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‘साहब ! जिस कार के आगे से गुजर जाता हूं, लॉक खुद खुल जाते हैं’
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sat, 10 Sep 2016 12:13 AM IST
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साहब, मैं जिस कार के आगे से गुजर जाता हूं, उसका लॉक चाहे कैसा भी हो खुद-ब-खुद खुल जाता है। आत्मविश्वास से भरे ये लब्ज बीटेक पास इंजीनियर और कार चोरी के आरोपी हरप्रीत उर्फ स्मार्टी के हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल, हरप्रीत मैकेनिकल में बीटेक पास है। उसको मशीनों की गहरी जानकारी है। उसने बताया कि उसका बचपन से ही मशीनों को ठीक करने और उनके कलपुर्जे खोलने में मन लगता था। पिता ने उसकी रुचि देखते हुए उसे बीटेक कराया। इसके बाद हरप्रीत अच्छा मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहता था। उसका सपना राष्ट्रीय स्तर की कंपनी में नौकरी करने का था। लेकिन पिता का अचानक निधन हो गया। इसके बाद उसे पिता के गैरेज को संभालना पड़ा। वह गैरेज नहीं संभाल सका और अमीर बनने के लिए चोरी करने लगा।
2005 में पटियाला से की बीटेक
हरप्रीत के पास गाड़ियों के लॉक खोलने, गाडिय़ों में लॉक लगाने, खस्ताहाल कारों को मोडीफाई करने कला है। इसलिए हरप्रीत के पिता ने 2005 में उसे पटियाला के इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाया था। हरप्रीत के हुनर पर पिता को भी नाज था।
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परेशानियों ने घेरा तो बन गया कार चोर
हरप्रीत को आर्थिक परेशानियों ने घेर लिया। दो वक्त की रोटी कमाना भी मुश्किल हो गया। इसके बाद उसने चोरी करना शुरू कर लिया। हरप्रीत ने पंजाब में कई कार चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद मोहाली, हरियाणा और दिल्ली में कई वारदात कीं। इस दौरान कई साल हरप्रीत कार चोरी के मामले में अंबाला में जेल में बंद रहा। वह 28 अगस्त को रिहा हुआ तो 60 हजार रुपये के लालच में फिर चोरी करने लगा।
हरप्रीत उर्फ स्मार्टी और उसके साथी को चोरी की इनोवा के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने बचने के लिए पुलिस पर भी फायरिंग कर दी। पूछताछ में हरप्रीत ने खुद को बीटेक पास बताया है। पुलिस दोनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी।
मनोज वर्मा, प्रभारी, सीआईए-टू पानीपत।
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दरअसल, हरप्रीत मैकेनिकल में बीटेक पास है। उसको मशीनों की गहरी जानकारी है। उसने बताया कि उसका बचपन से ही मशीनों को ठीक करने और उनके कलपुर्जे खोलने में मन लगता था। पिता ने उसकी रुचि देखते हुए उसे बीटेक कराया। इसके बाद हरप्रीत अच्छा मैकेनिकल इंजीनियर बनना चाहता था। उसका सपना राष्ट्रीय स्तर की कंपनी में नौकरी करने का था। लेकिन पिता का अचानक निधन हो गया। इसके बाद उसे पिता के गैरेज को संभालना पड़ा। वह गैरेज नहीं संभाल सका और अमीर बनने के लिए चोरी करने लगा।
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2005 में पटियाला से की बीटेक
हरप्रीत के पास गाड़ियों के लॉक खोलने, गाडिय़ों में लॉक लगाने, खस्ताहाल कारों को मोडीफाई करने कला है। इसलिए हरप्रीत के पिता ने 2005 में उसे पटियाला के इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला दिलाया था। हरप्रीत के हुनर पर पिता को भी नाज था।
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परेशानियों ने घेरा तो बन गया कार चोर
हरप्रीत को आर्थिक परेशानियों ने घेर लिया। दो वक्त की रोटी कमाना भी मुश्किल हो गया। इसके बाद उसने चोरी करना शुरू कर लिया। हरप्रीत ने पंजाब में कई कार चोरी की वारदातों को अंजाम देने के बाद मोहाली, हरियाणा और दिल्ली में कई वारदात कीं। इस दौरान कई साल हरप्रीत कार चोरी के मामले में अंबाला में जेल में बंद रहा। वह 28 अगस्त को रिहा हुआ तो 60 हजार रुपये के लालच में फिर चोरी करने लगा।
हरप्रीत उर्फ स्मार्टी और उसके साथी को चोरी की इनोवा के साथ गिरफ्तार किया है। उन्होंने बचने के लिए पुलिस पर भी फायरिंग कर दी। पूछताछ में हरप्रीत ने खुद को बीटेक पास बताया है। पुलिस दोनों आरोपियों को शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी।
मनोज वर्मा, प्रभारी, सीआईए-टू पानीपत।