फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   SKM burnt the effigy of the government

Panipat News: एसकेएम ने फूंका सरकार का पुतला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Feb 2024 02:55 AM IST
विज्ञापन
SKM burnt the effigy of the government
पानीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने दिल्ली कूच को निकले किसानों पर बल प्रयोग करने के विरोध में शुक्रवार को काला दिवस मनाया। एसकेएम के बैनर तले किसान व मजदूर संगठनों ने गीता कॉलोनी से जिला सचिवालय तक जीटी रोड पर प्रदर्शन कर जिला सचिवालय के बाहर सरकार का पुतला फूंका। वहीं अंबाला में गिरफ्तार 24 किसानों को अंबाला सेंट्रल जेल में भेज दिया। उनको जमानत के लिए 10 लाख मुचलका राशि और पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट देने साथ ही दोबारा आंदोलन में मिलने पर संपत्ति कुर्क करने भी लिखकर देना होगा। किसान यूनियन ने शर्तिया जमानत को लोकतंत्र की हत्या बताया है।
विज्ञापन

संयुक्त किसान मोर्चा के जिला संयोजक जयकरण कादियान और सीटू नेताओं ने शुक्रवार सुबह गीता कॉलोनी स्थित सीटू कार्यालय में बैठक की। यहां से प्रदर्शन कर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए जीटी रोड से होते हुए जिला सचिवालय पर पहुंचे। यहां जीटी रोड किनारे सरकार का पुतला फूंका।
विज्ञापन

एसकेएम के जिला संयोजक जयकरण कादियान ने कहा कि सरकार किसानों पर अन्याय कर रही है। एसकेएम ने इसके विरोध में शुक्रवार को काला दिवस मनाया है। सीटू नेता सुनील दत्त ने कहा कि सरकार अन्याय के खिलाफ आवाज को दबा रही है। किसान शांतिपूर्वक ढंग से दिल्ली कूच कर रहे थे, लेकिन किसानों को हरियाणा की सीमाओं पर रोक लिया गया। हरियाणा के किसानों को पहले घरों में नजरबंद कर लिया और वे बॉर्डर पर समर्थन देने जाने लगे तो उनको अंबाला में गिरफ्तार कर लिया गया। सरकार लोगों की आवाज को दबा रही है, लेकिन अब समय आ गया है। जनता सरकार को उसकी मनमर्जी का परिणाम दिखाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स

अंबाला गए 30 में से छह निकले 24 को जेल भेजा
शंभू बॉर्डर पर पिछले दिनों समर्थन देने गए 30 किसानों को अंबाला में पुलिस ने गिरफ्तार किया था। किसान नेताओं का कहना है कि इनमें छह किसान बचकर निकल आए हैं। पुलिस ने भाकियू जिला प्रधान सूरजभान रावल व किसान नेता हरेंद्र राणा समेत 24 किसानों को गिरफ्तार कर सेंट्रल जेल अंबाला भेज दिया है। भाकियू के पूर्व जिला प्रधान चूहड़ सिंह रावल ने बताया कि किसानों की जमानत के लिए 10 लाख मुचलका राशि और पुलिस वैरिफिकेशन सर्टिफिकेट देने की कही है। इसके साथ किसानों को दोबारा किसी आंदोलन में मिलने पर संपत्ति कुर्क करने भी लिखकर देनी होगी। पुलिस सरकार के इशारे पर किसानों को जेल से बाहर नहीं निकलना देना चाहती।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed