग बहादुर जी के 400वें प्रकाश पर्व पर समागम स्थल पर लाखों की संख्या में उमड़ी संगत।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400 वें प्रकाश उत्सव पर गुरुओं के बलिदान एवं संघर्ष की दर्शाती प्रदर्शनी को लोगों ने पसंद किया। प्रदर्शनी में रविवार को देशभर से आए लाखों लोगों ने गुरु तेग बहादुर जी के साथ ही श्री गुरु नानक देव जी से बाबा बंदा बहादुर के बारे में जाना। प्रदर्शनी में सिख गुरुओं के त्याग और बलिदान से जुड़ी गाथा को 100 से अधिक डिस्प्ले पैनल के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। प्रदर्शनी में उमड़ी संगत से हॉल तक छोटा पड़ गया।
इस प्रदर्शनी में वर्ष 1621 से 1675 तक श्री गुरु नानक देव जी की पूरी प्रकाश यात्रा को दर्शाया गया। श्रद्धालुओं का दिनभर इस प्रदर्शनी को देखने के लिए तांता लगा रहा। 82 गुणा 240 फीट के विशाल प्रदर्शनी हॉल में कई बार ऐसे अवसर भी आए कि लोगों को प्रदर्शनी हॉल में प्रवेश करने के लिए बाहर इंतजार करना पड़ा।
दरअसल, दुनिया के सर्वसमाज के लोग इस प्रदर्शनी को देखने के लिए पहुंचे थे। विचारधाराओं को दरकिनार कर देश की सभी पार्टियों के नेताओं ने इस कार्यक्रम में शिरकत की। श्री गुरु तेग बहादुर जी की पूरी जीवन यात्रा के दौरान उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को इस प्रदर्शनी में दिखाया गया था। इसमें पंजाबी हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में पैनल लगाए गए थे ताकि सभी नागरिक गुरु जी की प्रकाश यात्रा रूबरू हों। स्कूल कॉलेजों से आई युवा पीढ़ी ने पैनल बोर्ड पर लिखी एक-एक लाइन को पढ़ा। पूरे दिन व्यवस्था देख रहे सेवक लोगों से आगे बढ़ते रहने का आह्वान करते रहे।
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इस प्रदर्शनी में वर्ष 1621 से 1675 तक श्री गुरु नानक देव जी की पूरी प्रकाश यात्रा को दर्शाया गया। श्रद्धालुओं का दिनभर इस प्रदर्शनी को देखने के लिए तांता लगा रहा। 82 गुणा 240 फीट के विशाल प्रदर्शनी हॉल में कई बार ऐसे अवसर भी आए कि लोगों को प्रदर्शनी हॉल में प्रवेश करने के लिए बाहर इंतजार करना पड़ा।
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दरअसल, दुनिया के सर्वसमाज के लोग इस प्रदर्शनी को देखने के लिए पहुंचे थे। विचारधाराओं को दरकिनार कर देश की सभी पार्टियों के नेताओं ने इस कार्यक्रम में शिरकत की। श्री गुरु तेग बहादुर जी की पूरी जीवन यात्रा के दौरान उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को इस प्रदर्शनी में दिखाया गया था। इसमें पंजाबी हिंदी और अंग्रेजी तीनों भाषाओं में पैनल लगाए गए थे ताकि सभी नागरिक गुरु जी की प्रकाश यात्रा रूबरू हों। स्कूल कॉलेजों से आई युवा पीढ़ी ने पैनल बोर्ड पर लिखी एक-एक लाइन को पढ़ा। पूरे दिन व्यवस्था देख रहे सेवक लोगों से आगे बढ़ते रहने का आह्वान करते रहे।
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