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Panipat News: बाल श्रम करते सात बच्चों को कराया मुक्त
Tue, 26 Aug 2025 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 26 Aug 2025 01:04 AM IST
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जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन सहयोगी संस्था एमडीडी ऑफ इंडिया की सूचना पर मानव तस्करी विरोधी इकाई ने ने की कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। मानव तस्करी विरोधी ईकाई (एएचटीयू) ने न्याय तक पहुंच-4 अभियान के तहत जिले में अलग-अलग स्थानों पर बाल श्रम कर रहे सात बच्चों को मुक्त कराया है। सभी को महिला एवं बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर उनकी काउंसिलिंग कराई गई। इसके बाद सभी को बाल देखभाल केंद्र भेजा गया है। एएचटीयू प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
एएचटीयू प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था द्वारा न्याय तक पहुंच-4 अभियान चलाया जा रहा है। संस्था की शिकायत पर टीम ने सोमवार को जाटल रोड मार्केट, बरसत रोड मार्केट, लाल बत्ती चौंक पर बाजारों से में काम कर रहे सात बच्चों को मुक्त कराया गया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वह पढ़ाई करना चाहते हैं। लेकिन, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें परिवार का सहयोग करने के लिए काम करना पड़ता है। बच्चों को बाल कल्याण समिति में पेश किया गया। एएचटीयू प्रभारी संदीप ने बताया कि बाल श्रम निषेध एवं संशोधन अधिनियम के तहत यदि कोई भी व्यक्ति छोटे बच्चों से बाल श्रम करवा रहा हो तो यह अपराध है। ऐसा करने वाले व्यक्ति पर 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना व छह माह की सजा का प्रावधान है। कार्रवाई के दौरान एएसआई सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल मुकेश चहल, और एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था से अजय चौहान मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। मानव तस्करी विरोधी ईकाई (एएचटीयू) ने न्याय तक पहुंच-4 अभियान के तहत जिले में अलग-अलग स्थानों पर बाल श्रम कर रहे सात बच्चों को मुक्त कराया है। सभी को महिला एवं बाल कल्याण समिति के सामने पेश कर उनकी काउंसिलिंग कराई गई। इसके बाद सभी को बाल देखभाल केंद्र भेजा गया है। एएचटीयू प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा। बाल श्रम कराने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
एएचटीयू प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था द्वारा न्याय तक पहुंच-4 अभियान चलाया जा रहा है। संस्था की शिकायत पर टीम ने सोमवार को जाटल रोड मार्केट, बरसत रोड मार्केट, लाल बत्ती चौंक पर बाजारों से में काम कर रहे सात बच्चों को मुक्त कराया गया। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वह पढ़ाई करना चाहते हैं। लेकिन, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उन्हें परिवार का सहयोग करने के लिए काम करना पड़ता है। बच्चों को बाल कल्याण समिति में पेश किया गया। एएचटीयू प्रभारी संदीप ने बताया कि बाल श्रम निषेध एवं संशोधन अधिनियम के तहत यदि कोई भी व्यक्ति छोटे बच्चों से बाल श्रम करवा रहा हो तो यह अपराध है। ऐसा करने वाले व्यक्ति पर 20 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक का जुर्माना व छह माह की सजा का प्रावधान है। कार्रवाई के दौरान एएसआई सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल मुकेश चहल, और एमडीडी ऑफ इंडिया संस्था से अजय चौहान मौजूद रहे।
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