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Panipat News: नहरी विभाग के एसडीओ दीपक शर्मा सात साल की उम्र से कर रहे हनुमान का किरदार, अब बेटा भी वानर सेना में शामिल
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राम के स्वरूप दीपक शर्मा अपने बेटे दैविक के साथ। स्रोत : स्वयं
- महावटी गांव में बाल मंडल ड्रामाटिक क्लब की रामलीला में दिखा कलाकारों का शानदार अभिनय
-दीपक अभिनय को सामान्य जीवन में भी उतारते हैं सादगी से
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। नहरी विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत दीपक शर्मा पिछले कई दशकों से धार्मिक और सांस्कृतिक मंच पर भगवान हनुमान की अनन्य सेवा कर रहे हैं। समालखा के महावटी गांव में आयोजित रामलीला में जहां उन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष हनुमान की भूमिका को समर्पित किए हैं, वहीं अब उनका बेटा भी वानर सेना में शामिल होकर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।महावटी गांव में बाल मंडल ड्रामाटिक क्लब के मंच पर दशहरा के उपलक्ष्य में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मंगलवार को रामलीला के दौरान लक्ष्मण मूर्छा और मेघनाद वध के बाद राम और रावण युद्ध का मंचन किया। इन भावुक व रोमांचक प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावी संवादों और बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को रामायण के इन ऐतिहासिक पलों से रूबरू कराया। लक्ष्मण के मूर्छित होने के दृश्य को देखकर जहां दर्शक भावविभोर हो गए।
26 साल से लगातार अभिनय कर रहे दीपक
इस मंचन की सबसे खास बात नहरी विभाग के एसडीओ दीपक शर्मा का अभिनय रहा। दीपक ने मात्र सात वर्ष की छोटी आयु में हनुमान सेना के एक पात्र के रूप में शुरुआत की थी। वर्ष 2000 से लेकर 2026 तक वे निरंतर हनुमान की भूमिका कुशलतापूर्वक निभाते आ रहे हैं। दीपक का कहना है कि हनुमान का अभिनय करते समय वे अपने अंदर एक असीम आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव महसूस करते हैं। वे इस अभिनय और इसके माध्यम से मिलने वाले संस्कारों को केवल मंच तक सीमित न रखकर अपने सामान्य जीवन में भी पूरी तरह साधकर और ढालकर रखते हैं। उनके लिए यह अभिनय जीवन जीने का एक अनुशासित माध्यम बन चुका है। अब उनके बेटे दैविक वानर सेना में अभिनय करते हैं। बेटे के साथ मंच पर आकर अच्छा महसूस होता है।
अशोक कुमार के निर्देशन में आयोजित इस रामलीला ने ग्रामीणों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का सुंदर अवसर प्रदान किया। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और धार्मिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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-दीपक अभिनय को सामान्य जीवन में भी उतारते हैं सादगी से
संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। नहरी विभाग में एसडीओ के पद पर कार्यरत दीपक शर्मा पिछले कई दशकों से धार्मिक और सांस्कृतिक मंच पर भगवान हनुमान की अनन्य सेवा कर रहे हैं। समालखा के महावटी गांव में आयोजित रामलीला में जहां उन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष हनुमान की भूमिका को समर्पित किए हैं, वहीं अब उनका बेटा भी वानर सेना में शामिल होकर इस परंपरा को आगे बढ़ा रहा है।महावटी गांव में बाल मंडल ड्रामाटिक क्लब के मंच पर दशहरा के उपलक्ष्य में रामलीला का मंचन किया जा रहा है। मंगलवार को रामलीला के दौरान लक्ष्मण मूर्छा और मेघनाद वध के बाद राम और रावण युद्ध का मंचन किया। इन भावुक व रोमांचक प्रसंगों का जीवंत मंचन किया गया। कलाकारों ने अपने प्रभावी संवादों और बेहतरीन अभिनय से दर्शकों को रामायण के इन ऐतिहासिक पलों से रूबरू कराया। लक्ष्मण के मूर्छित होने के दृश्य को देखकर जहां दर्शक भावविभोर हो गए।
26 साल से लगातार अभिनय कर रहे दीपक
इस मंचन की सबसे खास बात नहरी विभाग के एसडीओ दीपक शर्मा का अभिनय रहा। दीपक ने मात्र सात वर्ष की छोटी आयु में हनुमान सेना के एक पात्र के रूप में शुरुआत की थी। वर्ष 2000 से लेकर 2026 तक वे निरंतर हनुमान की भूमिका कुशलतापूर्वक निभाते आ रहे हैं। दीपक का कहना है कि हनुमान का अभिनय करते समय वे अपने अंदर एक असीम आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति भाव महसूस करते हैं। वे इस अभिनय और इसके माध्यम से मिलने वाले संस्कारों को केवल मंच तक सीमित न रखकर अपने सामान्य जीवन में भी पूरी तरह साधकर और ढालकर रखते हैं। उनके लिए यह अभिनय जीवन जीने का एक अनुशासित माध्यम बन चुका है। अब उनके बेटे दैविक वानर सेना में अभिनय करते हैं। बेटे के साथ मंच पर आकर अच्छा महसूस होता है।
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अशोक कुमार के निर्देशन में आयोजित इस रामलीला ने ग्रामीणों को अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने का सुंदर अवसर प्रदान किया। इस प्रकार के आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में हमारी समृद्ध लोक संस्कृति और धार्मिक विरासत को जीवंत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।
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