{"_id":"669b175aa3d1483a38052b97","slug":"skin-diseases-increase-after-light-rain-panipat-news-c-244-1-pnp1001-121363-2024-07-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: हल्की बारिश के बाद चर्म रोगी बढ़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: हल्की बारिश के बाद चर्म रोगी बढ़े
विज्ञापन
पानीपत। हल्की बारिश तो कभी धूप से मौसम में उमस पैदा हो रही है। जिससे चर्म रोगियों की संख्या में धीरे-धीरे इजाफा होता जा रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की चर्म रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 180 से 200 के बीच में मरीज पहुंच रहे है। जिनमें से 30 प्रतिशत यानी 60 मरीज दाद-खुजली व फंगस के पहुंच रहे हैं। अगर आमजन से मौसम के अनुसार सावधानी नहीं बरती तो यह आंकड़ा 150 के पार भी जा सकता है।
नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. राघवेंद्र ने बताया कि गर्मी में पसीने के कारण त्वचा फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ जाती है। ऐसे में दाद, खाज-खुजली, शरीर में दाने निकलने जैसी समस्या पैदा हो जाती है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। अभी और बारिश पड़ेगी। जिसके बाद धूप आने से उमस वाली गर्मी तेज होगी। जिससे दिनभर लोग पसीने से तरबतर रहेंगे। जिससे चमड़ी के रोगी बढ़ेंगे। ऐसे में उमस के कारण होने वाले चर्म रोगों से बचने के लिए लोगों को रोजाना नहाना चाहिए। वहीं शरीर को अच्छी तरह तौलिए से सुखाकर ही कपड़े पहनने चाहिए। इसके अलावा इन दोनों जगह पर किसी भी तरह का तेल न लगाए। इससे दाद-खुजली खत्म होने की बजाय बढ़ती है।
जिला नागरिक अस्पताल में दवा लेने आए तेजपाल और राजेश ने बताया कि पिछले कई दिन से उमस बनी हुई है। बारिश के बाद तेज धूप में पसीना आता है। हालांकि तापमान अपेक्षाकृत कम होता है, लेकिन गर्मी अधिक महसूस होती है। जिसके चलते शरीर पर दाने बन गए हैं। शुक्रवार को बारिश के बाद दाने और गहरे हो गए हैं। वे अपने स्तर पर सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन इस मौसम में शरीर पर दाने आ गए।
विज्ञापन
बॉक्स
ऐसे करें बचाव
डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि सूती व हल्के रंग के ढीले कपड़ें पहनें, अधिक पसीना आने पर कपड़ें बदल लें। इसके साथ पाउडर का इस्तेमाल करें। प्रतिदिन तीन से चार लीटर पानी पीएं। मौसमी फल और सब्जियों का अधिक सेवन करें। तेज धूप में बाहर निकलने से बचाव करें, नहाते समय शरीर को ज्यादा ना रगड़े व ज्यादा गर्म चीजों का सेवन करने से बचें।
विज्ञापन
नागरिक अस्पताल के चर्म रोग विशेषज्ञ डाॅ. राघवेंद्र ने बताया कि गर्मी में पसीने के कारण त्वचा फंगल इंफेक्शन की चपेट में आ जाती है। ऐसे में दाद, खाज-खुजली, शरीर में दाने निकलने जैसी समस्या पैदा हो जाती है। ओपीडी में ऐसे मरीजों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। अभी और बारिश पड़ेगी। जिसके बाद धूप आने से उमस वाली गर्मी तेज होगी। जिससे दिनभर लोग पसीने से तरबतर रहेंगे। जिससे चमड़ी के रोगी बढ़ेंगे। ऐसे में उमस के कारण होने वाले चर्म रोगों से बचने के लिए लोगों को रोजाना नहाना चाहिए। वहीं शरीर को अच्छी तरह तौलिए से सुखाकर ही कपड़े पहनने चाहिए। इसके अलावा इन दोनों जगह पर किसी भी तरह का तेल न लगाए। इससे दाद-खुजली खत्म होने की बजाय बढ़ती है।
विज्ञापन
जिला नागरिक अस्पताल में दवा लेने आए तेजपाल और राजेश ने बताया कि पिछले कई दिन से उमस बनी हुई है। बारिश के बाद तेज धूप में पसीना आता है। हालांकि तापमान अपेक्षाकृत कम होता है, लेकिन गर्मी अधिक महसूस होती है। जिसके चलते शरीर पर दाने बन गए हैं। शुक्रवार को बारिश के बाद दाने और गहरे हो गए हैं। वे अपने स्तर पर सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं, लेकिन इस मौसम में शरीर पर दाने आ गए।
विज्ञापन
बॉक्स
ऐसे करें बचाव
डॉ. राघवेंद्र ने बताया कि सूती व हल्के रंग के ढीले कपड़ें पहनें, अधिक पसीना आने पर कपड़ें बदल लें। इसके साथ पाउडर का इस्तेमाल करें। प्रतिदिन तीन से चार लीटर पानी पीएं। मौसमी फल और सब्जियों का अधिक सेवन करें। तेज धूप में बाहर निकलने से बचाव करें, नहाते समय शरीर को ज्यादा ना रगड़े व ज्यादा गर्म चीजों का सेवन करने से बचें।