{"_id":"679fc8d66ed7503064052e4e","slug":"scissors-used-on-fire-station-project-panipat-news-c-244-1-pnp1001-131560-2025-02-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: दमकल केंद्र के प्रोजेक्ट पर चली कैंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: दमकल केंद्र के प्रोजेक्ट पर चली कैंची
विज्ञापन
पानीपत। औद्योगिक नगरी के सबसे महत्वपूर्ण अति आधुनिक दमकल केंद्र के प्रोजेक्ट में कर्मचारियों के आवास बनाने के प्रस्ताव को हटा दिया है। इसके साथ प्रोजेक्ट की राशि भी करीब 11 करोड़ रुपये कम कर दी है। यह प्रोजेक्ट अभी हाई पॉवर कमेटी के पास कई महीने से विचाराधीन चल रहा है। स्थानीय अधिकारी कमेटी से रेट की मंजूरी के बाद ही आगे काम शुरू करा पाएंगे।
पानीपत में करीब 25 हजार छोटे बड़े उद्योग हैं। यहां ज्यादातर टेक्सटाइल के उत्पाद बनाए जाते हैं। औद्योगिक इकाइयों में अपना फायर फाइटिंग सिस्टम होने के बाद भी आग की घटनाएं हो रही हैं। दमकल केंद्र काफी कमजोर है। ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए थर्मल, रिफाइनरी और एनएफएल के अलावा आसपास के शहरों से भी मदद लेनी पड़ती है। शहरी विधायक प्रमोद विज ने अति आधुनिक दमकल केंद्र की जरूरत बताया था और उन्होंने आगे आकर इस प्रोजेक्ट को बनवाया था।
प्रोजेक्ट में यहां फंसा पेंच
नगर निगम ने अति आधुनिक दमकल केंद्र सेक्टर-25 में प्रस्तावित किया है। इसके लिए करीब तीन एकड़ जमीन की जरूरत बताई है। यह जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की है। नगर निगम अपने स्तर पर टेंडर लगा चुका है। निदेशालय स्तर पर प्राधिकरण से जमीन स्थानांतरण की जानी थी। यह जमीन गत वर्ष स्थानांतरित कर दी गई है। इसके साथ इसके रेट भी निदेशालय स्तर पर तय किए जाएंगे।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट में अब यह किया
निगम अधिकारियों ने अति आधुनिक दमकल केंद्र बनाने का करीब 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया था। इसमें गाड़ी खड़ी करने के अलावा दमकल की अति आधुनिक गाड़ी शामिल की गई हैं। इसके साथ कर्मचारियों के आवास बनाने का भी प्रस्ताव बनाया गया था। निदेशालय स्तर पर कर्मचारियों के आवास बनाने के प्रस्ताव को हटा दिया है। इसके साथ प्रोजेक्ट की राशि भी घटाकर करीब 24 करोड़ रुपये कर दी है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह राशि आवास बनाने की कम की गई है।
उद्यमी बोले : उठाना पड़ रहा नुकसान
कोट्स
इंडस्टि्रयल एस्टेट एसोसिएशन सेक्टर-29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि शहर की उत्तर दिशा में चार बड़े औद्योगिक सेक्टर हैं। इसके अलावा शहर के अंदर छोटी और बड़ी हजारों ओद्योगिक इकाइयां हैं। इन सबको देखते हुए अति आधुनिक दमकल केंद्र की मांग की थी। इसके अधर में लटकने से उद्यमियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कोट्स
हैंडलूम एक्सपोर्टर मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि फैक्टिरियों में अपने स्तर पर लगाया गया फायर फाइटिंग सिस्टम इतना कारगर नहीं है। पानीपत जैसे औद्योगिक शहर में बड़े दमकल केंद्र की लंबे समय से मांग थी। उद्यमी हर मंच पर इसकी मांग रख चुके थे। अब इसका प्रस्ताव सिरे चढ़ाने के साथ मूर्त रूप में मिलने का इंतजार है।
वर्जन :
अति आधुनिक दमकल केंद्र का प्रोजेक्ट सरकार के पास विचाराधीन हैं। इसके रेट हाई पॉवर कमेटी द्वारा तय किए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। निदेशालय ने आवास के प्रस्ताव को रोका। इसको आगे आवश्यकता अनुसार बनाया जा सकता है।
डॉ. पंकज यादव, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
पानीपत में करीब 25 हजार छोटे बड़े उद्योग हैं। यहां ज्यादातर टेक्सटाइल के उत्पाद बनाए जाते हैं। औद्योगिक इकाइयों में अपना फायर फाइटिंग सिस्टम होने के बाद भी आग की घटनाएं हो रही हैं। दमकल केंद्र काफी कमजोर है। ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए थर्मल, रिफाइनरी और एनएफएल के अलावा आसपास के शहरों से भी मदद लेनी पड़ती है। शहरी विधायक प्रमोद विज ने अति आधुनिक दमकल केंद्र की जरूरत बताया था और उन्होंने आगे आकर इस प्रोजेक्ट को बनवाया था।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट में यहां फंसा पेंच
नगर निगम ने अति आधुनिक दमकल केंद्र सेक्टर-25 में प्रस्तावित किया है। इसके लिए करीब तीन एकड़ जमीन की जरूरत बताई है। यह जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की है। नगर निगम अपने स्तर पर टेंडर लगा चुका है। निदेशालय स्तर पर प्राधिकरण से जमीन स्थानांतरण की जानी थी। यह जमीन गत वर्ष स्थानांतरित कर दी गई है। इसके साथ इसके रेट भी निदेशालय स्तर पर तय किए जाएंगे।
विज्ञापन
प्रोजेक्ट में अब यह किया
निगम अधिकारियों ने अति आधुनिक दमकल केंद्र बनाने का करीब 35 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाया था। इसमें गाड़ी खड़ी करने के अलावा दमकल की अति आधुनिक गाड़ी शामिल की गई हैं। इसके साथ कर्मचारियों के आवास बनाने का भी प्रस्ताव बनाया गया था। निदेशालय स्तर पर कर्मचारियों के आवास बनाने के प्रस्ताव को हटा दिया है। इसके साथ प्रोजेक्ट की राशि भी घटाकर करीब 24 करोड़ रुपये कर दी है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि यह राशि आवास बनाने की कम की गई है।
उद्यमी बोले : उठाना पड़ रहा नुकसान
कोट्स
इंडस्टि्रयल एस्टेट एसोसिएशन सेक्टर-29 के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि शहर की उत्तर दिशा में चार बड़े औद्योगिक सेक्टर हैं। इसके अलावा शहर के अंदर छोटी और बड़ी हजारों ओद्योगिक इकाइयां हैं। इन सबको देखते हुए अति आधुनिक दमकल केंद्र की मांग की थी। इसके अधर में लटकने से उद्यमियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कोट्स
हैंडलूम एक्सपोर्टर मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि फैक्टिरियों में अपने स्तर पर लगाया गया फायर फाइटिंग सिस्टम इतना कारगर नहीं है। पानीपत जैसे औद्योगिक शहर में बड़े दमकल केंद्र की लंबे समय से मांग थी। उद्यमी हर मंच पर इसकी मांग रख चुके थे। अब इसका प्रस्ताव सिरे चढ़ाने के साथ मूर्त रूप में मिलने का इंतजार है।
वर्जन :
अति आधुनिक दमकल केंद्र का प्रोजेक्ट सरकार के पास विचाराधीन हैं। इसके रेट हाई पॉवर कमेटी द्वारा तय किए जाएंगे। इसके बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा। निदेशालय ने आवास के प्रस्ताव को रोका। इसको आगे आवश्यकता अनुसार बनाया जा सकता है।
डॉ. पंकज यादव, आयुक्त, नगर निगम।