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Panipat News: 3000 उद्यमियों को थमाए 10 साल से बकाया एलएडीटी की वसूली के नोटिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:49 AM IST
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Recovery notices for LADT dues pending for 10 years served to 3,000 entrepreneurs.
माई सिटी रिपोर्टरपानीपत। औद्योगिक नगरी पानीपत के उद्यमियों को 10 साल पुराने लोकल एरिया डेवलपमेंट टैक्स (एलएडीटी) की वसूली के नोटिस मिलने से चिंता बढ़ गई है। उद्यमियों का दावा है कि कराधान विभाग ने करीब तीन हजार उद्यमियों को 25 से 30 लाख रुपये तक की वसूली के नोटिस जारी किए हैं। इस मुद्दे पर बुधवार को हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स की बैठक रिसालू रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान मोहनलाल गर्ग के फैक्टरी कार्यालय में हुई।
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बैठक में उद्यमियों ने विभागीय कार्रवाई पर रोष जताते हुए कर की देनदारी समाप्त करने की मांग की। बैठक की अध्यक्षता चैंबर के प्रदेशाध्यक्ष विनोद खंडेलवाल ने की, जबकि संचालन मोहनलाल गर्ग ने किया। उद्यमियों ने कहा कि इतने
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पुराने कर की मांग से संबंधित दस्तावेज और लेनदेन का रिकॉर्ड जुटाना उनके लिए मुश्किल है।
बिना जागरूकता कार्यशाला के नोटिस देने का आरोप : हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेशाध्यक्ष विनोद खंडेलवाल ने बताया कि विभाग ने दो प्रतिशत की दर से एलएडीटी लगाया है। उनका आरोप है कि आबकारी एवं कराधान उप आयुक्त कार्यालय की ओर से उद्यमियों को इसकी जानकारी देने के लिए कोई कार्यशाला आयोजित नहीं की गई। उद्यमियों को सीधे नोटिस मिलने के बाद इसकी जानकारी हुई और नोटिस में भी पर्याप्त विवरण नहीं दिया गया।
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उन्होंने बताया कि यह कर वर्ष 2013 से 2016 की अवधि से संबंधित है। इसके बाद वर्ष 2017 में जीएसटी व्यवस्था लागू हुई। उद्यमियों का दावा है कि इतने वर्षों बाद दूसरे राज्यों से माल की खरीद-बिक्री से संबंधित पुराना रिकॉर्ड जुटाना मुश्किल है।
पुरानी देनदारी का बोझ उठाना मुश्किल : उद्यमी विकास गोयल ने कहा कि सरकार ने मार्च में कर लगाने की घोषणा की थी और इसे एक जून
से लागू किया गया। उद्यमियों को अगस्त में नोटिस मिले।
उनका कहना है कि यदि कर समय पर लगाया जाता तो इसकी राशि उत्पादों की कीमत में शामिल की जा सकती थी। अब कई वर्ष बीतने के बाद कुछ पुरानी फर्में बंद हो चुकी हैं या उनके नाम बदल गए हैं। ऐसे में पुरानी देनदारी की वसूली का भार उद्यमियों पर पड़ रहा है।
बैठक में सुरेश गर्ग, सुरेश गोयल, मल्कराम गर्ग, सतीश गुप्ता, राकेश गर्ग, नरेंद्र सूरा, विक्की कत्याल, नवीन
गुंबर और गिरीश मक्कड़ सहित अन्य उद्यमी मौजूद रहे।

n एक लाख रुपये की छूट का भी उल्लेख
विकास गोयल ने बताया कि एक लाख रुपये तक की छूट का प्रावधान किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी उद्यमी पर पांच लाख रुपये का कर बनता है तो एक लाख रुपये की छूट के बाद चार लाख रुपये की राशि पर निर्धारित दर से भुगतान करना होगा। उन्होंने बताया कि बैठक में बड़ी संख्या में प्रभावित उद्यमियों ने अपनी आपत्तियां रखीं।


सात साल के रिकॉर्ड रखने का दिया तर्क
रिसालू रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान मोहनलाल गर्ग ने कहा कि उद्यमियों को सामान्य तौर पर सात वर्ष तक वित्तीय रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की जानकारी है। ऐसे में करीब 10 वर्ष बाद पुरानी देनदारी निकालना उनके लिए परेशानी का कारण बन रहा है। उन्होंने बताया कि संगठन के प्रयासों के बाद वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) योजना की अंतिम तिथि 30 सितंबर से दो महीने आगे बढ़ाई गई है, लेकिन उद्यमी एलएडीटी की देनदारी पूरी तरह समाप्त करने की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने की तैयारी है।
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