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Panipat News: किसान-मजदूर संगठनों का शक्ति प्रदर्शन, 26 नवंबर को दिल्ली कूच का एलान
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प्रदर्शन कर वुतला फूंकते किसान व मजदूर संगठनों के पदाधिकारी।स्रोत : एसकेएम
जिला सचिवालय के सामने मुख्य चुनाव आयुक्त और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के पुतले फूंके, बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को दिया समर्थन
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार को किसान और मजदूर संगठनों ने जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के पुतले फूंके। साथ ही बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को समर्थन दिया।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा किसान सभा, सीटू और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। किसान-मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पैदल मार्च के साथ जीटी रोड से होते हुए गोहाना रोड स्थित धरना स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
प्रदर्शन का नेतृत्व सुनील दत्त, डॉ. सुरेंद्र मलिक, राजपाल, राजेंद्र छोकर, अनिल कादयान, जय भगवान, पवन सैनी एडवोकेट और भूपेंद्र सिंह कश्यप सहित अन्य नेताओं ने किया।
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नेताओं ने घोषणा की कि किसान आंदोलन के छह वर्ष पूरे होने पर 26 नवंबर को एनसीआर के किसान दिल्ली कूच करेंगे। इसके बाद एक से तीन दिसंबर तक संसद घेराव किया जाएगा। इस दौरान चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) का विरोध किया जाएगा।
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के राष्ट्रीय आह्वान पर शुक्रवार को किसान और मजदूर संगठनों ने जिला सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्रीय ऊर्जा मंत्री के पुतले फूंके। साथ ही बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को समर्थन दिया।
प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, भारतीय किसान यूनियन, हरियाणा किसान सभा, सीटू और अखिल भारतीय खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। किसान-मजदूर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और पैदल मार्च के साथ जीटी रोड से होते हुए गोहाना रोड स्थित धरना स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने बिजली कर्मचारियों की हड़ताल को पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
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प्रदर्शन का नेतृत्व सुनील दत्त, डॉ. सुरेंद्र मलिक, राजपाल, राजेंद्र छोकर, अनिल कादयान, जय भगवान, पवन सैनी एडवोकेट और भूपेंद्र सिंह कश्यप सहित अन्य नेताओं ने किया।
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नेताओं ने घोषणा की कि किसान आंदोलन के छह वर्ष पूरे होने पर 26 नवंबर को एनसीआर के किसान दिल्ली कूच करेंगे। इसके बाद एक से तीन दिसंबर तक संसद घेराव किया जाएगा। इस दौरान चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) का विरोध किया जाएगा।
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