फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Salvation is possible only through a life full of Vedic values

Panipat News: वैदिक संस्कारयुक्त जीवन से ही मोक्ष संभव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 27 May 2024 05:33 AM IST
विज्ञापन
Salvation is possible only through a life full of Vedic values
पानीपत। आर्य बाल भारती पब्लिक स्कूल में रविवार को पांच दिवसीय शारीरिक एवं बौद्धिक प्रशिक्षण शिविर का शानदार आगाज किया गया। यह आयोजन सर्वदेशीय आर्य प्रतिनिधि सभा द्वारा किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वैदिक संस्कारों पर आधारित जीवन पाकर ही मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर सकते हैं।
विज्ञापन

आर्य प्रतिनिधि सभा रोहतक के प्रधान सेठ राधा कृष्ण आर्य मुख्यातिथि और महामंत्री उमेश शर्मा विशिष्ट अतिथि रहे। आर्य गुरुकुल इंद्रप्रस्थ फरीदाबाद के आचार्य ऋषिपाल, अंतरंग सदस्य आर्य राममेहर कैथल, अंतरंग सदस्य रामपाल शास्त्री सम्मानित अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य बाल भारती के प्रधान रणदीप आर्य ने की। प्रधानाचार्य सत्यवान मलिक ने सबका स्वागत किया और जगदीश चहल ने सबका आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र के साथ किया।
विज्ञापन

मुख्यातिथि सेठ राधा कृष्ण आर्य ने कहा कि 31 मार्च 2025 से पूर्व प्रदेश में 150 वीर दल शिविर लगाए जाने की घोषणा की। इसी कड़ी में आगामी दो से 16 जून तक आर्य गुरुकुल इंद्रप्रस्थ फरीदाबाद में आर्य वीर दल के लड़कों का शिविर और 16 से 25 जून तक आर्य वीरांगना दल का प्रशिक्षण शिविर फरीदाबाद में ही लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वेद विश्व की सबसे प्राचीन पुस्तक है। वैदिक संस्कारों पर आधारित जीवन पाकर ही मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर सकते हैं। समाज से अशिक्षा, अज्ञानता और अंधविश्वास व आडंबर को समाप्त करने के लिए ही स्वामी दयानंद ने आर्य समाज की स्थापना की थी। आज विश्व में लगभग 10 हजार आर्य संस्थाएं, शिक्षण संस्थाएं समाज सेवा के कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले पाश्चात्य संस्कृति और फिर मुगल संस्कृति ने भारत में वैदिक संस्कृति को ठेस पहुंचाने का कार्य किया। ऐसे समय में ऋषि दयानंद ने समाज से अशिक्षा, अज्ञानता, छुआछूत, सती प्रथा जैसी बुराइयों को समाप्त करके भारत को आजाद करवाने में अहम भूमिका निभाई।आजादी के बाद आर्य शिक्षण संस्थाएं समाज में जागृति लाने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पाश्चात्य और मुगल संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के कारण साज समाज में जहां नशा व व्यभिचार और अत्याचार की घटनाएं अधिक घटने लगी हैं, वहीं देश की सीमाओं पर भी खतरा मंडरा रहा है। ऐसे समय में आर्य वीर दल की सेवाओं की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed