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Panipat News: मॉडल टाउन में श्रीमद्भागवत कथा कलश यात्रा के साथ शुरू, राधे-राधे के जयकारों से गूंजा क्षेत्र
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श्री सनातन धर्म मंदिर में कथा स्थल पर जाते राधे-राधे महाराज। स्रोत : मंदिर
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में वीरवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर शामिल हुए।
ढोल की थाप और राधे-राधे के जयकारों के बीच निकली कलश यात्रा का क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कलश यात्रा के मंदिर परिसर में लौटने के बाद विधिवत पूजन और वेदी स्थापना के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।
व्यासपीठ से कथावाचक पंडित राधे-राधे महाराज ने पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा के माहात्म्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। जीवन में सत्संग और हरि कथा का श्रवण मनुष्य को भवसागर से पार लगाने का सर्वोत्तम साधन है। कथा श्रवण से अंत:करण की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन क्षेत्र में आपसी सद्भाव और धर्म के प्रति नई चेतना का संचार करता है। मंदिर सभा का प्रयास रहता है कि धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से समाज को एक सूत्र में पिरोया जाए। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सपरिवार कथा में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान की भव्य आरती की। इसके बाद लंगर प्रसाद का वितरण किया गया।
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पानीपत। मॉडल टाउन स्थित श्री सनातन धर्म मंदिर में वीरवार को श्रद्धा और उल्लास के साथ श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन मंदिर परिसर से भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु पीले वस्त्र पहनकर शामिल हुए।
ढोल की थाप और राधे-राधे के जयकारों के बीच निकली कलश यात्रा का क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। कलश यात्रा के मंदिर परिसर में लौटने के बाद विधिवत पूजन और वेदी स्थापना के साथ कथा का शुभारंभ हुआ।
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व्यासपीठ से कथावाचक पंडित राधे-राधे महाराज ने पहले दिन श्रीमद्भागवत कथा के माहात्म्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण का वाङ्मय स्वरूप है। जीवन में सत्संग और हरि कथा का श्रवण मनुष्य को भवसागर से पार लगाने का सर्वोत्तम साधन है। कथा श्रवण से अंत:करण की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
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मंदिर सभा के प्रधान तरुण गांधी ने श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन क्षेत्र में आपसी सद्भाव और धर्म के प्रति नई चेतना का संचार करता है। मंदिर सभा का प्रयास रहता है कि धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से समाज को एक सूत्र में पिरोया जाए। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सपरिवार कथा में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की।
कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भगवान की भव्य आरती की। इसके बाद लंगर प्रसाद का वितरण किया गया।

श्री सनातन धर्म मंदिर में कथा स्थल पर जाते राधे-राधे महाराज। स्रोत : मंदिर

श्री सनातन धर्म मंदिर में कथा स्थल पर जाते राधे-राधे महाराज। स्रोत : मंदिर