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समझौता में मारे लोगों की आत्मा की शांति को दुआ की
Updated Sat, 20 Feb 2016 12:10 AM IST
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महराना कब्रिस्तान में हरियाणा मुस्लिम पिछड़ा वर्ग सुधार समिति के बैनर तले जामीया सोतूल कुरान पब्लिक स्कूल महराना के विद्यार्थियों ने समझौता एक्सप्रैस में मारे लोगों को श्रद्धासुमन अर्पित किए और उनकी आत्मा की शांति की कामना करते हुए देश में अमन व शांति की दुआ की।
समिति के लोगों ने आतंकवादी गतिविधियां चलाने वाले लोगों को सदबुद्धि की भी की। वहीं समझौता धमाके की दसवीं बरसी पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। समिति ने नौ साल पहले की मांगों को आज तक पूरा न करने पर अफसोस व्यक्त किया।
हरियाणा मुस्लिम पिछड़ा वर्ग सुधार समिति द्वारा शुक्रवार को समझौता एक्सप्रैस की दसवीं बरसी महराना स्थित कब्रिस्तान में मनाई गई।
समिति व जामीया सोतूल कुरान पब्लिक स्कूल महराना के विद्यार्थियों कुरान पढ़कर समझौता धमाके में मारे लोगों की आत्मा की शांति की दुआ की और दो मिनट का मौन रखा गया।
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विद्यार्थियों ने देश में अमन व शांति की प्रार्थना की और आतंकवादी गतिविधि चलाने वालों की निंदा की। हरियाणा मुस्लिम पिछड़ा वर्ग सुधार समिति पानीपत के प्रधान हाजी शुकुर अहमद ने कहा कि महराना कब्रिस्तान ऐतिहासिक है और यहां पर समझौता धमाके में मारे 29 शवों को दफनाया गया था।
वे हर साल यहां पर बरसी मनाते हैं और मारे लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। इससे पहले समिति पदाधिकारियों व सदस्यों ने कब्रों पर फूल अर्पित किए।
इस मौके पर मोम्मद उस्मान अंसारी, डॉ. नफीस अहमद, हनीफ खान, मुफ्ती शराफत अली, मोलाना इरफान, मोलाना नसीम, मोलाना अब्दुल वदूद, मोलाना तूफैल व हाजी जहूर अहमद मौजूद रहे। विदित है कि 18 फरवरी 2007 को दिल्ली लाहौर समझौता एक्सप्रैस में पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन धमाका कर दिया था। ट्रेन की दो बोगियां पूरी तरह से जल गई थी और इनमें बैठे 68 यात्री जिंदा जल गए थे। इनमें से 49 की पहचान कर ली गई थी और चार यात्रियों को डीएनए के माध्यम पहचाना गया था। 15 यात्रियों की आज तक पहचान नहीं हो सकी है। इनके शवों को महराना गांव स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया था।
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समिति के लोगों ने आतंकवादी गतिविधियां चलाने वाले लोगों को सदबुद्धि की भी की। वहीं समझौता धमाके की दसवीं बरसी पर कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा। समिति ने नौ साल पहले की मांगों को आज तक पूरा न करने पर अफसोस व्यक्त किया।
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हरियाणा मुस्लिम पिछड़ा वर्ग सुधार समिति द्वारा शुक्रवार को समझौता एक्सप्रैस की दसवीं बरसी महराना स्थित कब्रिस्तान में मनाई गई।
समिति व जामीया सोतूल कुरान पब्लिक स्कूल महराना के विद्यार्थियों कुरान पढ़कर समझौता धमाके में मारे लोगों की आत्मा की शांति की दुआ की और दो मिनट का मौन रखा गया।
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विद्यार्थियों ने देश में अमन व शांति की प्रार्थना की और आतंकवादी गतिविधि चलाने वालों की निंदा की। हरियाणा मुस्लिम पिछड़ा वर्ग सुधार समिति पानीपत के प्रधान हाजी शुकुर अहमद ने कहा कि महराना कब्रिस्तान ऐतिहासिक है और यहां पर समझौता धमाके में मारे 29 शवों को दफनाया गया था।
वे हर साल यहां पर बरसी मनाते हैं और मारे लोगों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। इससे पहले समिति पदाधिकारियों व सदस्यों ने कब्रों पर फूल अर्पित किए।
इस मौके पर मोम्मद उस्मान अंसारी, डॉ. नफीस अहमद, हनीफ खान, मुफ्ती शराफत अली, मोलाना इरफान, मोलाना नसीम, मोलाना अब्दुल वदूद, मोलाना तूफैल व हाजी जहूर अहमद मौजूद रहे। विदित है कि 18 फरवरी 2007 को दिल्ली लाहौर समझौता एक्सप्रैस में पानीपत के दीवाना रेलवे स्टेशन धमाका कर दिया था। ट्रेन की दो बोगियां पूरी तरह से जल गई थी और इनमें बैठे 68 यात्री जिंदा जल गए थे। इनमें से 49 की पहचान कर ली गई थी और चार यात्रियों को डीएनए के माध्यम पहचाना गया था। 15 यात्रियों की आज तक पहचान नहीं हो सकी है। इनके शवों को महराना गांव स्थित कब्रिस्तान में दफनाया गया था।