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Panipat News: सनौली थाना प्रभारी पर मिलीभगत का आरोप
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पानीपत/समालखा/बापौली। हम इंसाफ पाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रहे हैं, लेकिन सनौली थाना प्रभारी आरोपी फैक्टरी मालिकों को थाने में बैठाकर चाय पिला रहे हैं। उन्हें नमकीन खिला रहे हैं। उन्होंने इसका विरोध किया तो जांच अधिकारी ने उन्हें थाने से बाहर निकाल दिया। साहब आपके पास एक उम्मीद लेकर आए हैं। हम सनौली थाना प्रभारी से मामले की जांच नहीं कराना चाहते। हमारी जांच सीआईए या किसी दूसरे इंस्पेक्टर कराई जाए और निष्पक्ष जांच करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए...। ये बातें आठ सदस्यीय कमेटी ने एसपी अजीत सिंह शेखावत से कही। एसपी ने जहां एक तरफ एसआईटी का गठन किया है, वहीं दूसरी ओर परिजनों के आरोप पर सनौली थाना प्रभारी इंस्पेक्टर की जांच कराने के लिए भी कहा है। वहीं दूसरी ओर एसपी ने सनौली थाने की पुलिस को जांच से बाहर रखा है।
जलालपुर गांव के पास गोरजा इंटरनेशनल कंबल फैक्ट्री में केमिकलयुक्त पानी के टैंक में डूबने से चाचा इस्लाम-भतीजा कुर्बान और इलेक्टि्रक फीटर संजय की मौत के मामले को पुलिस तीसरे दिन भी नहीं सुलझा पाई। परिजनों ने आरोप लगाया कि सनौली थाना प्रभारी और थाने की पुलिस आरोपियों से मिली है। उन्हें उन पर निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं है। इसी के चलते अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को परिजन समालखा उपमंडल परिसर में एएसपी मयंक मिश्रा से मिलने पहुंचे थे, लेकिन एएसपी के न मिलने से परिजन नाखुश हो गए और उन्होंने परिसर में हंगामा किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
बापौली रोड पर लग गया था डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम-
समालखा थाने के बाद परिजन बापौली-सनौली रोड पर पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। इससे डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना पाकर बापौली थाना प्रभारी एसआई अतर सिंह ने परिवार को एसपी से मिलवाने का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया।
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एसपी से मिलने पहुंचे परिजन, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोके-
बापौली रोड जाम के बाद परिजन पानीपत जिला सचिवालय एसपी से पहुंचे। जहां पर भीड़ को देख शहर थाना प्रभारी जाकिर हुसैन अपनी टीम के साथ पहुंचे और सचिवालय के मुख्य गेट पर बेरिकेड्स लगाकर परिवार को रोक दिया। इसके बाद परिवार से अकरम, अनवर, मेहरबाद, दिलशाद, इरफान, रकमद्दीन, महिला सकुलत एसपी से मिलने पहुंचे, तब तक बाकी परिवार बाहर बैठा रहा।
क्या बोले आक्रोशित परिजन-
24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उठवाया था शव, अब अनदेखा कर रहे : अयूब
मृतक कुर्बान के चाचा अयूब ने कहा कि रविवार को परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के चलते शव उठाने से इंकार कर दिया था। उस पुलिस के अधिकारी व इंस्पेक्टर ने आश्वासन दिया था कि वह 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे, लेकिन संस्कार के बाद वह सभी गायब है। पुलिस उनकी सूद तक नहीं ले रही है। पुलिस परिवार को अपशब्द बोलती है।
एफएसएल जांच में परिवार को नहीं किया शामिल- इरफान
रसलापुर निवासी इरफान ने कहा कि पुलिस ने परिवार को कहा था कि सोमवार को एफएसएल की टीम जांच करने आएगी, उसमें परिवार के पांच सदस्यों को शामिल किया जाएगा, लेकिन पुलिस और एफएसएल टीम जांच कर लौट गई, पुलिस ने परिवार को सूचना तक नहीं दी। जिससे पुलिस पर मिलीभगत का सीधा आरोप है।
थाने में गए तो पुलिस मालिकों को बैठाकर चाय पिला रही थी- अजय
परिवार के सदस्य अजय ने बताया कि सोमवार को जब वह दोपहर करीब 12 बजे थाने में गए तो थाना प्रभारी के कमरे में फैक्टरी मालिक बैठे हुए थे। थाना प्रभारी उनको चाय पिला रहे थे और नमकीन खिला रहे थे। जब उन्होंने विरोध किया तो जांच अधिकारी उन्हें थाने से बाहर ले गया। इसी बीच मालिकों को दूसरे रास्ते से निकाल दिया। पुलिस उनको बचाना चाहती है।
परिजनों की मांग-
1. सनौली थाना से उनकी जांच बदलकर सीआईए व अन्य इंस्पेक्टर को दी जाए
2. पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिया जाए
3. फैक्टरी मालिक, सुपरवाइजर और सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार हो
4. परिवार के सामने सीसीटीवी फुटेज की जांच हो
5. परिवार के सदस्यों को पुलिस जांच में शामिल किया जाए
ऐसे चला मंगलवार को घटनाक्रम-
सुबह 11:00 परिजन समालखा उपमंडल में एएसपी से मिलने पहुंचे
सुबह 11:25 परिजनों ने थाने में जमकर हंगामा शुरू किया, नारेबाजी की
दोपहर 12:39 परिजन समालखा से वापस रसलापुर गांव के लिए रवाना हुए
दोपहर 01:05 परिजनों ने सनौली-बापौली रोड जाम किया
दोपहर 01:29 बापौली थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे
दोपहर 01:36 परिजनों ने थाना प्रभारी के आश्वासन पर जाम खोला
दोपहर 02:51 परिजन पानीपत जिला सचिवालय पहुंच
दोपहर 03:18 परिजनों एसपी से मुलाकात की
दोपहर 03:30 परिजन अपने गांव लौट गए
वर्जन-
परिजनों की तरफ से थाना प्रभारी पर आरोप लगाए है और एसआईटी से जांच कराने की मांग की है, जिसके चलते एसआईटी का गठन किया गया है, इंस्पेक्टर लगे आरोप की जांच होगी।
- अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक, पानीपत
जलालपुर गांव के पास गोरजा इंटरनेशनल कंबल फैक्ट्री में केमिकलयुक्त पानी के टैंक में डूबने से चाचा इस्लाम-भतीजा कुर्बान और इलेक्टि्रक फीटर संजय की मौत के मामले को पुलिस तीसरे दिन भी नहीं सुलझा पाई। परिजनों ने आरोप लगाया कि सनौली थाना प्रभारी और थाने की पुलिस आरोपियों से मिली है। उन्हें उन पर निष्पक्ष जांच का भरोसा नहीं है। इसी के चलते अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को परिजन समालखा उपमंडल परिसर में एएसपी मयंक मिश्रा से मिलने पहुंचे थे, लेकिन एएसपी के न मिलने से परिजन नाखुश हो गए और उन्होंने परिसर में हंगामा किया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
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बापौली रोड पर लग गया था डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम-
समालखा थाने के बाद परिजन बापौली-सनौली रोड पर पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। इससे डेढ़ किलोमीटर लंबा जाम लग गया। वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना पाकर बापौली थाना प्रभारी एसआई अतर सिंह ने परिवार को एसपी से मिलवाने का आश्वासन दिया और जाम खुलवाया।
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एसपी से मिलने पहुंचे परिजन, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोके-
बापौली रोड जाम के बाद परिजन पानीपत जिला सचिवालय एसपी से पहुंचे। जहां पर भीड़ को देख शहर थाना प्रभारी जाकिर हुसैन अपनी टीम के साथ पहुंचे और सचिवालय के मुख्य गेट पर बेरिकेड्स लगाकर परिवार को रोक दिया। इसके बाद परिवार से अकरम, अनवर, मेहरबाद, दिलशाद, इरफान, रकमद्दीन, महिला सकुलत एसपी से मिलने पहुंचे, तब तक बाकी परिवार बाहर बैठा रहा।
क्या बोले आक्रोशित परिजन-
24 घंटे में गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उठवाया था शव, अब अनदेखा कर रहे : अयूब
मृतक कुर्बान के चाचा अयूब ने कहा कि रविवार को परिजनों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग के चलते शव उठाने से इंकार कर दिया था। उस पुलिस के अधिकारी व इंस्पेक्टर ने आश्वासन दिया था कि वह 24 घंटे में आरोपियों को गिरफ्तार कर लेंगे, लेकिन संस्कार के बाद वह सभी गायब है। पुलिस उनकी सूद तक नहीं ले रही है। पुलिस परिवार को अपशब्द बोलती है।
एफएसएल जांच में परिवार को नहीं किया शामिल- इरफान
रसलापुर निवासी इरफान ने कहा कि पुलिस ने परिवार को कहा था कि सोमवार को एफएसएल की टीम जांच करने आएगी, उसमें परिवार के पांच सदस्यों को शामिल किया जाएगा, लेकिन पुलिस और एफएसएल टीम जांच कर लौट गई, पुलिस ने परिवार को सूचना तक नहीं दी। जिससे पुलिस पर मिलीभगत का सीधा आरोप है।
थाने में गए तो पुलिस मालिकों को बैठाकर चाय पिला रही थी- अजय
परिवार के सदस्य अजय ने बताया कि सोमवार को जब वह दोपहर करीब 12 बजे थाने में गए तो थाना प्रभारी के कमरे में फैक्टरी मालिक बैठे हुए थे। थाना प्रभारी उनको चाय पिला रहे थे और नमकीन खिला रहे थे। जब उन्होंने विरोध किया तो जांच अधिकारी उन्हें थाने से बाहर ले गया। इसी बीच मालिकों को दूसरे रास्ते से निकाल दिया। पुलिस उनको बचाना चाहती है।
परिजनों की मांग-
1. सनौली थाना से उनकी जांच बदलकर सीआईए व अन्य इंस्पेक्टर को दी जाए
2. पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा दिया जाए
3. फैक्टरी मालिक, सुपरवाइजर और सिक्योरिटी गार्ड गिरफ्तार हो
4. परिवार के सामने सीसीटीवी फुटेज की जांच हो
5. परिवार के सदस्यों को पुलिस जांच में शामिल किया जाए
ऐसे चला मंगलवार को घटनाक्रम-
सुबह 11:00 परिजन समालखा उपमंडल में एएसपी से मिलने पहुंचे
सुबह 11:25 परिजनों ने थाने में जमकर हंगामा शुरू किया, नारेबाजी की
दोपहर 12:39 परिजन समालखा से वापस रसलापुर गांव के लिए रवाना हुए
दोपहर 01:05 परिजनों ने सनौली-बापौली रोड जाम किया
दोपहर 01:29 बापौली थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे
दोपहर 01:36 परिजनों ने थाना प्रभारी के आश्वासन पर जाम खोला
दोपहर 02:51 परिजन पानीपत जिला सचिवालय पहुंच
दोपहर 03:18 परिजनों एसपी से मुलाकात की
दोपहर 03:30 परिजन अपने गांव लौट गए
वर्जन-
परिजनों की तरफ से थाना प्रभारी पर आरोप लगाए है और एसआईटी से जांच कराने की मांग की है, जिसके चलते एसआईटी का गठन किया गया है, इंस्पेक्टर लगे आरोप की जांच होगी।
- अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक, पानीपत