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संपत्ति मूल्यांकन में सुधार के लिए मांगे रुपये
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समालखा। संपत्ति मूल्यांकन में सुधार के लिए याशी कंपनी के एक कर्मचारी पर रुपये मांगने का आरोप लगाया गया है। पीड़ित ने नगर पालिका सचिव को इसकी शिकायत की है। दूसरी तरफ नगर पालिका में कंपनी ने मैन्युअली सुधारीकरण का कार्य बंद कर दिया है। लोगों को आपत्ति दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। गौरतलब है कि रविवार को नगर निगम में इस तरह का मामला आ चुका है।
एक व्यक्ति ने नपा सचिव मनीष शर्मा के सामने पेश होकर कंपनी के कर्मी पर तीन हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उसने फोन रिकार्डिंग भी सुनाई। दूसरी ओर सचिव का कहना है कि मौखिक शिकायत मिली है। लिखित में शिकायत नहीं मिली है। इसके बावजूद कंपनी के पदाधिकारियों को इससे अवगत कराएंगे।
गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले याशी कंपनी की ओर से शहर में प्रॉपर्टी सर्वे कर आईडी बनाई गई। एक माह पहले कंपनी ने शहर में असेसमेंट बिल वितरित किए थे, ताकि किसी की प्रॉपर्टी के मूल्यांकन में कोई खामी है तो नगरपालिका में कंपनी के कर्मचारियों के पास जाकर या ऑनलाइन ठीक कराया जा सके लेकिन अब मैन्युअली काम बंद कर केवल ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने को कहा जाता है। आंकड़ों के अनुसार, शहर की करीब 13 हजार प्रॉपर्टी सर्वे में से 90 प्रतिशत सर्वे में खामियां सामने आ रही हैं। दूसरी ओर नपा सचिव मनीष शर्मा किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की आपत्ति को कंपनी घर-घर जाकर ठीक करेगी।
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एक व्यक्ति ने नपा सचिव मनीष शर्मा के सामने पेश होकर कंपनी के कर्मी पर तीन हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया है। उसने फोन रिकार्डिंग भी सुनाई। दूसरी ओर सचिव का कहना है कि मौखिक शिकायत मिली है। लिखित में शिकायत नहीं मिली है। इसके बावजूद कंपनी के पदाधिकारियों को इससे अवगत कराएंगे।
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गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले याशी कंपनी की ओर से शहर में प्रॉपर्टी सर्वे कर आईडी बनाई गई। एक माह पहले कंपनी ने शहर में असेसमेंट बिल वितरित किए थे, ताकि किसी की प्रॉपर्टी के मूल्यांकन में कोई खामी है तो नगरपालिका में कंपनी के कर्मचारियों के पास जाकर या ऑनलाइन ठीक कराया जा सके लेकिन अब मैन्युअली काम बंद कर केवल ऑनलाइन आपत्ति दर्ज कराने को कहा जाता है। आंकड़ों के अनुसार, शहर की करीब 13 हजार प्रॉपर्टी सर्वे में से 90 प्रतिशत सर्वे में खामियां सामने आ रही हैं। दूसरी ओर नपा सचिव मनीष शर्मा किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लोगों की आपत्ति को कंपनी घर-घर जाकर ठीक करेगी।
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