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राष्ट्रव्यापी हड़ताल का मिला जुला रहा असर, सरकारी विभागों में भटकते रहे लोग
ब्यूरो/अमर उजाला पानीपत
Updated Thu, 03 Sep 2015 12:23 AM IST
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ट्रेड यूनियनों, फैडरेशनों और कर्मचारी संघों के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के आह्वान के चलते पानीपत में हड़ताल का मिला जुला असर रहा। रोडवेज डिपो और यूनियन नेताओं में बसों के चलाने को लेकर आपस में ठनी रही। फिर भी रोडवेज की ओर से ज्यादातर बसों को लोकल रूटों पर चलाया गया। लंबे रूटों पर बसों को एकदम बंद रखा गया। पानीपत रोडवेज डिपो के बेडे़ में 150 बसें हैं जिसमें से करीब 125 बसों को चलाया गया। वहीं, यूनियन नेताओं के अनुसार पानीपत रोडवेज की करीब 30 बसें ही रूटों पर चली।
कर्मचारियों ने किया चक्का जाम
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन कर्मचारियों ने डिपो बंद का ऐलान करते हुए रोडवेज का चक्का जाम कर दिया। बस स्टैंड के गेट पर बैठे यूनियन सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। रोडवेज बसों को डिपो में खड़ा देख यात्री ट्रेनों व प्राइवेट बसों की तरफ रुख करते नजर आए। जबकि रोडवेज प्रशासन दावा करता रहा कि हड़ताल का 30 प्रतिशत तक ही असर हुआ है।
संघ के आह्वान पर शहर के सभी विभागों में टूरिज्म, पब्लिक हेल्थ, रोडवेज, नगरपालिका, हुडा, सिंचाई, बिजली निगम, वन विभाग, अध्यापक संघ, लिपिक संघ, पटवारी संघ से जुड़ी तमाम यूनियनों ने हड़ताल में हिस्सा लेकर कामकाज ठप रखा। संघ के जिला प्रधान तेजपाल सचिव धर्मवीर सारसर पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि सभी विभागों के कर्मचारियों ने सुबह ही अपने अपने कार्यालय पर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
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इसके बाद सभी ट्रेड यूनियनों के साथ जीटी रोड पर प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर अगर सरकार ने कारगर कदम नहीं उठाया तो सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन को सुलतान देशवाल, कश्मीरा सिंह, सुनील कुमार, महावीर, जमनादास ने संबोधित किया।
हड़ताल के चलते 7 लाख रुपए का नुकसान
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन द्वारा रोडवेज का चक्का जाम करने पर करीब सात लाख रुपये तक रोडवेज को नुकसान उठाना पड़ा है। लंबे रूटों हांसी, हिसार, यमुनानगर, चंडीगढ़ आदि की तरफ जाने वाले यात्रियों को मुश्किल उठानी पड़ी। इसके अलावा दूसरे राज्यों में जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने नारेबाजी कर जताया रोष
मांगों को लेकर यूनियन पदाधिकारयिों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य खंजाची राजपाल, राज्य कमेटी सदस्य सुलतान लठवाल ने बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा देश के किसानों व मजदूरों सहित तमाम मेहनतकश वर्ग इन विनाशकारी नीतियों के खिलाफ हड़ताल कर रहा है। यह हड़ताल रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल को वापस करवाने, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, ठेका प्रथा बंद करने, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव बंद करवाने आदि को लेकर की गई है।
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रखा काम बंद
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार रात 10 बजे से ही काम बंद कर दिया। मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। यूनियन प्रधान यशपाल ने बताया कि सरकार की कर्मचारी व मजदूर विरोधी नीति के चलते सभी में रोष पनप रहा है। सरकार मांगों को लेकर कारगर कदम नहीं उठाएंगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। शहर में बिजली विभाग के सब स्टेशनों के दफ्तरों पर ताले नजर आए?
खाली रहे कार्यालय
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बिजली विभाग में देखने को मिला। विभाग के शहर में स्थित ज्यादातर कार्यालयों में ताले लटके नजर आए। और जो कार्यालय खुले थे। उन कार्यालयों में एक भी कर्मचारी नजर नहीं आया।
क्या कहते है यूनियन पदाधिकारी
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान तेजपाल ने कहा कि कर्मचारी लंबे से कर्मचारी संघ के बैनर तले मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते आ रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर सरकार समय रहते कोई कारगर कदम नहीं उठाती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी स्वयं सरकार की होगी।
इन मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल को वापस करवाने, बिजली बिल 2014 रद करवाने, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा पर रोक लगवाने, श्रम कानूनों में मजदूर कर्मचारी विरोधी बदलाव बंद किया जाए, शिक्षा के स्तर में सुधार कर सबको सस्ती शिक्षा उपलब्ध की जाए, सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर बेरोजगार युवकों को स्थाई रोजगार देने आदि मुद्दे को लेकर हड़ताल की गई।
हड़ताल के चलते प्रशासन रहा अलर्ट
बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते कहीं कोई हिंसक घटना न घटित हो जाए इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। बस स्टैंड पर पुलिस प्रशासन की तैनाती के साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी की गई। कानून व्यवस्था के लिए एसडीएम व ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए।
हड़ताल के बावजूद 150 बसों में से करीब सवा सौ बसें चलाई गईं। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य जाने में कोई दिक्कत नहीं उठानी पड़ी है। रोडवेज को करीब 7 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा फाइनल फिगर करने में एक दिन का समय लगेगा।
जोगिंद्र सिंह, जीएम रोडवेज पानीपत डिपो
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कर्मचारियों ने किया चक्का जाम
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन कर्मचारियों ने डिपो बंद का ऐलान करते हुए रोडवेज का चक्का जाम कर दिया। बस स्टैंड के गेट पर बैठे यूनियन सदस्यों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रोष व्यक्त किया। रोडवेज बसों को डिपो में खड़ा देख यात्री ट्रेनों व प्राइवेट बसों की तरफ रुख करते नजर आए। जबकि रोडवेज प्रशासन दावा करता रहा कि हड़ताल का 30 प्रतिशत तक ही असर हुआ है।
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संघ के आह्वान पर शहर के सभी विभागों में टूरिज्म, पब्लिक हेल्थ, रोडवेज, नगरपालिका, हुडा, सिंचाई, बिजली निगम, वन विभाग, अध्यापक संघ, लिपिक संघ, पटवारी संघ से जुड़ी तमाम यूनियनों ने हड़ताल में हिस्सा लेकर कामकाज ठप रखा। संघ के जिला प्रधान तेजपाल सचिव धर्मवीर सारसर पूर्व प्रधान सुरेश कुमार ने बताया कि सभी विभागों के कर्मचारियों ने सुबह ही अपने अपने कार्यालय पर केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया।
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इसके बाद सभी ट्रेड यूनियनों के साथ जीटी रोड पर प्रदर्शन किया। मांगों को लेकर अगर सरकार ने कारगर कदम नहीं उठाया तो सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले बड़ा आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन को सुलतान देशवाल, कश्मीरा सिंह, सुनील कुमार, महावीर, जमनादास ने संबोधित किया।
हड़ताल के चलते 7 लाख रुपए का नुकसान
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन द्वारा रोडवेज का चक्का जाम करने पर करीब सात लाख रुपये तक रोडवेज को नुकसान उठाना पड़ा है। लंबे रूटों हांसी, हिसार, यमुनानगर, चंडीगढ़ आदि की तरफ जाने वाले यात्रियों को मुश्किल उठानी पड़ी। इसके अलावा दूसरे राज्यों में जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन ने नारेबाजी कर जताया रोष
मांगों को लेकर यूनियन पदाधिकारयिों ने नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त किया। हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य खंजाची राजपाल, राज्य कमेटी सदस्य सुलतान लठवाल ने बताया कि केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा देश के किसानों व मजदूरों सहित तमाम मेहनतकश वर्ग इन विनाशकारी नीतियों के खिलाफ हड़ताल कर रहा है। यह हड़ताल रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल को वापस करवाने, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, ठेका प्रथा बंद करने, श्रम कानूनों में मजदूर विरोधी बदलाव बंद करवाने आदि को लेकर की गई है।
बिजली विभाग के कर्मचारियों ने रखा काम बंद
राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते बिजली कर्मचारियों ने मंगलवार रात 10 बजे से ही काम बंद कर दिया। मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। यूनियन प्रधान यशपाल ने बताया कि सरकार की कर्मचारी व मजदूर विरोधी नीति के चलते सभी में रोष पनप रहा है। सरकार मांगों को लेकर कारगर कदम नहीं उठाएंगी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। शहर में बिजली विभाग के सब स्टेशनों के दफ्तरों पर ताले नजर आए?
खाली रहे कार्यालय
हड़ताल का सबसे ज्यादा असर बिजली विभाग में देखने को मिला। विभाग के शहर में स्थित ज्यादातर कार्यालयों में ताले लटके नजर आए। और जो कार्यालय खुले थे। उन कार्यालयों में एक भी कर्मचारी नजर नहीं आया।
क्या कहते है यूनियन पदाधिकारी
सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान तेजपाल ने कहा कि कर्मचारी लंबे से कर्मचारी संघ के बैनर तले मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते आ रहे हैं। उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि अगर सरकार समय रहते कोई कारगर कदम नहीं उठाती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसकी जिम्मेवारी स्वयं सरकार की होगी।
इन मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल
रोड ट्रांसपोर्ट एंड सेफ्टी बिल को वापस करवाने, बिजली बिल 2014 रद करवाने, सार्वजनिक क्षेत्रों के निजीकरण, आउटसोर्सिंग व ठेका प्रथा पर रोक लगवाने, श्रम कानूनों में मजदूर कर्मचारी विरोधी बदलाव बंद किया जाए, शिक्षा के स्तर में सुधार कर सबको सस्ती शिक्षा उपलब्ध की जाए, सरकारी विभागों में खाली पड़े लाखों पदों पर बेरोजगार युवकों को स्थाई रोजगार देने आदि मुद्दे को लेकर हड़ताल की गई।
हड़ताल के चलते प्रशासन रहा अलर्ट
बुधवार को राष्ट्रव्यापी हड़ताल के चलते कहीं कोई हिंसक घटना न घटित हो जाए इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। बस स्टैंड पर पुलिस प्रशासन की तैनाती के साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी की गई। कानून व्यवस्था के लिए एसडीएम व ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात किए गए।
हड़ताल के बावजूद 150 बसों में से करीब सवा सौ बसें चलाई गईं। ऐसे में लोगों को अपने गंतव्य जाने में कोई दिक्कत नहीं उठानी पड़ी है। रोडवेज को करीब 7 लाख का नुकसान हुआ है। इसके अलावा फाइनल फिगर करने में एक दिन का समय लगेगा।
जोगिंद्र सिंह, जीएम रोडवेज पानीपत डिपो