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Panipat News: बाल विवाह होने पर सरपंच होंगे निलंबित, सूचना छिपाने या लापरवाही मिलने पर भी होगी सख्त कार्रवाई
Tue, 09 Dec 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 09 Dec 2025 12:50 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर पानीपत। प्रशासन बाल विवाह रोकने के लिए सख्त हो गया है। सूचना छिपाने या लापरवाही मिलने पर जनप्रतिनिधियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सरपंच को निलंबित किया जा सकता है।
इसके लिए जिला सचिवालय सभागार में सोमवार को बैठक की गई। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बाल विवाह रोकथाम के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को जड़ से खत्म करने के लिए गांव से लेकर जिला स्तर तक कड़ी निगरानी, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है। इस तरह की एक भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सूचना छिपाने या लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि पुलिस बाल विवाह से जुड़े किसी भी मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और इसकी सूचना बाल विवाह निषेध अधिकारी को देनी होगी। इसके साथ मामले में पेश किए बच्चे की आयु, प्राथमिकी की प्रगति और दोष सिद्धि व निर्दोष संबंधित सभी जानकारी साझा की जाए।
आाशा और एएनएम को कानून की दी जाएं जानकारी
आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को बाल विवाह निषेध कानून की पूरी जानकारी दी जाएं और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम कराए जाएं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाल विवाह रोकथाम संबंधी नारे प्रदर्शित किए जाएं।यदि किसी मामले में नाबालिग के आयु संबंधी दस्तावेज उपलब्ध न हों तो तुरंत आयु का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएं। शिक्षा विभाग को पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का कारण पता करना होगा। बाल विवाह की आशंका होने पर तुरंत सूचना देनी होगी।
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स्कूल व पंचायत में कराए जाएं कार्यक्रम
उपायुक्त ने विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और विद्यालय प्रबंधन समिति और बाल संरक्षण समिति की नियमित बैठक कराने के निर्देश दिए। इसके लिए डीडीपीओ को विशेष रूप से निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने पॉक्सो से जुड़े मामलों में पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहयोग और सहयोगी कर्मी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीएलएसए सचिव सीजेएम वर्षा शर्मा, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीईओ राकेश बूरा , डीएसडब्ल्यूओ जयपान सिंह, डीएसपी ज्योति, जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता, डब्ल्यूसीडी सुरेश, सीडब्ल्यूसी सदस्य किरण मलिक, अंजू त्यागी व विक्रम सिंह मौजूद रहे।
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इसके लिए जिला सचिवालय सभागार में सोमवार को बैठक की गई। उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने बाल विवाह रोकथाम के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाल विवाह को जड़ से खत्म करने के लिए गांव से लेकर जिला स्तर तक कड़ी निगरानी, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई अनिवार्य है। इस तरह की एक भी घटना बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सूचना छिपाने या लापरवाही होने पर संबंधित अधिकारी व जनप्रतिनिधि पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने कहा कि पुलिस बाल विवाह से जुड़े किसी भी मामले में तुरंत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और इसकी सूचना बाल विवाह निषेध अधिकारी को देनी होगी। इसके साथ मामले में पेश किए बच्चे की आयु, प्राथमिकी की प्रगति और दोष सिद्धि व निर्दोष संबंधित सभी जानकारी साझा की जाए।
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आाशा और एएनएम को कानून की दी जाएं जानकारी
आशा कार्यकर्ताओं और एएनएम को बाल विवाह निषेध कानून की पूरी जानकारी दी जाएं और गांवों में जागरूकता कार्यक्रम कराए जाएं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बाल विवाह रोकथाम संबंधी नारे प्रदर्शित किए जाएं।यदि किसी मामले में नाबालिग के आयु संबंधी दस्तावेज उपलब्ध न हों तो तुरंत आयु का चिकित्सकीय परीक्षण कराया जाएं। शिक्षा विभाग को पढ़ाई छोड़ चुके बच्चों का कारण पता करना होगा। बाल विवाह की आशंका होने पर तुरंत सूचना देनी होगी।
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स्कूल व पंचायत में कराए जाएं कार्यक्रम
उपायुक्त ने विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक और विद्यालय प्रबंधन समिति और बाल संरक्षण समिति की नियमित बैठक कराने के निर्देश दिए। इसके लिए डीडीपीओ को विशेष रूप से निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने पॉक्सो से जुड़े मामलों में पीड़ित बच्चों को आवश्यक सहयोग और सहयोगी कर्मी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर डीएलएसए सचिव सीजेएम वर्षा शर्मा, सीएमओ डॉ. विजय मलिक, डीडीपीओ राजेश शर्मा, डीईओ राकेश बूरा , डीएसडब्ल्यूओ जयपान सिंह, डीएसपी ज्योति, जिला प्रोटेक्शन अधिकारी रजनी गुप्ता, डब्ल्यूसीडी सुरेश, सीडब्ल्यूसी सदस्य किरण मलिक, अंजू त्यागी व विक्रम सिंह मौजूद रहे।