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Panipat News: श्रेयांस मुनि महाराज 31 साल बाद अपने पैतृक गांव राजाखेड़ी में करेंगे चातुर्मास
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पानीपत। गुरुदेव सुदर्शन लाल महाराज के शिष्य श्रेयांस मुनि महाराज बनने के 31 साल बाद पहली बार अपने पैतृक राजाखेड़ी गांव में चातुर्मास का कार्यक्रम आयोजित करेंगे। यह कार्यक्रम दस जुलाई से शुरू किया जाएगा। जिसमें बड़ी संख्या में जैन समाज के लोग हिस्सा लेंगे। इस कार्यक्रम को लेकर गांव में ग्रामीणों में अलग ही उत्साह देखने को मिल रहा है।
जैन महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सुभाष जैन ने बताया कि साल 1989 में राजाखेड़ी गांव में राम प्रसाद महाराज का चतुर्मास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान श्रेयांस मुनि महाराज प्रवचन सुनने के लिए स्थानक में आते थे। भगवन राम प्रसाद महाराज से प्रभावित होकर उन्होंने जैन मुनि बनने का संकल्प लिया। कुछ दिनों के बाद जब चातुर्मास संपन्न हुआ तो वह संतों के साथ मुनि बनने के लिए चले गए। उन्होंने दसवीं कक्षा तक शिक्षा हासिल की थी। उन्होंने जैन धर्म के शास्त्रों का अध्ययन करना प्रारंभ किया। सभी अध्ययन पूर्ण होने पर
पांच साल बाद 1994 में रायकोट में उनकी जैन भागवती दीक्षा हुई थी। साथ ही उन्होंने भगवन राम प्रसाद के साथ काफी समय व्यतीत किया है। उन्होंने उनसे शिष्टाचार और नियमों की पालना करना सीधा और जीवन में धारण करना प्रारंभ किया। उन्होंने काफी समय तक राम प्रसाद महाराज की सेवा की। इसके साथ ही वह वैराग्य जीवन में आ गए।
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जैन महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सुभाष जैन ने बताया कि साल 1989 में राजाखेड़ी गांव में राम प्रसाद महाराज का चतुर्मास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस दौरान श्रेयांस मुनि महाराज प्रवचन सुनने के लिए स्थानक में आते थे। भगवन राम प्रसाद महाराज से प्रभावित होकर उन्होंने जैन मुनि बनने का संकल्प लिया। कुछ दिनों के बाद जब चातुर्मास संपन्न हुआ तो वह संतों के साथ मुनि बनने के लिए चले गए। उन्होंने दसवीं कक्षा तक शिक्षा हासिल की थी। उन्होंने जैन धर्म के शास्त्रों का अध्ययन करना प्रारंभ किया। सभी अध्ययन पूर्ण होने पर
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पांच साल बाद 1994 में रायकोट में उनकी जैन भागवती दीक्षा हुई थी। साथ ही उन्होंने भगवन राम प्रसाद के साथ काफी समय व्यतीत किया है। उन्होंने उनसे शिष्टाचार और नियमों की पालना करना सीधा और जीवन में धारण करना प्रारंभ किया। उन्होंने काफी समय तक राम प्रसाद महाराज की सेवा की। इसके साथ ही वह वैराग्य जीवन में आ गए।
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