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सामाजिक कुरीतियों के विरोधी थे संत कबीर : ओमवीर
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पानीपत। सदगुरु कबीर साहेब के 627वे प्राकट्य दिवस के अवसर पर श्री सदगुरु जनसेवा समिति (रजि) के तत्वावधान में तहसील कैंप स्थित कबीर आश्रम में वार्षिकोत्सव संत समागम समारोह का आयोजन किया गया। इसमें कबीर के सामाजिक योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने कहा कि संत कबीर सामाजिक कुरीतियों के विरोधी थे।
संत-समागम समारोह महंत सुंदर दास साहेब की देखरेख में किया। जिसमें हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड से महंत बिरमदास साहेब, दिल्ली रोहणी से महंत डॉ. नीरज स्वामी साहेब, कुरुक्षेत्र से महंत देवनारायण साहेब, तितरवाडा से मंहत गंगादास साहेब, बड़ौत से महंत धीरदास साहेब, पानीपत परमहंस कुटिया महंत ज्ञानेश्वर दास साहेब, कुरुक्षेत्र से साध्वी भारती दास के अलावा काफी संख्या में साधू संत की गरिमामय उपस्थिति रही। समारोह में एनसीसी विभाग के उप-अधीक्षक पालेराम पवार, एएसआई सुखबीर सिंह मुहाल ने बतौर मुख्यातिथि पहुंचकर दीप प्रज्वलित कर समागम की शुरूआत की गई।
इससे पहले उपस्थित महंतों, श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में सच्चाई के प्रतीक सफेद रंग के झंडे का पूजा-अर्चन कर ध्वजारोहण किया। समिति उपाध्यक्ष व समाजसेवी डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब विश्व में एक ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने पूरी मानव जाति को रुढ़िवादी व्यवस्था व पाखंडवाद के अंधकार से बाहर निकलने में जागरूक करते हुए सभी के कल्याण की बात की।
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महंत सुंदर दास ने कहा कि अगर हम सद्गुरु कबीर साहेब की वाणियो का अनुसरण करें तो निशिचत तौर पर हमारा जीवन सफल हो जाएगा। कबीर साहेब के एक-एक वाणी में जीव के कल्याण की बात को दर्शाया गया। महंत डॉ. नीरज स्वामी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सद्गुरु कबीर साहेब की वाणियों से अवगत कराना चाहिए। युवा पीढ़ी चकाचौंध जीवन को अपनाकर अपने जीवन को बर्बाद करने में लगा हुआ है। यह हम संतों की जिम्मेदारी बनती है कि हम समाज को सद्गुरु कबीर साहेब के रास्ते पर चलाकर उनके जीवन को सफल बनाने मददगार बने।
इस अवसर समिति प्रधान पदम सिंह, महासचिव महेंद्र गाहल्याण, सचिव विकास कुमार, कोषाध्यक्ष रमेश डागर, सदस्य रामकुमार, पालेराम पवार, नवीन मुंडाल, अमित पंवार, नरेश कुमार, रामपाल तोमर व कंवरपाल मौजूद रहे।
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संत-समागम समारोह महंत सुंदर दास साहेब की देखरेख में किया। जिसमें हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड से महंत बिरमदास साहेब, दिल्ली रोहणी से महंत डॉ. नीरज स्वामी साहेब, कुरुक्षेत्र से महंत देवनारायण साहेब, तितरवाडा से मंहत गंगादास साहेब, बड़ौत से महंत धीरदास साहेब, पानीपत परमहंस कुटिया महंत ज्ञानेश्वर दास साहेब, कुरुक्षेत्र से साध्वी भारती दास के अलावा काफी संख्या में साधू संत की गरिमामय उपस्थिति रही। समारोह में एनसीसी विभाग के उप-अधीक्षक पालेराम पवार, एएसआई सुखबीर सिंह मुहाल ने बतौर मुख्यातिथि पहुंचकर दीप प्रज्वलित कर समागम की शुरूआत की गई।
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इससे पहले उपस्थित महंतों, श्रद्धालुओं द्वारा मंदिर में सच्चाई के प्रतीक सफेद रंग के झंडे का पूजा-अर्चन कर ध्वजारोहण किया। समिति उपाध्यक्ष व समाजसेवी डॉ. ओमवीर सिंह पंवार ने कहा कि सद्गुरु कबीर साहेब विश्व में एक ऐसे महापुरुष हुए जिन्होंने पूरी मानव जाति को रुढ़िवादी व्यवस्था व पाखंडवाद के अंधकार से बाहर निकलने में जागरूक करते हुए सभी के कल्याण की बात की।
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महंत सुंदर दास ने कहा कि अगर हम सद्गुरु कबीर साहेब की वाणियो का अनुसरण करें तो निशिचत तौर पर हमारा जीवन सफल हो जाएगा। कबीर साहेब के एक-एक वाणी में जीव के कल्याण की बात को दर्शाया गया। महंत डॉ. नीरज स्वामी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को सद्गुरु कबीर साहेब की वाणियों से अवगत कराना चाहिए। युवा पीढ़ी चकाचौंध जीवन को अपनाकर अपने जीवन को बर्बाद करने में लगा हुआ है। यह हम संतों की जिम्मेदारी बनती है कि हम समाज को सद्गुरु कबीर साहेब के रास्ते पर चलाकर उनके जीवन को सफल बनाने मददगार बने।
इस अवसर समिति प्रधान पदम सिंह, महासचिव महेंद्र गाहल्याण, सचिव विकास कुमार, कोषाध्यक्ष रमेश डागर, सदस्य रामकुमार, पालेराम पवार, नवीन मुंडाल, अमित पंवार, नरेश कुमार, रामपाल तोमर व कंवरपाल मौजूद रहे।